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	<title>corona update Archives | Soochana Sansar</title>
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	<title>corona update Archives | Soochana Sansar</title>
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		<title>वैक्सीन पासपोर्ट, आप इसे कैसे कर सकते हैं हासिल &#124; Vaccine Passport</title>
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		<pubDate>Wed, 30 Jun 2021 15:38:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को परेशान कर दिया है। इस कारण सार्स-कोव-2 को ले जाने के लिए अजनबियों को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। कई देश यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं कि वे किसी भी नए कोरोना रोगी या वाहक को अपने यहां प्रवेश की अनुमति न &#8230;</p>
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<p class="wp-block-paragraph">कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को परेशान कर दिया है। इस कारण सार्स-कोव-2 को ले जाने के लिए अजनबियों को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। कई देश यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं कि वे किसी भी नए कोरोना रोगी या वाहक को अपने यहां प्रवेश की अनुमति न दें। भारत के भीतर भी कुछ राज्यों ने प्रवेश के लिए एक निगेटिव आरटी-पीसीआर (RT-PCR) टेस्ट या टीकाकरण का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/2021/06/image-2.jpeg" alt="Covid-19 Vaccine Passports Are Coming. What Will That Mean? | WIRED" class="wp-image-9444" width="480" height="360"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जानें वैक्सीन पासपोर्ट क्या है?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">वैक्सीन पासपोर्ट या इम्युनिटी पासपोर्ट एक डाक्यूमेंट प्रमाण है। जिससे पता चलता है कि शख्स ने कोविड -19 के खिलाफ टीका लगाया है। जो लोग फिर से यात्रा शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए वैक्सीन पासपोर्ट तेजी से एक आवश्यकता बनता जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कौन चाहता है वैक्सीन पासपोर्ट?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस साल मार्च महीने में चीन ने अपना डिजिटल वैक्सीन पासपोर्ट जारी किया, जिसे एक ऐप के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इससे अधिकारी क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड को स्कैन कर किसी व्यक्ति के टीकाकरण की स्थिति को सत्यापित कर सकते हैं। जापान ने अप्रैल महीने में इसी तरह के डिजिटल वैक्सीन पासपोर्ट की घोषणा की थी। यूके ने मई महीने में वैक्सीन पासपोर्ट लॉन्च करने की घोषणा की। यूरोपीय संघ ने भी 27 सदस्य देशों में नागरिकों को यात्रा करने की अनुमति देने के लिए &#8216;डिजिटल ग्रीन सर्टिफिकेट&#8217; का समर्थन किया है। डिजिटल ग्रीन सर्टिफिकेट में सूचीबद्ध किए गए अनुमोदित टीके, एक निगेटिव कोविड टेस्ट रिजल्ट या कोविड से हाल ही में ठीक होने का प्रमाण शामिल है।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://cms.qz.com/wp-content/uploads/2020/12/2020-12-18T174601Z_97833794_RC2TPK9NP1ZC_RTRMADP_3_HEALTH-CORONAVIRUS-PELOSI-e1609254236648.jpg?quality=75&amp;strip=all&amp;w=1600&amp;h=900&amp;crop=1" alt="Will we need Covid-19 vaccine passports to travel? — Quartz"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भारत में यह एक मुद्दा क्यों है?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">दुनिया भर में कोरोना की स्थिति में सुधार और कार्यालयों, विश्वविद्यालयों और पर्यटन स्थलों के फिर से खुलने के साथ बड़ी संख्या में भारतीयों के विदेश यात्रा उम्मीद है। भारत ने अब तक चार कोरोना टीकों को मंजूरी दी है- कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पुतनिक वी और मॉडर्ना। भारत में टीकाकरण का बड़ा भार कोविशील्ड और कोवैक्सीन द्वारा पूरा किया जा रहा है। जबकि कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मंजूरी नहीं मिली है। इसके जल्द मंजूरी मिलने के आसार हैं। वहीं भारत में बनी कोविशील्ड के लिए यूरोप में एक नई बाधा को खड़ी हो गई है। ग्रीन पास के लिए अपने नए दिशा- निर्देशों में यूरोपीय संघ ने भारत में निर्मित एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को शामिल नहीं किया है, जिसे भारत में कोविशील्ड के रूप में जाना जाता है। इसके लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखा है, जिसमें ईयू देशों से कोविशील्ड को मंजूरी दिलाने की अपील की है। मंजूरी दिलाने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय यूनियन के शीर्ष अधिकारियों से बात की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वैक्सीन पासपोर्ट का चलन बढ़ा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">विश्व स्तर पर कोविड के मामले कम होने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यातायात में वृद्धि हुई है और अगले कुछ महीनों में इसके और बढ़ने की उम्मीद है। टीकाकरण की तेज गति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रियों की आवाजाही पर लगी हुई रोक को कम करने में भी मदद की है। यहीं से वैक्सीन पासपोर्ट चलन में की शुरुआत होती है।</p>
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		<title>बिहार में गंगा में शव फेंकने का दौर जारी, डोम ने मांगा 1 लाख रुपए, 2500 में बात बनी &#124; Bihar Latest News</title>
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		<pubDate>Sun, 13 Jun 2021 15:56:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>बिहार के भागलपुर जिले में सर्पदंश से मरे एक व्यक्ति के परिजनों ने स्थानीय निवासियों के विरोध के बावजूद रविवार को उसके शव को गंगा नदी में फेंक दिया. भागलपुर के कहलगांव प्रखंड में हुई इस घटना का स्थानीय लोगों ने वीडियो क्लिप बना लिया था. घटना इस प्रकार है कि बांका जिले के अपने &#8230;</p>
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<p class="wp-block-paragraph">बिहार के भागलपुर जिले में सर्पदंश से मरे एक व्यक्ति के परिजनों ने स्थानीय निवासियों के विरोध के बावजूद रविवार को उसके शव को गंगा नदी में फेंक दिया.  भागलपुर के कहलगांव प्रखंड में हुई इस घटना का स्थानीय लोगों ने वीडियो क्लिप बना लिया था. घटना इस प्रकार है कि बांका जिले के अपने पैतृक गांव नवादा बाजार में सांप के काटने से मिथिलेश कुमार की मौत हो गई.  उनके परिवार के सदस्य उनके शव को भागलपुर के बरारी घाट ले गए, लेकिन घाट के डोम राजा ने उन्हें गंगा में फेंकने की अनुमति देने के लिए 1 लाख रुपये की मांग की. बिहार में एक परंपरा है कि सांप के काटने से मरने वाले व्यक्ति का अंतिम संस्कार केले के पेड़ के तने के साथ बांधकर शरीर को गंगा में डाल दिया जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://images.indianexpress.com/2021/05/nodal-ganga-3col.jpg" alt="Practice of bodies being dumped in rivers prevalent in UP, state official  tells Centre | India News,The Indian Express"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><br> <br>परिवार के सदस्यों ने डोम राजा के साथ बातचीत की और बाद वाले ने 11,000 रुपये पर सहमति व्यक्त की, लेकिन उनके पास वह पैसा भी नहीं था, वे शव को भागलपुर शहर से लगभग 50 किमी दूर कहलगांव ले गए.  उन्होंने कहलगांव घाट के डोम राजा के साथ 1,500 रुपये में बातचीत की और एक नाव मालिक से भी संपर्क किया और 2,500 रुपये का सौदा किया. फिर वे शव को गंगा के बीच ले गए. इसके बाद केले के पेड़ के तने से बांधकर नदी में फेंक दिया.</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि जब कोरोना संक्रमण चरम पर था तब जिलाधिकारी ने प्रत्येक श्मशान घाट पर एक न्यायिक मजिस्ट्रेट को तैनात किया था लेकिन एक जून से इन्हें वापस ले लिया गया.<br> <br>टिप्पणी के लिए संपर्क करने पर कहलगांव पुलिस स्टेशन के ड्यूटी अधिकारी आरपी शर्मा ने कहा कि हमें इस मामले से संबंधित एक शिकायत मिली है और हम मृतक के परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. कोरोना की दूसरी गंभीर लहर के दौरान, बक्सर, भोजपुर, पटना और भागलपुर जैसे कई जिलों में लोगों ने बड़ी संख्या में शवों को गंगा में फेंक दिया गया था.</p>
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		<item>
		<title>प्रदेश के 70 जिलों में 300 से कम एक्टिव केस, UP में कारगर रहा योगी आदित्यनाथ मॉडल &#124; Corona Virus in UP</title>
		<link>https://soochanasansar.in/corona-virus-in-up-less-than-300-active-cases-in-70-districts-of-the-state-yogi-adityanath-model-was-effective-in-up/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Jun 2021 15:44:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सीएम योगी आदित्यनाथ के मॉडल से प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार काफी थम गई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। जिसके तहत आने वाले दिनों में यूपी के अन्य कई जिलों के भी जल्द ही कोरोना मुक्त हो जाने की संभावना है। प्रदेश में &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/corona-virus-in-up-less-than-300-active-cases-in-70-districts-of-the-state-yogi-adityanath-model-was-effective-in-up/">प्रदेश के 70 जिलों में 300 से कम एक्टिव केस, UP में कारगर रहा योगी आदित्यनाथ मॉडल | Corona Virus in UP</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी आदित्यनाथ के मॉडल से प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार काफी थम गई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। जिसके तहत आने वाले दिनों में यूपी के अन्य कई जिलों के भी जल्द ही कोरोना मुक्त हो जाने की संभावना है। प्रदेश में शनिवार को 2.74 लाख टेस्ट के बावजूद पिछले 24 घंटे में सिर्फ 524 पॉजिटिव केस मिले हैं। प्रदेश अब रिकवरी रेट भी 98.1 प्रतिशत हो गया है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ का फॉर्मूला बेहद कारगर साबित हो रहा है। ट्रैक, टेस्ट एंड ट्रीट के फॉर्मूला से प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन काफी नियंत्रण में है। बीते 24 घंटे की जो सैंपल रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार 524 नए केस सामने आए, जबकि 1757 लोग इसके कहर से उबरे भी हैं।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://images.hindustantimes.com/img/2021/05/30/550x309/20210516_DGZ-SAL_CM_UP-05_1622378705726_1622378721152.jpg" alt="UP records 95% drop in Covid-19 cases in a month, state govt credits &#39;Yogi  model&#39; - Hindustan Times" width="647" height="364"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रदेश के अब 65 जिलों में 300 से कम एक्टिव केस हैं। अब दस जिलों में ही 300 से अधिक एक्टिव केस हैं। प्रदेश में कोरोना के 11,127 संक्रमितों में से 3,791 यानी 34 फीसद एक्टिव केस दस जिलों में हैं।</strong> लखनऊ में सर्वाधिक 496 एक्टिव केस हैं। अब रिकवरी रेट बढ़कर 98.1 फीसद हो गया है। प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 9806 रह गई है। रिकवरी रेट 98.1% है। पिछले 24 घंटों में पोर्टल पर 79 मौतें दर्ज़ की गई हैं। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 2,74,811 सैंपल्स की जांच की गई, जिसमें पॉजिटिविटी रेट 0.2% है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कौशांबी में सिर्फ तीन एक्टिव केस</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश में कौशांबी ऐसा जिला है, जहां अब कोरोना मरीजों की कुल संख्या सिर्फ तीन रह गई है। महोबा में छह और हमीरपुर में सात रोगी हैं। नए मिल रहे रोगियों के मुकाबले स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण लगातार संक्रमित होने वाले घट रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रोज 2.74 लाख टेस्ट</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश में अब रोज 2.74 लाख टेस्ट हो रहे हैं। अब तक 5 करोड़ 30 लाख टेस्ट करने वाला उत्तर प्रदेश अकेला राज्य है। प्रदेश में करीब एक लाख गांवों में 70,000 से अधिक निगरानी समितियों ने घर घर जाकर की संक्रमितों की पहचान कर रही है। इसी वजह से 25 करोड़ की सबसे ज्यादा आबादी के बाद भी उत्तर प्रदेश में मृत्यु दर महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे बेहद कम आबादी वाले राज्यों से बेहद कम रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रफ्तार पर वैक्सीनेशन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश में अभी तक दो करोड़ से भी अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। फिलहाल प्रदेश में रोजाना लगभग चार लाख डोज लगाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य जून में ही एक करोड़ वैक्सीन की डोज लगवाने का है। इसका लाभ 18 से 44 तथा 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को मिल रहा है। कल प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की 4,61,412 डोज़ लगाई गई। अब तक 1,87,05,919 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज़ लगाई जा चुकी है। इसमें से 37,63,040 लोगों को दूसरी डोज़ भी लगाई जा चुकी है। अब तक कुल 2,24,68,959 डोज़ लगाई गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तीसरी संभावित लहर से बचने के लिए युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने और कोरोना की तीसरी संभावित लहर से बचने के लिए युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन का भी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 02 करोड़ 15 लाख 88 हजार 323 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में औसतन रोजाना चार लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। जिसके चलते बीते 24 घंटों में 3,91,441 लोगों का टीकाकरण किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अगले दो-तीन दिनों के भीतर पांच से छह लाख लोगो को रोजाना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। जुलाई माह में रोजाना 10 से 12 लाख लोगो का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य निर्धारित है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण अब तेजी से घट रहा है। प्रदेश के कुल 75 में से 70 जिलों में कोरोना के 300 से एक्टिव केस हैं। सिर्फ पांच जिलों में ही 300 से अधिक संक्रमित अभी भी हैं। पिछले 24 घंटे में केवल 524 नए मरीज मिले है। सक्रिय केस भी घटकर 9806 रह गए हैं। प्रदेश में बीती 31 मार्च को कोरोना के संक्रमितों की संख्या दस हजार से कम थी और अब फिर संक्रमण कम होकर उसी स्थिति में पहुंच रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जिन पांच जिलों में कोरोना के 300 से ज्यादा संक्रमित हैं। उनमें लखनऊ में 454, गोरखपुर में 428, आजमगढ़ में 384, मेरठ में 340 और प्रयागराज में 302 मरीज हैं। अब तक प्रदेश में कुल 17 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, जिसमें 16.7 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। अब रिकवरी रेट 98.1 प्रतिशत है। शनिवार को प्रदेश में 79 रोगियों की कोरोना से मौत हुई। 2.74 लाख लोगों की कोरोना जांच की गई। शनिवार को पाजिटिविटी रेट 0.2 फीसद रहा।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ 11 जिलों में ही कोरोना ​​​​​कर्फ्यू, केस कम होते ही तीन और जिले बंदिश से बाहर &#124;Unlock in UP</title>
		<link>https://soochanasansar.in/corona-curfew-in-only-11-districts-in-uttar-pradesh-three-more-districts-are-out-of-the-ban-as-soon-as-the-case-is-low/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Jun 2021 10:10:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के सेकेंड स्ट्रेन को बड़ी चुनौती के रूप में लेने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से उत्तर प्रदेश में संक्रमण की दर लगातार घटती जा रही है। प्रदेश के अब 64 जिले कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से मुक्त हो गए हैं। मंगलवार को तीन और जिलों में एक्टिव केस 600 से &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/corona-curfew-in-only-11-districts-in-uttar-pradesh-three-more-districts-are-out-of-the-ban-as-soon-as-the-case-is-low/">उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ 11 जिलों में ही कोरोना ​​​​​कर्फ्यू, केस कम होते ही तीन और जिले बंदिश से बाहर |Unlock in UP</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के सेकेंड स्ट्रेन को बड़ी चुनौती के रूप में लेने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से उत्तर प्रदेश में संक्रमण की दर लगातार घटती जा रही है। प्रदेश के अब 64 जिले कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से मुक्त हो गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मंगलवार को तीन और जिलों में एक्टिव केस 600 से कम होने के कारण इनको भी कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से मुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की मंगलवार की रिपोर्ट के बाद प्रदेश के जौनपुर, लखीमपुर खीरी व गाजीपुर में एक्टिव केस 600 से नीचे आ गए हैं। अब इन जिलों में बुधवार सुबह से कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत मिलेगी।</p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://new-img.patrika.com/upload/2021/05/30/up_unlock_6870136_835x547-m.jpg" alt="UP Unlock From 1 June 2021 Yogi Adityanath Government Decision - UP Unlock:  1 जून से अनलॉक होगा यूपी, जानें क्या-क्या खुलेगा और किन पर जारी रहेगी  पाबंदी | Patrika News" width="759" height="497"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कोरोना के एक्टिव 600 से कम होने पर सरकार ने तीन जिलों को कोरोना ​​​​​कर्फ्यू की परिधि से बाहर करने का फैसला किया है। इसके साथ ही अब कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत पाने वाले जिले 64 हो गए हैं। प्रदेश में अब लखनऊ सहित सिर्फ 11 जिलों में कोरोना ​​​​​कर्फ्यू लागू रहेगा। इनमें से भी कुछ जिलों में अगर बुधवार तक एक्टिव केस 600 से कम होंगे तो उनको भी कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत मिलेगी। &nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">कोरोना वायरस संक्रमण कम होने के साथ ही प्रदेश सरकार ने एक मई से लागू कोरोना ​​​​​कर्फ्यू में भी राहत दी है। प्रदेश में एक जून से कोरोना ​​​​​कर्फ्यू में राहत की घोषणा 30 मई को की गई थी। उस समय प्रदेश के सिर्फ 55 जिले ही इस राहत के पात्र थे, लेकिन 31 मई को छह और जिलों में एक्टिव केस 600 से कम होने के कारण इनको भी कोरोना ​​​​​कर्फ्यू की बंदिश से बाहर कर दिया गया।</p>
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		<title>एक और घातक लहर के लिए रहना होगा तैयार &#124;Third wave of Corona In India</title>
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		<pubDate>Mon, 10 May 2021 10:20:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विशेषज्ञ इसी साल महामारी की तीसरी लहर की भी आशंका जताने लगे हैं। राष्ट्रीय कोविड-19 टास्क फोर्स के सदस्य तथा बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के महामारी विशेषज्ञ व प्रोफेसर डॉ. गिरिधर बाबू का मानना है कि इसी साल नवंबर व दिसंबर में तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए जरूरी है कि दीवाली &#8230;</p>
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<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञ इसी साल महामारी की तीसरी लहर की भी आशंका जताने लगे हैं। राष्ट्रीय कोविड-19 टास्क फोर्स के सदस्य तथा बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के महामारी विशेषज्ञ व प्रोफेसर डॉ. गिरिधर बाबू का मानना है कि इसी साल नवंबर व दिसंबर में तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए जरूरी है कि दीवाली से पहले कमजोर वर्ग का टीकाकरण पूरा कर लिया जाए, ताकि हजारों जानें बचाई जा सकें। उन्होंने चेताया है कि तीसरी लहर कम उम्र वालों को ज्यादा प्रभावित करेगी। हालांकि, तीसरी लहर का आना कई पहलुओं पर निर्भर करेगा। मसलन, टीकाकरण की स्थिति, कोरोना का प्रसार करने वाले आयोजनों की रोकथाम। सबसे अहम यह है कि हम नए वैरिएंट को कितना जल्द पहचानते हैं और उसे एक दायरे में सीमित कर देते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://i.guim.co.uk/img/media/ffc00e9c9a1cfb4e5a1f0f19f11fd7abdd9e6344/0_181_6000_3601/master/6000.jpg?width=445&amp;quality=45&amp;auto=format&amp;fit=max&amp;dpr=2&amp;s=a2d48e91031f5fc2f8b8b0a864fdadc7" alt="Covid third wave inevitable in India, say health experts | India | The  Guardian"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भारत की लड़ाई:</strong> दूसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेतर करने की कोशिश चल रही है। ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए दुनिया के अन्य देशों से उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए उपकरण मंगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, सेना व सामाजिक संगठनों द्वारा कोविड के इलाजे के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। कोरोना जांच में तेजी लाई गई है। हालांकि, आपतकालीन स्थितियों से निपटने में टीकाकरण की रफ्तार प्रभावित हुई है। वैक्सीन की कमी की शिकायतों के बाद सरकार ने रूसी स्पुतनिक वी के इस्तेमाल की इजाजत तो दी ही, दुनिया की अन्य वैक्सीन के लिए भी भारत के दरवाजे खोल दिए। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों को परिस्थितियों के अनुरूप माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने और स्थानीय लॉकडाउन लगाने की छूट दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वैक्सीन में भी करना होगा बदलाव: </strong>केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन भी एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कह चुके हैं कि भारत में तीसरी लहर की आशंका बरकरार है। उन्होंने कहा था कि हमारी वैक्सीन नए वैरिएंट के खिलाफ भी प्रभावी है, लेकिन हमें और काम करने की जरूरत है। कोरोना वायरस में बदलावों की आशंका का आकलन करते हुए उसके अनुरूप वैक्सीन में भी बदलावों के लिए तैयार रहना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सुस्त है टीकाकरण की रफ्तार:</strong> देश में 16 करोड़ से ज्यादा खुराकें दी जा चुकी हैं। लेकिन, टीकाकरण की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है। अभी करीब 11 फीसद आबादी को ही पहली खुराक मिल पाई है। 40-50 लाख लोगों को एक दिन में टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था, जो शायद ही किसी दिन हासिल हुआ हो।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>टीकाकरण की बढ़ानी होगी रफ्तार:</strong>&nbsp;विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर और ज्यादा खतरनाक होगी, क्योंकि इस बार के संक्रमितों में कोविड-19 के खिलाफ विकसित हुई इम्युनिटी तब तक खत्म हो चुकी होगी। बस एक ही रास्ता है कि नवंबर तक बड़ी आबादी का टीकाकरण कर दिया जाए, ताकि कोरोना उतना प्रभावी न रह जाए। वे कहते हैं कि टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए छोटे स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। दूसरी लहर के मंद पड़ते ही हमें नियमन की प्रभावी रणनीति बनानी होगी। ताकि संक्रमितों और मृतकों की संख्या को कम किया जा सके। त्वरित जांच और लोगों को आइसोलेट करने के लिए जिलों में स्थापित प्रयोगशालाओं को सुविधायुक्त बनाना होगा।</p>
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