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	<title>coronaupdate Archives | Soochana Sansar</title>
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	<title>coronaupdate Archives | Soochana Sansar</title>
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		<title>योगी सरकार का डिजिटल विजन तेज रफ्तार पर, प्रोजेक्ट गंगा जल्द होगा “लाइव”</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Soochna Sansar]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 12:25:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>विजय कुमार निगम लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी “प्रोजेक्ट गंगा” अब जल्द “लाइव” होने जा रहा है। सरकार की ओर से परियोजना से जुड़े लगभग सभी प्रमुख माइलस्टोन पूरे कर लिए गए हैं और &#8230;</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>विजय कुमार निगम लखनऊ:- </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी “प्रोजेक्ट गंगा” अब जल्द “लाइव” होने जा रहा है। सरकार की ओर से परियोजना से जुड़े लगभग सभी प्रमुख माइलस्टोन पूरे कर लिए गए हैं और अब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">              प्रोजेक्ट गंगा का उद्देश्य गांवों और छोटे शहरों तक आधुनिक डिजिटल सेवाओं को पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी हाई स्पीड इंटरनेट और नई तकनीकों से सीधे जुड़ सकें। परियोजना के तहत ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, फ्री पब्लिक वाई-फाई, साइबर सिक्योरिटी, आईपीटीवी और डिजिटल सेवाओं का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="800" height="827" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1052.png" alt="" class="wp-image-17554" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1052.png 800w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1052-290x300.png 290w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1052-768x794.png 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">                 प्रोजेक्ट गंगा की शुरुआत जुलाई 2025 में प्रारंभिक सीडिंग के साथ हुई थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में विभिन्न सरकारी विभागों और स्टेकहोल्डर्स के साथ रणनीतिक चर्चाएं शुरू हुईं। जनवरी 2026 में कॉन्सेप्ट नोट साझा किया गया, जबकि 9 मार्च 2026 को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की उपस्थिति में एमओयू साइन किया गया। इसके बाद मीडिया कवरेज, फाइनल डीपीआर और एमएसएमई विभाग के माध्यम से जिलाधिकारियों को पत्र जारी करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। अप्रैल 2026 तक बैंकिंग पार्टनर्स के साथ फाइनेंशियल एनेबलमेंट को लेकर भी रणनीतिक बातचीत शुरू कर दी गई, जिससे अब यह परियोजना “लाइव” के लिए पूरी तरह तैयार मानी जा रही है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="alignleft size-full"><img decoding="async" width="450" height="328" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1053.png" alt="" class="wp-image-17555" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1053.png 450w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1053-300x219.png 300w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; प्रोजेक्ट गंगा के तहत डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगा। इसके माध्यम से घर-घर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, पब्लिक वाई-फाई और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच संभव होगी। साथ ही सीसीटीवी आधारित सुरक्षा समाधान, साइबर सिक्योरिटी सेवाएं और संस्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जाएगा। परियोजना का लक्ष्य केवल इंटरनेट पहुंचाना नहीं, बल्कि गांवों को भविष्य की डिजिटल तकनीकों के लिए तैयार करना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; प्रोजेक्ट गंगा के जरिए ग्रामीण युवाओं को डिजिटल रोजगार से जोड़ने पर विशेष फोकस किया गया है। इसके तहत फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क, ऑनलाइन वोकेशनल ट्रेनिंग और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे गांवों में रहने वाले युवाओं को भी बड़े शहरों जैसी डिजिटल संभावनाओं का लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इकॉनामी को नई गति दे सकती है और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी ही भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में प्रोजेक्ट गंगा “कनेक्टेड गांव, समृद्ध यूपी” के विजन को मजबूत आधार देगा। सरकार की कोशिश है कि डिजिटल सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में नई पहचान बनाए।</p>
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		<title>योगी सरकार की दिव्यांग पेंशन योजना बनी लाखों दिव्यांगजनों का सहारा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Soochna Sansar]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 13:14:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विजय कुमार निगम लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों के सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संचालित दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना लाखों जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभरी है। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a5%87/">योगी सरकार की दिव्यांग पेंशन योजना बनी लाखों दिव्यांगजनों का सहारा</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>विजय कुमार निगम लखनऊ :-</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों के सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संचालित दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना लाखों जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभरी है। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 12 लाख से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">         दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना प्रारंभ में समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित होती थी, लेकिन बाद में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के गठन के पश्चात इसका संचालन विभाग द्वारा किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को लाभ प्रदान किया जाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="800" height="450" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1024.png" alt="" class="wp-image-17466" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1024.png 800w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1024-300x169.png 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1024-768x432.png 768w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1024-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;योजना का लाभ उन दिव्यांगजनों को दिया जाता है जिनके पास आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं है तथा जो शारीरिक स्थिति के कारण नियमित कार्य करने में असमर्थ हैं। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवक-युवतियां योजना के लिए पात्र हैं। इसके अतिरिक्त लाभार्थी की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आय सीमा 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; योगी सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह सरल एवं ऑनलाइन बना दिया है। अब पात्र दिव्यांगजन&nbsp;<a href="http://sspy-up.gov.in/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">sspy-up.gov.in</a>&nbsp;पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को भी योजना का लाभ प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। वर्ष 2025-26 में योजना के अंतर्गत 12,23,295 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह दर्शाता है कि सरकार योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;योजना के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहायता राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से कोषागार की ई-पेमेंट प्रणाली द्वारा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे भ्रष्टाचार एवं बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि प्राप्त हो रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं डिजिटल बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन योजना से जुड़ सकें।</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a5%87/">योगी सरकार की दिव्यांग पेंशन योजना बनी लाखों दिव्यांगजनों का सहारा</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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			</item>
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		<title>वित्त एवं कार्यमंत्री खन्ना ने प्रस्तुत किया वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का मेगा बजट..!</title>
		<link>https://soochanasansar.in/finance-and-works-minister-khanna-presented-a-mega-budget-of-rs-9-12-lakh-crore-for-the-financial-year-2026-27/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 08:25:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Stories]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विजय कुमार निगम लखनऊ &#124; उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। &#8220;नव निर्माण के नौ वर्ष&#8221; की थीम पर प्रस्तुत बजट 2026-27 का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/finance-and-works-minister-khanna-presented-a-mega-budget-of-rs-9-12-lakh-crore-for-the-financial-year-2026-27/">वित्त एवं कार्यमंत्री खन्ना ने प्रस्तुत किया वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का मेगा बजट..!</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>विजय कुमार निगम लखनऊ | </strong>उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। &#8220;नव निर्माण के नौ वर्ष&#8221; की थीम पर प्रस्तुत बजट 2026-27 का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। आकार के लिहाज से योगी सरकार ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को बताया कि यह बजट राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता, निवेश के अनुकूल माहौल और सुदृढ़ राजकोषीय प्रबंधन का परिणाम है। यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सतत विकास की स्पष्ट रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। बजट 2026-27 सरकार की उस सोच को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और भविष्य की तैयारी तीनों को समान महत्व दिया गया है। इस बजट में अन्नदाता किसान, युवा, महिला, छात्र-छात्राओं समेत हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="614" height="1024" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-912-614x1024.png" alt="" class="wp-image-17122" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-912-614x1024.png 614w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-912-180x300.png 180w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-912.png 624w" sizes="auto, (max-width: 614px) 100vw, 614px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"> वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है, जो आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास, सड़क, ऊर्जा और शहरी-ग्रामीण अधोसंरचना को नई गति देगा। पूंजीगत निवेश से रोजगार सृजन होगा और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार ने सामाजिक क्षेत्रों को बजट में प्रमुख स्थान दिया है। इसके अंतर्गत शिक्षा के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए 6 प्रतिशत और कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत का आवंटन किया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मानव संसाधन विकास और किसानों की आय बढ़ाने को विकास की धुरी मानकर चल रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><em>    उन्होंने बताया कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह राजकोषीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 1,18,480.59 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 प्रतिशत है। यह 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर है और वित्तीय अनुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। समग्र परिप्रेक्ष्य में, बजट 2026-27 में एक ओर जहां विकासोन्मुख नई योजनाओं का विस्तार है, वहीं दूसरी ओर राजस्व बचत और नियंत्रित राजकोषीय घाटे के माध्यम से वित्तीय स्थिरता बनाए रखने का स्पष्ट प्रयास किया गया है। </em></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;बजट में विशेष रूप से कृषि विभाग के अंतर्गत डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की महत्वाकांक्षी योजना के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा संक्रमण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये का कोष नाबार्ड की सहभागी संस्था ‘नैब किसान’ के साथ मिलकर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें सरकार 75 करोड़ रुपये का अंशदान देगी। प्रत्येक पात्र एफपीओ को अधिकतम 50 लाख रुपये तक की ऋण सीमा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, यूपी एग्रीज के अंतर्गत प्रदेश में एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>इसके अलावा, बजट में स्वच्छताकर्मियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये भेजने का भी प्राविधान किया गया है। इसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही स्कीम का फायदा स्वच्छताकर्मियों को मिलेगा।</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिकों तथा पीएम पोषण योजना की रसोइयों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए 357.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 89.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्कूल उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत मेधावी छात्रों के शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><em>      सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉइमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खाद्य उत्पादों को पहचान और बाजार मिलेगा। इसके साथ ही, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में फिल्म उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।</em></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ (यूपीएआई मिशन) शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अगले तीन वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ नियोजन विभाग के अंतर्गत स्टेट डाटा अथॉरिटी की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 53 विभागों में ‘जन विश्वास सिद्धांत’ लागू किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><em>        मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के अंतर्गत गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और लखनऊ में निर्माण कार्य चल रहा है। अन्य जनपदों (अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर एवं मुरादाबाद) में विस्तार के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। जनमानस के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एसजीपीजीआई में क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सुविधा प्रारंभ करने के लिए 359 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। </em></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके साथ ही कैंसर मिशन के अंतर्गत हब एवं स्पोक मॉडल पर राज्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों तथा निजी क्षेत्र के समन्वय से कैंसर उपचार व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।  केन्द्रीय बजट 2026-27 के अंतर्गत सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना में 7 रीजन की पहचान की गई है, जिनमें वाराणसी रीजन भी शामिल है। नीति आयोग की जनवरी 2026 की रिपोर्ट में काशी-विन्ध्य क्षेत्र को ‘इकोनॉमिक हब’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसमें 34 प्राथमिकता परियोजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, पर्यटन, विनिर्माण, ऊर्जा और आवास क्षेत्रों में समेकित विकास किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; उत्तर प्रदेश बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को आसान, ब्याज-मुक्त एवं चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराकर ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को गति दी जाएगी। वहीं महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामान की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों में महिलाओं द्वारा संचालित शोरूम व दुकानों की व्यवस्था की जाएगी, जिनका किराया शुरुआती तीन वर्षों तक राज्य सरकार वहन करेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><em>       वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में राज्य को 29.3 प्रतिशत ऋण-जीएसडीपी की अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया गया। हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण यह अनुपात वर्ष 2021-22 में बढ़कर 33.4 प्रतिशत हो गया था, लेकिन सुनियोजित राजकोषीय प्रबंधन के चलते वर्ष 2024-25 में इसे पुनः 27 प्रतिशत से नीचे लाया गया है। सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य तय किया है। इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने का संकल्प भी दोहराया गया है। इसका उद्देश्य राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित करना है।</em></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; प्रदेश सरकार ने अपने बजट में 43,565.33 करोड़ रुपये की नई योजनाओं को शामिल किया है, जिनका उद्देश्य अधोसंरचना विकास, सामाजिक क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और उत्पादक निवेश को गति देना है। यह प्रावधान राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य की कुल प्राप्तियां 8,48,233.18 करोड़ रुपये अनुमानित की गई हैं। इसमें से राजस्व प्राप्तियां 7,28,928.12 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत प्राप्तियां 1,19,305.06 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का बड़ा हिस्सा 6,03,401.76 करोड़ रुपये है। इसमें स्वयं का कर राजस्व 3,34,491 करोड़ रुपये तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 2,68,910.76 करोड़ रुपये शामिल है। यह वित्तीय संरचना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि राज्य की आय में स्वयं के संसाधनों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है, जिससे राज्य आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनता जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;राज्य सरकार ने कुल 9,12,696.35 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव रखा है, जिसमें पूंजीगत निवेश को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें से 6,64,470.55 करोड़ रुपये राजस्व लेखा व्यय तथा 2,48,225.81 करोड़ रुपये पूंजी लेखा व्यय के रूप में निर्धारित किए गए हैं। पूंजीगत व्यय का यह उच्च स्तर राज्य में दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के निर्माण, आधारभूत संरचना के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि समेकित निधि की प्राप्तियों में से कुल व्यय घटाने पर 64,463.17 करोड़ रुपये का घाटा अनुमानित है। वहीं लोक लेखे से 9,500 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियां अनुमानित की गई हैं। इन दोनों को समायोजित करने पर समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 54,963.17 करोड़ रुपये ऋणात्मक आंका गया है, जो वित्तीय प्रबंधन के संतुलन की आवश्यकता को इंगित करता है। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक शेष 96.41 करोड़ रुपये ऋणात्मक को जोड़ने पर अंतिम शेष 55,059.58 करोड़ रुपये ऋणात्मक अनुमानित है। एक सकारात्मक संकेत यह भी है कि राजस्व बचत 64,457.57 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है, जो दर्शाता है कि राज्य की नियमित आय उसके नियमित व्यय से अधिक है और राजकोषीय संतुलन को बनाए रखने में सहायता कर रही है।</p>
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		<title>Air India के 70% विमान &#8216;बीमार&#8217;, 10 में से 7 जहाजों में मिली तकनीकी खामी..!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:22:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली । हवाई सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। केंद्र सरकार ने संसद में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया है कि देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया के विमानों की तकनीकी स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। आंकड़ों के मुताबिक, एयरलाइन के हर 10 में से 7 &#8230;</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली ।</strong> हवाई सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। केंद्र सरकार ने संसद में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया है कि देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया के विमानों की तकनीकी स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। आंकड़ों के मुताबिक, एयरलाइन के हर 10 में से 7 विमानों में कोई न कोई तकनीकी खराबी पाई गई है। इसका सीधा मतलब है कि एयर इंडिया के बेड़े के लगभग 70 फीसदी विमान तकनीकी रूप से &#8216;बीमारÓ हैं। सरकार ने बताया कि जनवरी 2025 से लेकर इस साल 3 फरवरी तक अलग-अलग एयरलाइंस के कुल 377 विमानों में बार-बार गड़बड़ी होने की पुष्टि हुई है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="276" height="183" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-896.png" alt="" class="wp-image-17058" style="width:642px;height:auto"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>एयर इंडिया के 166 में से 137 विमानों में गड़बड़ी</strong><br>नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एयर इंडिया के 166 विमानों का विश्लेषण किया गया था, जिनमें से 137 विमानों में बार-बार तकनीकी खामियां सामने आईं। यह अनुपात अन्य सभी एयरलाइनों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। वहीं, टाटा समूह की ही दूसरी एयरलाइन &#8216;एयर इंडिया एक्सप्रेस के हालात भी बहुत अच्छे नहीं हैं, जहां 101 विमानों की जांच में से 54 में गड़बड़ी पाई गई है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से 148 में बार-बार खराबी होने की बात पता चली है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="500" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-897.png" alt="" class="wp-image-17059" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-897.png 800w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-897-300x188.png 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-897-768x480.png 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>स्पाइसजेट और आकासा एयर का हाल</strong><br>सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों में अन्य निजी एयरलाइनों की स्थिति भी बहुत संतोषजनक नहीं है। स्पाइसजेट के 43 विमानों की जांच की गई थी, जिनमें से 16 में तकनीकी समस्याएं पाई गईं। इसी तरह, आकासा एयर के 32 विमानों के विश्लेषण में कुल 14 विमानों में बार-बार गड़बड़ी होने की बात सामने आई है। विमानन सुरक्षा नियामक यानी डीजीसीए ने सुरक्षा मानकों को परखने के लिए 3,890 निगरानी निरीक्षण भी किए हैं।<br><strong>तकनीकी खामियों के मामलों में आई मामूली कमी</strong><br>हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले तीन वर्षों में उड़ानों के दौरान आने वाली तकनीकी गड़बड़ियों की कुल संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि साल 2024 में तकनीकी गड़बड़ी के कुल 421 मामले सामने आए थे, जो उससे पिछले साल की 448 घटनाओं से कम थे। डीजीसीए के पास सुरक्षा निगरानी का एक व्यवस्थित तंत्र मौजूद है, जिसके तहत अचानक जांच और रेगुलेटरी ऑडिट किए जाते हैं। यदि ऑडिट के दौरान नियमों का उल्लंघन या कोई कमी पाई जाती है, तो एयरलाइंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है और उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाते हैं।</p>
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		<title>शरद पवार &#8220;मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं&#8221; सुनेत्रा को डिप्टी CM बनाए जाने के फैसले पर बोले..!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 11:51:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली (आरएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (हृष्टक्क) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। सुनेत्रा पवार शनिवार को अपने बेटे पार्थ पवार के साथ मुंबई पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक, वह आज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/sharad-sharad-said-i-have-no-information-about-this-on-the-decision-to-make-sunetra-the-deputy-cm/">शरद पवार &#8220;मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं&#8221; सुनेत्रा को डिप्टी CM बनाए जाने के फैसले पर बोले..!</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली  (आरएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (हृष्टक्क) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। सुनेत्रा पवार शनिवार को अपने बेटे पार्थ पवार के साथ मुंबई पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक, वह आज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं। इस घटनाक्रम पर हृष्टक्क प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए खुद को इससे अलग बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुनेत्रा पवार के संभावित शपथ ग्रहण को लेकर उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="alignleft size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-862-1024x576.png" alt="" class="wp-image-16920" style="width:810px;height:auto" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-862-1024x576.png 1024w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-862-300x169.png 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-862-768x432.png 768w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-862.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption"><strong><em>शरद पवार ने यह भी कहा कि उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा थी कि हृष्टक्क के दोनों गुट एक साथ आएं। उनके अनुसार, अजित पवार इस विषय पर लगातार विचार कर रहे थे और दोनों गुटों के विलय को लेकर बातचीत भी शुरू हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि अजीत पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और विलय की तारीख 12 फरवरी तय की गई थी। हालांकि, इससे पहले ही अजित पवार का निधन हो गया।</em></strong></figcaption></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph"><br>बारामती में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना नहीं दी गई है और उन्हें इस बारे में मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए ही जानकारी मिली है। उन्होंने दोहराया कि इस फैसले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या पवार परिवार का कोई सदस्य शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होगा, तो शरद पवार ने कहा कि यह फैसला हृष्टक्क ने लिया होगा। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं, जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे, ने इस दिशा में पहल की होगी और उन्होंने ही आगे की रणनीति तय की होगी।<br><br>गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। इसके बाद हृष्टक्क के एक वर्ग ने मांग की थी कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उनके पद पर सुनेत्रा पवार को शामिल किया जाए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और वह शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर कैबिनेट में अपने दिवंगत पति की जगह ले सकती हैं।</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/sharad-sharad-said-i-have-no-information-about-this-on-the-decision-to-make-sunetra-the-deputy-cm/">शरद पवार &#8220;मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं&#8221; सुनेत्रा को डिप्टी CM बनाए जाने के फैसले पर बोले..!</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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