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	<title>बुंदेलखंड खबर Archives | Soochana Sansar</title>
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	<title>बुंदेलखंड खबर Archives | Soochana Sansar</title>
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	<item>
		<title>मौरम खंड सांडी 77 के बालू ठेकेदारों ने ली निर्दोष पंकज की जान !</title>
		<link>https://soochanasansar.in/sand-contractors-of-moram-section-sandi-77-took-the-life-of-innocent-pankaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 04:56:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Stories]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>खबर : आशीष सागर दीक्षित,बाँदा। इस खदान मे ताबड़तोड़ अवैध खनन से किसान परेशान, केन नदी हलकान। तीन दिन पहले रास्ते को लेकर खदान संचालक और पंकज के हुआ था विवाद। मृतक पंकज की पत्नी संगीता ने पैलानी थाने मे दी है लिखित तहरीर। बांदा। ज़िले के पैलानी थाना की सांडी खण्ड 77 मौरम ठेकेदारों &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/sand-contractors-of-moram-section-sandi-77-took-the-life-of-innocent-pankaj/">मौरम खंड सांडी 77 के बालू ठेकेदारों ने ली निर्दोष पंकज की जान !</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>खबर : आशीष सागर दीक्षित,बाँदा। </strong></p>



<p><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1400" height="1867" class="wp-image-16853" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0006.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0006.jpg 960w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0006-225x300.jpg 225w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0006-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>इस खदान मे ताबड़तोड़ अवैध खनन से किसान परेशान, केन नदी हलकान।</strong></li>



<li><strong>तीन दिन पहले रास्ते को लेकर खदान संचालक और पंकज के हुआ था विवाद।</strong></li>



<li><strong>मृतक पंकज की पत्नी संगीता ने पैलानी थाने मे दी है लिखित तहरीर।</strong></li>
</ul>



<p><em><strong>बांदा</strong>।</em> ज़िले के पैलानी थाना की सांडी खण्ड 77 मौरम ठेकेदारों ने दबंगई से मौरम लूट की मनमानी को रोकने वाले ग्रामीणों को उनके अंजाम तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। किसान व उनके आश्रित सहारे लहु-लूहान हो रहें है। इस क्षेत्र के किसान पंकज ने अपनी जमीन और रास्ते से बालू की निकासी को रोकने के लिये विरोध किया तो उसको अपनी जान देकर कीमत चुकानी पड़ी है। मामला बीती 29 दिसम्बर की रात करीब समय लगभग 8 बजे का है। खप्टिहाकला से ट्रैक्टर लेकर आ रहे पंकज पर साडी 77 से बालू लेकर जा रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे ट्राली पलट गयी और चालक पंकज की दबकर मौके पर ही दुखद मौत हो गयी। बस फिर क्या था ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतक पीड़ित परिवार सहित ग्रामीणों ने लाश को घटनास्थल पर रखकर आरोपी खदान संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और अंतिम संस्कार न कराने की जिद को लेकर अड़ गये है। जानकारी मुताबिक मौके घटनास्थल पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और एसओ सहित घटना स्थल का मुआयना कर आये थे लेकिन देर शाम तक पीड़ितों की मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों का आक्रोश चौथे आसमान पर दिख रहा था। सूत्र व ग्रामीणों ने बताया कि न्यू यूरेका माइंस एण्ड मिनरल्स प्राइवेट लि. हिमांशु मीणा को साडी 77 आवंटित हुआ था। यह रसमीत मल्होत्रा मध्यप्रदेश ग्रुप की प्रभावशाली खदान है। फर्म संचालक ने इस सीजन मे यह खदान अशोक यादव,40 फीसदी के हिस्सेदार कैलाश यादव और बबलू सिंह मीडिया मैनेजर को सौंप दिया है। </p>



<p><img decoding="async" width="400" height="533" class="wp-image-16854" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0002.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0002.jpg 960w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0002-225x300.jpg 225w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0002-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>



<p>गत वर्ष की इमामी टीम रफादफा है। इस खंड मे अवैध खनन को लेकर कई बार ग्रामीणों के द्वारा जिला स्तर पर शिकायतें भी की गयी लेकिन समय रहते किसी भी सक्षम अधिकारी के द्वारा शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। एनजीटी मे भी यह खदान निशाने पर है। किंतु अवैध खनन चरम पर है। खेत से परिवहन विरोध पर क्षेत्र के एक विवाहित युवक पंकज को अपनी जान गंवानी पड़ गई। यहां के ग्राम प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि थाना पैलानी के उसरा डेरा मजरा खैरेई का निवासी मृतक पंकज निषाद (25) की पत्नी संगीता ने एसएचओ को दी तहरीर मे बताया है कि तीन चार दिन पहले खदान संचालक अशोक यादव, बबलू सिंह और कैलाश यादव उर्फ पहलवान से रास्ते से ट्रक निकालने को लेकर पंकज का विवाद हुआ था। मृतक पंकज ने अपनी जमीन से ट्रक निकालने से मना किया था जिस पर आरोपी जनों के द्वारा धमकी दी गयी थी देख लेंगे। बीती रात 29 दिसम्बर को रात लगभग 8 बजे जब पंकज खप्टिहाकला से टै्रक्टर लेकर चला आ रहा था तभी साडी 77 से बालू लदे ट्रक के द्वारा जोरदार टक्कर मारकर ट्राली को पलटा दिया गया, जिसमें दबकर पंकज की मौके पर मौत हो गयी है।</p>



<p><strong><em>किसान की मौत के बाद विरोध का ग़दर</em> &#8211;</strong></p>



<p><img decoding="async" width="402" height="536" class="wp-image-16857" style="width: 402px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0005.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0005.jpg 960w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0005-225x300.jpg 225w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251231-WA0005-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 402px) 100vw, 402px" /><strong> </strong></p>



<p>ट्रक की टक्कर से पंकज निषाद की मौत होने के बाद से ग्रामीण और पीड़ित परिजन घटना स्थल पर शव को रखकर आरोपी जनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जिद पर अड़े हुये है। इस घटना की जनकारी होने पर पैलानी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगों और लेखपाल सहित पैलानी एसएचओ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी जनों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया जाए उसके बाद मृतक पंकज के शव का पंचनामा भरा जाए। बीती देर शाम तक पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। मृतक की पत्नी पीड़ित संगीता के द्वारा पैलानी थाने में लिखित तहरीर दे दी गयी है। उधर 29 दिसंबर को ही मंडल आयुक्त ने इस खदान व अन्य मे अवैध खनन को लेकर जांच के आदेश डीएम बाँदा को दिये है। बाँदा मे ग्रेनाइट व मौरम खदानों पर अकाल मौतों का यह सिलसिला गाहेबगाहे चलता रहता है। यही सिस्टम और यही दस्तूर है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पैलानी के ग्राम सांडी किसानों ने मंडल आयुक्त को दिया अवैध खनन के सबूत और एनजीटी का ऑर्डर…..</title>
		<link>https://soochanasansar.in/farmers-of-sandi-village-of-paalani-gave-evidence-of-illegal-mining-and-ngt-order-to-the-divisional-commissioner/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 04:38:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Stories]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>खबर : आशीष सागर दीक्षित, संवाददाता सूचना संसार हिन्दी दैनिक मंडल आयुक्त ने दिए जिलाधिकारी को जांच के आदेश। पांच दिन मे ग्राउंड पर जाकर आख्या देने के निर्देश। बाँदा। सोमवार को जिले के ग्राम सांडी से मुख्यालय आये किसानों ने गांव मे अवैध खनन के रामराज्य पर करुण कथा मंडल आयुक्त को सुनाई है। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/farmers-of-sandi-village-of-paalani-gave-evidence-of-illegal-mining-and-ngt-order-to-the-divisional-commissioner/">पैलानी के ग्राम सांडी किसानों ने मंडल आयुक्त को दिया अवैध खनन के सबूत और एनजीटी का ऑर्डर…..</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em><strong>खबर : आशीष सागर दीक्षित, संवाददाता सूचना संसार हिन्दी दैनिक</strong></em></p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="238" class="wp-image-16845" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091839.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091839.jpg 1080w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091839-300x179.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091839-1024x610.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091839-768x457.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>मंडल आयुक्त ने दिए जिलाधिकारी को जांच के आदेश। पांच दिन मे ग्राउंड पर जाकर आख्या देने के निर्देश।</strong></li>
</ul>



<p><em><strong>बाँदा</strong>।</em> सोमवार को जिले के ग्राम सांडी से मुख्यालय आये किसानों ने गांव मे अवैध खनन के रामराज्य पर करुण कथा मंडल आयुक्त को सुनाई है। ज्ञापन देने वाले किसानों ने पत्र के साथ गत 3 दिसंबर 2025 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश भी संलग्न किया है। वहीं उपस्थित किसानों ने ग्राम पंचायत सांडी के साथ ही जिले की अन्य खदानों पर सीधा सवाल एनजीटी के आदेश को दिखाते हुए किया कि क्या आदेश फ़ाइल गार्ड की शोभा होतें है ? क्या झूठ से भरे हलफनामे एनजीटी मे दाखिल किए जाएंगे ? गौरतलब है कि किसानों ने लिखा कि उनके व अन्य द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण मे ओ.ए. याचिका संख्या 614/2025 दाखिल करके ग्राम सांडी के खंड 77 मे विगत दो साल से लगातार जारी लाल मौरम के अवैध खनन की रोकथाम को निवेदन किया गया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी की इस मूल याचिका मे भारत सरकार के महालेखा नियंत्रक एवं परीक्षक (सीएजी-कैग) की ऑडिट रिपोर्ट वाल्यूम नम्बर 9 वर्ष 2024 को भी दर्शाया गया है।</p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="237" class="wp-image-16847" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091856.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091856.jpg 1080w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091856-300x178.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091856-1024x607.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_091856-768x455.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>



<p> उल्लेखनीय है कि इस सीएजी / कैग की रिपोर्ट मे बुंदेलखंड समेत उत्तरप्रदेश के 11 ज़िलों मे अवैध खनन, फर्जी परिवहन के द्वारा खनिज निकासी करना एवं खनिज न्यास फाउंडेशन के दिशानिर्देश अनुसार किसी भी लीज क्षेत्र मे निर्धारित प्रति एकड़ 200 छायादार पौधों के रोपण करने की अवहेलना के तथ्यात्मक बिंदु समाहित है। किसानों ने कहा कि हम ग्राम सांडी के किसानों व व्हिसिल ब्लोअर की याचिका पर एनजीटी ने जिलाधिकारी के नेतृत्व मे संयुक्त जांच कमेटी बीते 3 दिसंबर के आदेश पर बनाई है। जिसकी आख्या आगामी 25 फरवरी 2026 को 6 सप्ताह मे माननीय पर्यावरण न्यायालय/एनजीटी को प्रस्तुत करना है। किंतु ज़िला खनिज अधिकारी राज रंजन व खनिज इंस्पेक्टर / खान निरीक्षक की बदौलत ग्राम सांडी खण्ड 77 सहित हाल ही मे प्रारंभ खपटिंहा कला 56/2 ताबड़तोड़ अवैध खनन नदी की जलधारा से किया जा रहा है। सांडी के खंड 77 के संचालक न्यू यूरेका माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के आनर हिमांशु मीणा है। वे लिखतें है कि यह फर्म मध्यप्रदेश के बाहुबली खनन ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा निवासी पिपरिया ज़िला होशंगाबाद ग्रुप के सौजन्य से संचालित हो रही है। ज़िसमें पूर्व सपा एमएलसी के बेटे कैलाश यादव उर्फ पहलवान, मानू सिंह व अन्य हिस्सेदारी लिए है।</p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="717" class="wp-image-16848" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092015.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092015.jpg 1080w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092015-167x300.jpg 167w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092015-571x1024.jpg 571w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092015-768x1377.jpg 768w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092015-856x1536.jpg 856w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>



<p> ज्ञापन अनुसार किसान कहतें है कि ज़िले के अति क्रिटिकल जोन तिंदवारी विधानसभा के पैलानी तहसील के सांडी खण्ड 77 मे वर्ष 2024 से केन नदी को मृत करने की सुनियोजित साज़िश मल्होत्रा ग्रुप अपनी फर्म से करा रहें हैं। उक्त प्रार्थना पत्र मे लिखा गया कि दुःखद परिदृश्य है कि बाँदा ज़िले मे इस सत्र की फिलहाल 15 मौरम खदानों मे मौरम माफियाओं का सफेदपोश कद्दावर नेताओं से गठजोड़ है। जिसमें पूर्व कांग्रेस के तिंदवारी विधायक व वर्तमान बीजेपी नेता दलजीत सिंह भी शामिल हैं। नरैनी-गिरवां के कोलावल-रायपुर सहित आसपास इनका भी मल्होत्रा ग्रुप से नेटवर्क स्थापित है। मंडल आयुक्त को दिए दो पेज के ज्ञापन मे एनजीटी का आर्डर भी लगाया गया है। जिस पर स्पष्ट है कि बाँदा के ही थाना मटौंध के ग्राम मरौली मे खण्ड 5 संचालक संजीव गुप्ता ने वहां के प्रधान प्रतिनिधि मनोज यादव मुताबिक गांव को लाल मौरम के बेतहाशा अवैध खनन से 20 साल पीछे धकेल दिया है। मरौली की सड़कें बर्बाद कर दी गई है। नदी की जलधारा का स्वरूप बदलकर गांव की भगौलिक तस्वीर व बायलॉजिकल स्थिति मे आमूल-चूल पर्यावरणीय प्रभाव पड़े है। वहीं पैलानी क्षेत्र के ग्राम अमलोर खदान संचालक कद्दावर सपा नेता हसन सिद्दकी आदि है। ग्राम सांडी के खंड 77 और मरौली खनिज विभाग ने तीन से चार बार राजस्व चोरी, अवैध खनन का जुर्माना किया गया लेकिन लोक अदालतों की रहमदिली से माफियाओं की सेहत पर असर नही पड़ता है। एक कम्पनी ब्लैकलिस्ट होने से दूसरी फर्म बन जाती है। किंतु ज़िला खनिज अधिकारी आज तक अवैध खनन के काले खेल को रोक नही सकें है। ग्राम सांडी मे किसानों की निजी भूमि से लाल मौरम निकासी की जाती है जिससे तालाबों की शक्ल नदी मे बन चुकी है। उधर गांव की बुजुर्ग विधवा महिला किसान व शिकायत कर्ता ने बताया कि गांव के किसान रामसेवक ने निजी भूमि पर अवैध खनन की शिकायत आईजीआरएस संदर्भ संख्या 40017025025420 व किसान बुजुर्ग महिला मूंगिया पत्नी स्वर्गीय चुनुबाद निवासी कारिंदा डेरा, ग्राम सांडी ने भी लिखित तौर पर संदर्भ संख्या 40017025025421 से जिलाधिकारी व एसडीएम पैलानी ने आज दिवस तक न्यायोचित कार्यवाही नही की है। साथ ही बीते 28 दिसंबर को खनिज निरीक्षक ग्राम सांडी पहुंचे थे। इनके ही सामने अवैध खनन के भारी गड्ढे जेसीबी से भरकर खेल किया गया। जिसके जीपीएस कैमरे से फोटोग्राफी की गई है। शिकायत नेतृत्व कर्ता ऊषा निषाद ने आरोप लगाया कि उनके और प्रभावित किसानों के साथ खण्ड 77 के मौरम ठेकेदार की ज्यादती क्रूरतापूर्ण तरीके से चल रही है। अवैध खनन की शिकायत करने पर खंड 77 के मौरम खण्ड संचालक के गुर्गों और संघठित माफिया द्वारा को फर्जी मुकदमेबाजी मे फंसाने का षड्यंत्र किया गया था। साथ ही आंदोलन व शिकायत कर्ता किसानों को जान से मारने की धमकियां दी जाती है।</p>



<p><strong><em>ज्ञापन देने वालों ने मंडल आयुक्त से की जांच की मांग, कमिश्नर साहब ने डीएम को लिखा पत्र</em> &#8211;</strong></p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="1402" height="1060" class="wp-image-16843" style="width: 1402px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092036.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092036.jpg 1079w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092036-300x227.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092036-1024x774.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251230_092036-768x581.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1402px) 100vw, 1402px" /></p>



<p>चित्रकूट धाम के मंडल आयुक्त ने बताया कि बीते 28 दिसंबर को शाम साढ़े 4 बजे खनिज निरीक्षक सांडी खण्ड 77 पहुंचे थे। उन्होंने अपने सामने अवैध खनन के भारी गड्ढों को जेसीबी से भरवाने का काम कराया। प्रभावित किसान ने कहा कि उसकी निजी भूमि पर मनमर्जी से फसलें उजाड़ने के बाद खनन किया गया। मौरम निकालकर मिट्टी से गड्ढे भर दिये जाते है। गांव ऐसे डरे-सहमें कई किसान है,जिसके वीडियो फोटोग्राफी प्रभावित किसानों ने जीपीएस कैमरे से खेतों पर जाकर की है। किसानों का सीधा कहना है कि सांडी खण्ड 77 मे एनजीटी के आदेश बावजूद पर्यावरण विनाशकारी गतिविधियों की अंधेरगर्दी है। वहीं 29 दिसंबर को मुख्यालय आकर मंडल आयुक्त अजीत कुमार जी से ज्ञापन देकर ग्राम सांडी के किसानों ने उनसे अपने निर्देशन मे एनजीटी के आदेश 3 दिसंबर 2025 की याचिका संख्या 614/2025 को संज्ञान लेकर बाँदा मे अनियंत्रित अवैध खनन की एसआईटी / एसटीएफ से जांच करवाने की मांग की गई है। इस पर मंडल आयुक्त ने भरोसा देते हुए जिलाधिकारी बाँदा को पांच दिन मे जांच रिपोर्ट देने का पत्र लिखा है। आयुक्त ने मीडिया को बयान देते हुए निष्पक्ष कार्यवाही का आश्वासन दिया है। काबिलेगौर है कि वैध खनन पट्टे की आड़ मे लाल मौरम के अवैध काले कारोबार मे बाँदा के अंदर <em>मीडिया,मनी, माफियाओं</em> के सीधे कनेक्शन है देखने को मिल रहें है। अब देखना यह महत्वपूर्ण होगा कि इस ज्ञापन की जांच व आगामी 25 फरवरी के एनजीटी सुनवाई पर क्या माकूल कदम अवैध खनन के लिए उठाये जाते है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिकाना हक से अमलोर मौरम खदान मे हिस्सेदारी तक अमित…</title>
		<link>https://soochanasansar.in/from-ownership-of-bajranga-diagnostic-centre-to-stake-and-partners-in-amalor-moram-mine-amit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Nov 2025 04:56:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[Main Stories]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[टेक्नोलॉजी]]></category>
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		<category><![CDATA[CM yogi]]></category>
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		<category><![CDATA[pm modi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>@आशीष सागर दीक्षित। बाँदा मे धड़ल्ले से चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटरो मे पीसीपीएनडीटी एक्ट की अनदेखी। बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे जांच के दरम्यान मिली मेडिकल कालेज मे तैनात डाक्टर पीएस सागर की डिग्री। सरकारी नौकरी और चिकित्सा सेवा के दौरान एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर मे सर्विस कैसे दे सकतें है डाक्टर पीएस सागर ? मेडिकल &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="186" class="wp-image-16838" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102301.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102301.jpg 1080w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102301-300x139.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102301-1024x475.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102301-768x356.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>



<p>@<strong>आशीष सागर दीक्षित। </strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाँदा मे धड़ल्ले से चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटरो मे पीसीपीएनडीटी एक्ट की अनदेखी।</li>



<li>बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे जांच के दरम्यान मिली मेडिकल कालेज मे तैनात डाक्टर पीएस सागर की डिग्री।</li>



<li>सरकारी नौकरी और चिकित्सा सेवा के दौरान एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर मे सर्विस कैसे दे सकतें है डाक्टर पीएस सागर ?</li>



<li>मेडिकल कालेज मे दोपहर 2 बजे तक ड्यूटी रहने के बावजूद बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे अल्ट्रासाउंड रिपोर्टिंग कैसे संभव है ?</li>



<li>बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक अमित बाँदा के सिविल लाइन अस्पताल रोड से,मेडिकल कालेज रोड आयुष्मान प्राइवेट नर्सिंग होम, अतर्रा बबेरू तक अपनी चिकित्सा नेटवर्किंग सेवाओं का जाल फैलाएं है।</li>



<li>अमित बजरंगा अब बाँदा के पैलानी क्षेत्र की अमलोर मौरम खदान मे भी हिस्सेदार है।</li>
</ul>



<p><strong>बाँदा</strong>। चित्रकूट मंडल मुख्यालय बाँदा मे यूं तो डायग्नोस्टिक सेंटरो की बाढ़ है। ठीक वैसे यथा अन्य जिलों मे महामारी बनकर जनता को चिकित्सा और जांच के नाम पर लूट रही है। बाँदा मे बीते दिन सिटी मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर बालाजी औऱ बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर समेत दूसरे जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। लेकिन निजी सूत्रधार दावे से कहतें है कि जांच टीम आने की जानकारी डायग्नोस्टिक सेंटरों को पहले ही हो गई थी। जिससे जांच केन्द्र के मौके पर सूचना देकर अल्ट्रासाउंड डॉक्टरों को बुला लिया गया था। जबकि रोजमर्रा मे इन्ही डायग्नोस्टिक सेंटरों मे बिना डिग्री होल्डर युवा लड़के अल्ट्रासाउंड समेत अन्य तरह की जांच करते पाए जाते है। जांच टीम का नेतृत्व कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला के साथ सुनियोजित इत्तेफाक देखिए कि उन्हें बालाजी समेत बजरंगा डायग्नोस्टिक मे डाक्टर तैनात मिले थे। मजेदार तथ्य यह है कि बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे अपनी डिग्री लगाए डाक्टर पीएस सागर राजकीय दुर्गावती एलोपैथी मेडिकल कालेज मे तैनात है। इनकी सुबह दस बजे से 2 बजे तक डियूटी रहती है। या जब कभी समय अनुसार बदलती रहती है। किंतु सरकारी मेडिकल कालेज मे सेवा दे रहे डाक्टर पीएस सागर बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे अल्ट्रासाउंड साउंड सेवा कागजों मे देते है। वह भी एक समय पर ही क्या यह चमत्कार विद्या नही है ? सूबे के स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जी को डाक्टर पीएस सागर की इस बहु प्रतिभा हुनरमंदी पर संज्ञान लेना चाहिए। वैसे तो ज्यादातर सरकारी डाक्टर बाँदा मे आवास विकास ए ब्लाक या अन्यत्र निजी चिकित्सा सेंटर चला ही रहें है लेकिन डाक्टर पीएस सागर की उपलब्धि अलहदा है।</p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="1400" height="1043" class="wp-image-16836" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102321.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102321.jpg 1078w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102321-300x223.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102321-1024x763.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251129_102321-768x572.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<p><strong><em>पैलानी की अमलोर मौरम खदान मे हिस्सेदार है अमित बजरंगा</em>…</strong></p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="1400" height="788" class="wp-image-16119" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20211122_09353901.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20211122_09353901.jpg 1920w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20211122_09353901-300x169.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20211122_09353901-1024x576.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20211122_09353901-768x432.jpg 768w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20211122_09353901-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<p><br>गांव से शहर की पगडंडियों पर सफलता के पायदान चढ़ते हुए बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक अमित बजरंगा ने फिलहाल एक नया कारोबार शुरू किया है। शहर बाँदा, बबेरू, अतर्रा आदि तक डायग्नोस्टिक व चिकित्सा व्यापार की आपार सफलता के बाद अब अमित बजरंगा ने पैलानी की अमलोर मौरम खदान मे परोक्ष हिस्सेदारी ली है। इसमें ही दिलीप सिंह लाला (जरैली कोठी) व अन्य रसूखदार पार्टनरशिप लिए है। बीते गर्मी मे 2 माह चल चुके इस मौरम पट्टे की खनन मियाद 6 माह है। अमित बजरंगा ने अपनी अकूत दौलत व प्रशासनिक मजबूती के मद्देनजर लाल मौरम कारोबार मे भी हाथ आजमाना आरंभ किया है। जाहिर है बजरंगा डायग्नोस्टिक सेन्टर मे पीसीपीएनडीटी एक्ट की बखिया उधेड़बुन के बाद अब मौरम कारोबार के मंजे खिलाड़ियों संग केन की लाल बालू के सहारे पर्यावरण उजाड़ का नया कीर्तिमान स्थापित किया जाना है। फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला ने डाक्टर पीएस सागर के एक साथ दो जगह सेवा देने के मामलें मे शासन को रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही कराने की बात मीडिया से कही है।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>किसानों की नवली मे लाल मौरम निकालने को सादे स्टाम्प पेपर पर सांडी खंड 77 ने कराए हस्ताक्षर….</title>
		<link>https://soochanasansar.in/sandi-block-77-got-signatures-on-plain-stamp-paper-to-extract-red-gravel-from-the-farmers-navli/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Nov 2025 05:40:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Stories]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ताजा खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[फैशन]]></category>
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		<category><![CDATA[बुंदेलखंड खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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		<category><![CDATA[pm modi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ग्राम सांडी खंड 77 की अंधेरगर्दी। @आशीष सागर दीक्षित। गांव के शामिल खाता धारक परिजनों को प्रति किसान दिया महज 75 हजार रुपया जबकिं एक करोड़ से ऊपर की लाल मौरम खोद ले गए सांडी खंड 77 के पट्टेधारक। किसान रामसेवक का कहना है पहले परिजनों पर दबाव बनाया फिर सादे स्टाम्प पेपर पर कराए &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/sandi-block-77-got-signatures-on-plain-stamp-paper-to-extract-red-gravel-from-the-farmers-navli/">किसानों की नवली मे लाल मौरम निकालने को सादे स्टाम्प पेपर पर सांडी खंड 77 ने कराए हस्ताक्षर….</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h1 class="wp-block-heading">ग्राम सांडी खंड 77 की अंधेरगर्दी। </h1>



<p id="block-1600b476-7d5e-40d0-a7fe-65cf5f0f8007">@<strong>आशीष सागर दीक्षित।</strong></p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="524" class="wp-image-16831" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251128_104225.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251128_104225.jpg 1080w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251128_104225-229x300.jpg 229w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251128_104225-781x1024.jpg 781w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251128_104225-768x1007.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>गांव के शामिल खाता धारक परिजनों को प्रति किसान दिया महज 75 हजार रुपया जबकिं एक करोड़ से ऊपर की लाल मौरम खोद ले गए सांडी खंड 77 के पट्टेधारक।</li>



<li>किसान रामसेवक का कहना है पहले परिजनों पर दबाव बनाया फिर सादे स्टाम्प पेपर पर कराए दस्तखत !!! इसमें क्या लिखा जाएगा किसी को कुछ जानकारी नही है। इस किराएनामे सादे स्टाम्प पेपर की एक प्रति भी किसान को हार्ड कापी नही दी गई। सिर्फ मोबाइल पर फ़ोटो खींचने की इजाजत देता है सांडी खण्ड 77 का खदान संचालक।</li>



<li>बाँदा की सरहद पर मजरा बगीचा डेरा ग्राम पंचायत सांडी मे मौरम खंड 77 है लेकिन केन नदी की जलधारा का अत्यंत खनन से डाइवर्जन / जलधारा मुड़ने से हमीरपुर के गढ़ा गांव की सीमा पर भी धर्मकांटा लगाया गया है। यह बाँदा की सरहद पर भी लगा है।</li>



<li>बाँदा खान निरीक्षक का बयान नदी की जलधारा व दिशा बदलने से खनन पट्टे का कुछ रकबा हमीरपुर की तरफ है इसलिए वहां धर्मकांटा लगा है। लेकिन सवाल यह कि क्या हमीरपुर से भी <em>न्यू यूरेका माइन्स एंड मिनरल्स</em> फर्म के प्रोपराइटर हिमांशु मीणा ने लीज एग्रीमेंट रजिस्ट्रार दफ्तर से कराया है ? यदि नही तब यह लीगल व वैध कैसे है कि हमीरपुर की तरफ से केन नदी मे खनन व खनिज ट्रांसपोर्ट निकासी हो रही है ?</li>



<li>हमीरपुर मे गढ़ा व बाँदा मे ग्राम पंचायत सांडी के मजरों मे रहने वाले किसानों से सादे स्टाम्प पेपर पर खेतिहर भूमि का खनन के लिए (नवली / तरी) खोदने को किराएनामे कराए गए है।</li>



<li>प्रतिबंधित अर्थ मूविंग एलएनटी पोकलैंड मशीन का प्रयोग करके <em>न्यू यूरेका माइन्स एंड मिनरल्स</em> ग्राम सांडी होते हुए खरेई हार से खपटिहा कला आते है। इस दरम्यान वनविभाग की प्रतिबंधित आरक्षित वन भूमि के सूचना बोर्ड को भी ताक पर रखतें है खनन पट्टेधारक व ओवरलोडिंग परिवहन निकासी वाले चमत्कारी ठेकेदार।</li>



<li>ग्राम रिसौरा, तेरा ब, सादिक मदनपुर, ग्राम मरौली के खंड 5 तक फैला है केन नदी मे लाल मौरम अवैध खनन का साम्राज्यवाद।</li>



<li>राजनीति, मीडिया और सिस्टम की तिकड़ी मे मदमस्त है मौरम ठेकेदार। एनजीटी, सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश व लीज अनुबंध की शर्तों के साथ यूपी उप खनिज परिहार नियमावली की उपधारा 41 ज का खुलेआम घोर उल्लघंन बाँदा की मौरम खदानों मे हो रहा है। फतेहपुर व हमीरपुर की तर्ज पर यूपी एसटीएफ की आमद हो तो नक्कारखाने मे लगाम कस सकेगी।</li>
</ul>



<p><strong>बाँदा</strong>। बुंदेलखंड के बाँदा मे केन नदी पर लाल मौरम खनन का खेल वैध पट्टे की आड़ मे इस सत्र पर शुरू हो गया है। इस सीजन मे करीब 26 मौरम खण्ड चलने के आसार है। इससे ज्यादा हो जायें तो अतिश्योक्ति मत करिएगा। गत सत्र मे जून तक केन को बेतहाशा अवैध खनन से बेजार करने वाले एक बार संघठित होकर फिर मैदान मे उतरे है। आज मुख्यतः बात करते पैलानी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत सांडी की जहां &#8220;न्यू यूरेका माइन्स एंड मिनरल्स&#8221; फर्म हिमांशु मीना के नाम है। यह 26 एकड़ मे मौरम पट्टा लिया है। इस वैध पट्टे की चौहद्दी पर ग्राम समाज की ज़मीन से अवैध खनन व किसानों की तरी और नवली से भी अवैध खनन किया जाता है। ताजा उदाहरण यह है कि यहां कारिंदा डेरा के किसान रामसेवक निषाद व परिजनों से सादे स्टाम्प पेपर मे दस्तखत कराकर किरायानामा लिया गया है। </p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="1400" height="747" class="wp-image-15045" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20250328_113119.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20250328_113119.jpg 1076w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20250328_113119-300x160.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20250328_113119-1024x546.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20250328_113119-768x410.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<p>हलफनामा मे खनन कंपनी और उसके गुर्गे किस तारीख़ को क्या लिख लेंगे यह किसानों को भी जानकारी नही है। मजेदार है कि हलफनामा की एक छायाप्रति भी किसान के पास नही है। सिर्फ मोबाइल पर फ़ोटो है जो वह अपने गांव मे दिखाते है। न्यू यूरेका माइन्स एंड मिनरल फर्म के इस सीजन की कमान कैलाश यादव उर्फ पहलवान, इनके भतीजे अशोक यादव, बब्लू सिंह उर्फ टुंडा, झांसी के सोलंकी (लोडिंग काम) व अन्य ने संभाली है। यही मीडिया मैनेजमेंट भी कर रहें है। बड़ी बात है पिछले जून तक घोर विवादित यह मौरम खदान स्थानीय किसानों के आंदोलन से चर्चा मे थी। मौजूदा जिलाधिकारी व एसपी साहब ने माकूल कार्यवाही नही की तो किसानों को चुप रहने का घूंट पीना पड़ा। किंतु यह लड़ाई अब वह ऊपरी स्तर पर लड़ने को आतुर है जबकि खदान संचालक रोजमर्रा मे दबाव व प्रभाव का उपयोग उन्हें मनाने को कर रहें है। गौरतलब है कि खण्ड 77 ग्राम सांडी मे हमीरपुर की तरफ से ग्राम गढ़ा मे भी मापतौल को धर्मकांटा लगा है। इस पर खान निरीक्षक कहतें है कि नदी की दिशा व जलधारा बदल गई है जिससे खनन पट्टे का कुछ हिस्सा हमीरपुर की तरफ हो गया है। तब क्या खनन पट्टेधारक ने हमीरपुर की तरफ भी लीज एग्रीमेंट लिया है ? यहां भी किसानों से हलफनामा लेकर उपजाऊ भूमि पर रस्ता लिया गया है । बेधड़क परिवहन निकासी हो रही है। जबकि बाँदा के ग्राम सांडी के मजरा बगीचा डेरा मे भी धर्मकांटा लगा है। ग्राम सांडी के कारिंदा डेरा, अमान डेरा आदि के रहवासियों से सादे स्टाम्प पत्र पर किरायानामा नवली व तरी मे लाल मौरम निकासी को खनन संचालक फर्म ने लिया है। लेकिन यह गोलमाल बिना मौके की नोटरी या रजिस्ट्री के किसान से की गई है। </p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="1400" height="747" class="wp-image-16832" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251125_212125.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251125_212125.jpg 1279w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251125_212125-300x160.jpg 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251125_212125-1024x546.jpg 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251125_212125-768x410.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<p>विडंबना देखिए कि ग्राम सांडी खण्ड 77 मे प्रतिबंधित एलएनटी अर्थ मूविंग पोकलैंड मशीनों से ठीक वैसे ही नदी जलधारा मे खनन होता है जैसे कि गिरवां के ग्राम रिसौरा, अतर्रा के तेरा ब, चिल्ला के सादिक मदनपुर व ग्राम मरौली के खंड 5 मे संजीव गुप्ता, शक्ति सिंह करवातें है। बेलगाम खनन ठेकेदार और राजनीतिक समर्थन व मीडिया को साधकर यह बड़ा खेला प्रशासन की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जिसने उत्तरप्रदेश सरकार को 2027 मे कटघरे पर खड़ा करने का बीड़ा उठाया है।</p>
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			</item>
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		<title>मीडिया सेल की चुप्पी, पत्रकारों मे अनभिज्ञता, राजाभैया यादव की पुनः गिरफ्तारी और सिस्टम की निकृष्टता…</title>
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		<pubDate>Thu, 20 Nov 2025 06:41:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। &#8220;पिछले एक साल से मुकदमा अपराध संख्या 0314/2024 थाना अतर्रा मे हाईकोर्ट से विवेचना की समयावधि मे &#8220;नो कोर्सेव एक्शन&#8221; का स्टे मिलने के बाद पुलिस के खासमखास बन चुके राजाभैया यादव को बीते 4 नवम्बर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय से स्टे डिसमिस/खारिज होने के बाद झटका लगा था। तब &#8230;</p>
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<p>@<strong>आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। </strong></p>



<p><strong>&#8220;पिछले एक साल से मुकदमा अपराध संख्या 0314/2024 थाना अतर्रा मे हाईकोर्ट से विवेचना की समयावधि मे &#8220;नो कोर्सेव एक्शन&#8221; का स्टे मिलने के बाद पुलिस के खासमखास बन चुके राजाभैया यादव को बीते 4 नवम्बर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय से स्टे डिसमिस/खारिज होने के बाद झटका लगा था। तब से राजाभैया यादव फरारी के अलर्ट मोड पर थे। गत 18 नवंबर को राजाभैया यादव को गिरफ्तार</strong> <strong>करने के बाद बाँदा पुलिस मीडिया सेल का मौन और स्थानीय पत्रकारों मे इसकी कोई जानकारी साझा न करना अतर्रा सीओ पर बड़े सवाल खड़े करता है। तब जबकिं पिछली बार अतर्रा कोतवाली प्रभारी तत्कालीन एसएचओ कुलदीप तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी थी। गिरफ्तारी की तस्वीर पुलिस मीडिया सेल से भी जारी की गई थी। </strong></p>



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<p><strong>बाँदा</strong>। जिले के थाना अतर्रा अंतर्गत संचालित विद्याधाम समिति व चिंगारी संगठन के कर्ताधर्ता राजाभैया यादव पर अब तक कुलजमा विभिन्न संगीन धाराओं के 12 आपराधिक मुकदमे अलग-अलग थानों मे दर्ज है। बीते जून माह को राजाभैया यादव मुकदमा अपराध संख्या 043/2025 थाना अतर्रा मे दुराचार / अपरहरण आदि मे नामजद होकर ज़िला कारागार बाँदा से पांच माह बाद छूटे थे। तब से राजाभैया यादव हाईकोर्ट और ज़िला सेशन कोर्ट / विशेष न्यायालय एससी/एसटी मे कानूनी दाँवपेची से केस-केस खेल रहे थे। इधर एक अन्य मुकदमे 0315/2024 थाना अतर्रा मे राजाभैया यादव पर आईपीसी की धारा 354 व 504 का मुकदमा एक महिला ने लिखाया था। <strong>जिसमें आईओ विवेचक ने पीड़िता द्वारा तमाम शिकायत पत्र के बावजूद राजाभैया यादव पर 354 की धारा का विलोप कर दिया था। जबकि यह केस घटनास्थल उड़ीसा राज्य की थी। </strong></p>



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<p>पीड़िता ने अपनी एफआईआर मे राजाभैया के साथ बाँदा से ट्रेन द्वारा साथ जाने से लेकर वहां रुकने का ज़िक्र किया था। वापसी मे पीड़िता को उड़ीसा अकेला छोड़कर राजाभैया यादव मुंबई चले गए थे। ऐसा पीड़िता ने ट्रेन टिकट से दावा किया था। काबिलेगौर है कि राजाभैया यादव को बीते 18 नवंबर दिन मंगलवार को अपराह्न ढाई से तीन के बीच सीओ अतर्रा प्रवीण यादव के नेतृत्व मे पूछताछ को हिरासत मे अतर्रा-नरैनी मार्ग से लिया गया। फिर थाने से गिरफ्तार करके देरशाम बाँदा न्यायालय चलान काटकर लाया गया,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। राजाभैया यादव जिस मुकदमे मे जेल गए है वह बीते 17 दिसंबर को थाना अतर्रा मे दर्ज हुआ था। तब से फरारी काट रहे राजाभैया इसी केस मे माननीय हाईकोर्ट से विवेचना जारी रहते &#8220;नो कोर्सेव एक्शन&#8221; का स्टे ले आये थे। सीओ अतर्रा प्रवीण यादव ने इस मामलें को ठंडे बस्ते मे डालने जैसा माहौल यह कहते हुए बनाया की उन्होंने मुक़दमा संख्या 043/2025 व 0314/2024 को आपस मे कनेक्ट कर दिया है। लेकिन दोनों मुकदमें मे घटनास्थल भिन्न है।</p>



<p><img loading="lazy" decoding="async" width="404" height="505" class="wp-image-16549" style="width: 404px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/FB_IMG_1755926233235.jpg" alt="" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/FB_IMG_1755926233235.jpg 1080w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/FB_IMG_1755926233235-240x300.jpg 240w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/FB_IMG_1755926233235-819x1024.jpg 819w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/FB_IMG_1755926233235-768x960.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 404px) 100vw, 404px" /></p>



<p>वहीं मुख्य मुलजिम एक व अन्य भी अलग है। इस मुकदमे की वादी दलित महिला है जो चित्रकूट ज़िले की मूल निवासी है। यह पूर्व मे राजाभैया यादव की एनजीओ विद्याधाम समिति व चिंगारी मे सामुदायिक कार्यकर्ता की तरह काम करती थी। एनजीओ मे काम करते हुए दलित पीड़िता ने अपने साथ हुए घटनाक्रम को तहरीर मे बखूबी बयानी किया है। वहीं अतर्रा पुलिस और स्थानीय पुलिस प्रशासन मुल्जिम को जिस तर्ज पर संरक्षण दिये था। उसने राजाभैया यादव के चक्रव्यूह मे षडयंत्र के तहत अनवर रजा रानू, महेंद्र पाल वर्मा राजू, दोनों पीड़िता व उनके परिजनों और अन्य पत्रकारों को भी साज़िश रचकर कूटरचना से मुकदमों मे फंसाने की पटकथा लिखी थी। लगातार लिख रहें है। किंतु न्यायालय से न्याय की उम्मीद लगाए पत्रकारों व समाज के लोगों ने राजाभैया यादव की फर्जी मुकदमे लिखवाने वाली टीम के प्यादों को सिलसिले वार लिखापढ़ी से बेनकाब किया है। लेकिन राजाभैया यादव कभी फर्जी तहरीर तो कभी 175(4) से झूठे मुकदमों की इबारत लिखने मे माहिर है। उन्ही काले कोट वाले अधिवक्ता के साथ जो बार संघ पदाधिकारी रहते विद्याधाम समिति के सारे प्रायोजित केस निज स्वार्थ मे लड़ने के अभ्यस्त है। राजाभैया यादव ने समाज कल्याण से पीड़िता को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर वही विभाग के बाबुओं से रोक लगवाई है। मुलजिम का दावा है कि उनके केस मे हाईकोर्ट से स्टे है और मुकदमे झूठे है। फिर भी हाईकोर्ट ने राजाभैया का मुकदमा अपराध संख्या 0314/2024 आईपीसी की धारा 376,120 बी आदि की धाराओं पर दर्ज केस मे अब स्टे हटाया है। जिसके चलते राजाभैया यादव पांच माह बाद पुनः ज़िला कारागार बाँदा पहुंच गए है।</p>
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