<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>delhi poilce Archives | Soochana Sansar</title>
	<atom:link href="https://soochanasansar.in/tag/delhi-poilce/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://soochanasansar.in/tag/delhi-poilce/</link>
	<description>Hindi Dainik</description>
	<lastBuildDate>Mon, 20 Jul 2026 14:32:36 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.2</generator>

<image>
	<url>https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/cropped-icon-32x32.png</url>
	<title>delhi poilce Archives | Soochana Sansar</title>
	<link>https://soochanasansar.in/tag/delhi-poilce/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>संसद मार्च बना बवाल! बैरिकेड टूटे, लाठीचार्ज-आंसू गैस के बीच 9 घंटे तक थमी रही दिल्ली</title>
		<link>https://soochanasansar.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:32:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ताजा खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
		<category><![CDATA[breakingnews]]></category>
		<category><![CDATA[cjp]]></category>
		<category><![CDATA[delhi poilce]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[pm modi]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://soochanasansar.in/?p=18801</guid>

					<description><![CDATA[<p>काॅकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार को संसद मार्च के बहाने उग्र हो गया। सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शांतिपूर्ण संसद मार्च का आह्वान किया था लेकिन सोमवार को पुलिस की तैयारियों के दावों के बीच प्रदर्शनकारी सुरक्षा के कई घेरों को तोड़ते &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95/">संसद मार्च बना बवाल! बैरिकेड टूटे, लाठीचार्ज-आंसू गैस के बीच 9 घंटे तक थमी रही दिल्ली</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">काॅकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार को संसद मार्च के बहाने उग्र हो गया। सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शांतिपूर्ण संसद मार्च का आह्वान किया था लेकिन सोमवार को पुलिस की तैयारियों के दावों के बीच प्रदर्शनकारी सुरक्षा के कई घेरों को तोड़ते हुए संसद भवन तक पहुंच ही गए। इस दौरान करीब नौ घंटे तक नई दिल्ली लगभग बंधक सी रही।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भगदड़ में 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच घंटों जमकर झड़पें होती रहीं। संसद मार्ग, जनपथ और रायसीना मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने करीब 25 सरकारी व अन्य लोगों के निजी वाहनों को तोड़कर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को बार-बार लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भगदड़ में 15 से अधिक पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निर्भया कांड और&nbsp;किसान प्रदर्शन की दिलाई याद</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस घटना ने साल 2012 में निर्भया कांड और 2020 के किसानों के प्रदर्शन को याद दिला दिया। करीब एक लाख से अधिक की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी उत्पात पर उतर आए। भीड़ के सामने दिल्ली पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल पूरी तरह से असहाय नजर आई। प्रदर्शनकारियों के उत्पात से सिर्फ लुटियंस दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरी दिल्ली प्रभावित हो गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आधे घंटे के सफर में लगे दो घंटे</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पुलिस ने नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली में प्रवेश रोकने के लिए यहां आने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी। इससे विकास मार्ग, एनएच 44 और एनएच-9 के अलावा दक्षिणी दिल्ली से आने वाले प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया। कार्यालय पहुंचने के समय होने के कारण नौकरीपेशा लोग इससे काफी परेशान दिखे। आधे घंटे का सफर तय करने में लोगों को दो घंटे लग गए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या पुलिस नहीं लगा पाई अंदाजा?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शनिवार सुबह सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अनशन शुरू कर दिया और यहां प्रदर्शनकारियों की संख्या भी बढ़ने लगी थी। रविवार रात में भी जंतर मंतर पर करीब पांच से छह हजार लोगों की भीड़़ रूकी रही लेकिन पुलिस इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाई कि सोमवार को भीड़ अनियंत्रित हो सकती है।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/07/20/template/image/CJP-Protest13-1784556424513.jpg" alt="CJP-Protest13"/></figure>



<h3 class="wp-block-heading">बेबस होकर पुलिस को होना पड़ा सख्त</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सोमवार सुबह आठ बजे से जंतर-मंतर, संसद मार्ग, रायसीना मार्ग, जनपथ और टालस्टाय मार्ग आदि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का जुटना शुरू हो गया। इनमें युवाओं की संख्या अधिक थी। प्रदर्शनकारियों को संसद की तरफ न जाने देने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कई घेरे बनाए थे। लेकिन जंतर-मंतर से जब प्रदर्शनकारी निकलकर संसद भवन की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस बेबस नजर आने लगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ते हुए पहले संसद मार्ग थाने तक पहुंच गए। दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शनकारी रायसीना मार्ग से होते हुए संसद भवन के नजदीक पहुंच गए तब पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। बहुत मुश्किल से पुलिसकर्मियों ने वहां हालात को काबू किया। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग को पूरी तरह हाइजैक कर लिया।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/07/20/template/image/CJP-Protest12-1784556357464.jpg" alt="CJP-Protest12"/></figure>



<h3 class="wp-block-heading">कार्यालयों में घुसकर करने लगे तोड़फोड़</h3>



<p class="wp-block-paragraph">यहां एनडीएमसी बिल्डिंग, टाॅलस्टाॅय मार्ग चौराहे से लेकर संसद मार्ग थाने तक प्रदर्शनकारियों ने करीब आठ घंटे तक जमकर उपद्रव मचाया। प्रदर्शनकारियों ने भरतीय जीवन बीमा निगम की बिल्डिंग से पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसके बाद यहां भी पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में 25 से अधिक पुलिसकर्मी व प्रदर्शनकारी घायल हुए। हालात इतनी बेकाबू थी कि प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग के दोनों तरफ स्थित सभी सरकारी व बैंकों आदि के कार्यालयों के परिसर में घुसकर ताेड़फोड़ शुरू कर दी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">20 से अधिक पुलिस व निजी वाहन तोड़े</h3>



<p class="wp-block-paragraph">स्थिति को देखते हुए सभी कार्यालय बंद कर दिए गए। कुछ लोग कार्यालय बंद कर भाग गए तो कुछ ने अंदर से खुद को बंद कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़़कों के किनारे और कार्यालय परिसर में खड़़ी 20 से अधिक पुलिस व निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। कार्यालयों में लगे साइन बोर्ड, स्टील की रेलिंग के साथ गमले तोड़ दिए।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/07/20/template/image/CJP-Protest11-1784556293301.jpg" alt="CJP-Protest11"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों हटाने के लिए आंसू गैस छोड़ते अर्धसैनिक बल के जवान। हरीश कुमार</p>



<h3 class="wp-block-heading">आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सड़कों पर खड़ी सभी पुलिस वैन व निजी बसों के अंदर व छतों पर बैठकर प्रदर्शनकारी घंटों नारेबाजी करते रहे। पुलिस बार-बार प्रदर्शनकारियों को शांत रहने व संसद की तरफ न जाने की अपील करती रही लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ में सैकड़ों लोगों के जूते व चप्पल छूट गए। संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारी जब शांत हुए उसके बाद जनपथ पर पथराव व नारेबाजी शुरू कर दी गई, जिससे वहां भी पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा।</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95/">संसद मार्च बना बवाल! बैरिकेड टूटे, लाठीचार्ज-आंसू गैस के बीच 9 घंटे तक थमी रही दिल्ली</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संसद मार्च पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, इन सवालों के देने होंगे जवाब : क्या ये दिल्ली पुलिस की चूक?</title>
		<link>https://soochanasansar.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:26:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[news]]></category>
		<category><![CDATA[ताजा खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
		<category><![CDATA[breakingnews]]></category>
		<category><![CDATA[cjp]]></category>
		<category><![CDATA[delhi poilce]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[latestnews]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://soochanasansar.in/?p=18796</guid>

					<description><![CDATA[<p>कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का सोमवार को हुआ विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि &#8216;जंतर मंतर टू संसद भवन&#8217; तक हुए विरोध प्रदर्शन बाबत सटीक खुफिया इनपुट जुटाने में दिल्ली पुलिस चूक गई। दिल्ली पुलिस को विरोध &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b2/">संसद मार्च पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, इन सवालों के देने होंगे जवाब : क्या ये दिल्ली पुलिस की चूक?</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का सोमवार को हुआ विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि &#8216;जंतर मंतर टू संसद भवन&#8217; तक हुए विरोध प्रदर्शन बाबत सटीक खुफिया इनपुट जुटाने में दिल्ली पुलिस चूक गई। दिल्ली पुलिस को विरोध प्रदर्शन के बारे में सभी तरह की जानकारी नहीं थी। संसद भवन परिसर के मुख्य गेटों पर सीआईएसएफ के स्नाइपर तैनात करने पड़े। प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर से संसद भवन के सामने तक पहुंचना, उनकी संख्या का अंदाजा न होना, लगभग दो हजार पुलिस कर्मी व आरएएफ की तैनाती, प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल और दिल्ली मेट्रो के अनियोजित एवं ऑन स्पॉट लिए गए निर्णय, दिल्ली पुलिस को अब इन्हीं सवालों का जवाब देना है।   </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="738" height="414" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1426.png" alt="" class="wp-image-18799" srcset="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1426.png 738w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1426-300x168.png 300w, https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1426-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 738px) 100vw, 738px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वांगचुक को अस्पताल तक ले जाने में कामयाब&nbsp;</strong><br>जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन और कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, इसे लेकर दिल्ली पुलिस के पास ठोस खुफिया इनपुट का अभाव रहा है। वांगचुक की हालत जब बिगड़ने लगी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने सुबह मॉक ड्रिल के बहाने जंतर-मंतर पर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को तितर बितर कर दिया। दिल्ली पुलिस, छोटी सी कार्रवाई के जरिए वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल तक ले जाने में कामयाब रही। हालांकि इस कार्रवाई से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला था। गृह मंत्रालय ने एकाएक पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को उनके पद से हटाकर अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस की कमान सौंप दी थी। अनुराग कुमार, लगभग बीस साल तक आईबी में रहे हैं। &nbsp; &nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>दिल्ली पुलिस को देना है इन सवालों का जवाब:&nbsp;</strong></h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>-जब कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले से ही संसद मार्च की घोषणा कर रखी थी तो पुलिस ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस की तरफ से संसद मार्च की अनुमति भी नहीं मिली थी। </li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li>-दिल्ली पुलिस को इसका कोई अंदाजा नहीं था कि संसद मार्च में युवाओं की कितनी संख्या हो सकती है। उसे राजनीतिक दलों का कितना समर्थन हासिल है। संसद मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न दलों के नेताओं से मिलकर उनसे जंतर-मंतर पर पहुंचने की अपील की थी।  </li>



<li>-प्रदर्शनकारियों ने जब जंतर-मंतर से मार्च निकालना शुरु किया तो कई जगहों पर पुलिस और आरएएफ के जवान उनके पीछे थे। दो हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी, प्रदर्शनकारियों को रोक नहीं सके। नतीजा, पहली बार किसी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों को संसद भवन के मुख्य गेट पर स्नाइपर तैनात करने पड़े। </li>



<li>-प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों को आसानी से पार कर लिया। वे रेल भवन होते हुए रफी मार्ग के जरिए पीटीआई के सामने संसद भवन परिसर के बिल्कुल करीब तक पहुंच गए। पुलिस उन्हें पहले किसी प्वाइंट पर रोकने में असफल रही। </li>



<li>-पुलिस के पास इस जानकारी का अभाव था कि नई दिल्ली और दूसरे इलाकों में कितने प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। कई जगहों पर अवरोधक लगाए गए, मगर प्रदर्शनकारी तकरीबन सभी दिशाओं से आते रहे। </li>



<li>-दोपहर तक नई दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल रहा। अगर दिल्ली पुलिस के पास पुख्त इनपुट था तो आसपास के सरकारी कार्यालयों का समय नहीं बदला गया। इसमें छुट्टी भी एक विकल्प था। </li>



<li>-दिल्ली मेट्रो ट्रेन में अतिरिक्त कर्मचारी ड्यूटी पर थे। उनका काम ये देखना था कि मेट्रो में प्रदर्शनकारियों का भारी जमावड़ा तो नहीं हो रहा। यहां पर भी दिल्ली पुलिस और मेट्रो स्टाफ के बीच तालमेल की कमी रही। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भीड़ को मैनेज करने के लिए एकाएक निर्णय लिए जा रहे थे। </li>



<li>-राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ के चलते अव्यवस्था हो गई। पटेल चौक पर मेट्रो को नहीं रोका गया। बाकी स्टेशनों के कई गेट बंद कर दिए गए। मेट्रो स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी के बीच सीआईएसएफ को उन्हें अलग व्यवस्था के जरिए बाहर निकालना पड़ा। </li>



<li>-दिल्ली पुलिस के निचले स्टाफ से कहा गया था कि उन्हें प्रदर्शनकारियों से उलझना नहीं है। उनका आचरण ठीक होना चाहिए। ये आदेश तब दिए गए थे, जब दिल्ली पुलिस को प्रदर्शनकारियों की संख्या का सटीक अंदाजा नहीं था। पुलिस की सोच यह थी कि जंतर-मंतर पर चार-पांच हजार प्रदर्शनकारी पहुंचेंगे तो उन्हें संभाल लेंगे। </li>
</ul>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b2/">संसद मार्च पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, इन सवालों के देने होंगे जवाब : क्या ये दिल्ली पुलिस की चूक?</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
