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	<title>eduataion Archives | Soochana Sansar</title>
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		<title>शिक्षा मंत्रालय रात आठ बजे कर सकता है बड़ा एलान, क्या बदलने जा रहे हैं परीक्षा प्रणाली के नियम? NTA Reform</title>
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		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 14:32:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच माना जा रहा है कि शिक्षा मंत्रालय आज रात आठ बजे प्रेसवार्ता करेगा। माना जा रहा है कि कई बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय एनटीए में व्यापक सुधारों पर बात कर सकता है। यह संभावित घोषणा ऐसे समय में होने जा &#8230;</p>
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<p class="wp-block-paragraph">जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच माना जा रहा है कि शिक्षा मंत्रालय आज रात आठ बजे प्रेसवार्ता करेगा। माना जा रहा है कि कई बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय एनटीए में व्यापक सुधारों पर बात कर सकता है। यह संभावित घोषणा ऐसे समय में होने जा रही है, जब 2026 नीट पेपर लीक के कथित मामले के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की मांग तेज हो गई है।&nbsp;न्यूज एजेंसी यूएनआई के मुताबिक मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बड़े पैमाने पर अधिकारियों को हटाया जा सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय की प्रस्तावित घोषणा का मुख्य उद्देश्य एनटीए की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाना है। हाल के महीनों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन को लेकर कई सवाल उठे हैं। इसी वजह से परीक्षा प्रणाली में सुधार और एजेंसी की जवाबदेही बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है। माना जा रहा है कि शुक्रवार रात होने वाली घोषणा इन्हीं सुधारों पर केंद्रित होगी। हालांकि मंत्रालय की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर किसी प्रस्तावित बदलाव का विवरण जारी नहीं किया गया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="300" height="168" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/image-1490.png" alt="" class="wp-image-19037" style="aspect-ratio:1.7858803832201655;width:512px;height:auto"/></figure>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>रात आठ बजे होने वाले एलान में क्या हो सकता है?</strong></h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>संभावना है कि एनटीए  के कामकाज में व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं। एजेंसी की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी बड़ा सुधार किया जा सकता है। परीक्षा संचालन से जुड़े निजी वेंडर्स और सेवा प्रदाताओं के चयन के नियम सख्त किए जा सकते हैं। पेपर लीक रोकने के लिए लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित की जा सकती है। परीक्षा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए निगरानी और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। </li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li>माना जा रहा है कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। परीक्षा केंद्रों के चयन और उनकी निगरानी के नियमों में बदलाव हो सकता है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और वितरण प्रक्रिया को और सख्त बनाया जा सकता है। एनटीए की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए प्रावधान किए जा सकते हैं। परीक्षा प्रक्रिया की नियमित समीक्षा और निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की जा सकती है।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>NTA में सुधार की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है?</strong></h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। खासकर 2026 नीट पेपर लीक के कथित मामले के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग तेज हो गई। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन भी किया। </li>



<li>परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग उठाई। छात्रों के आंदोलन के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा। विभिन्न स्तरों पर यह कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए NTA की कार्यप्रणाली में बदलाव जरूरी है।</li>
</ul>
<p>The post <a href="https://soochanasansar.in/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%86%e0%a4%a0-%e0%a4%ac%e0%a4%9c/">शिक्षा मंत्रालय रात आठ बजे कर सकता है बड़ा एलान, क्या बदलने जा रहे हैं परीक्षा प्रणाली के नियम? NTA Reform</a> appeared first on <a href="https://soochanasansar.in">Soochana Sansar</a>.</p>
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		<title>बच्चों के लिए खतरनाक कोरोना के नए वैरिएंट &#124; India COVID-19 Second Face</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Apr 2021 07:35:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ताजा खबरे]]></category>
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		<category><![CDATA[corona]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कोरोना संक्रमण की पहली लहर का बच्चों व किशोरों पर प्रभाव न के बराबर रहा, लेकिन दूसरी लहर उनके लिए खतरनाक साबित हो रही है। बड़ी संख्या में मासूम व किशोर कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। एहतियातों के साथ लंबे अरसे बाद स्कूल खुले, लेकिन बढ़ते संक्रमण के कारण उन्हें फिर से बंद करना पड़ा। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">कोरोना संक्रमण की पहली लहर का बच्चों व किशोरों पर प्रभाव न के बराबर रहा, लेकिन दूसरी लहर उनके लिए खतरनाक साबित हो रही है। बड़ी संख्या में मासूम व किशोर कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। एहतियातों के साथ लंबे अरसे बाद स्कूल खुले, लेकिन बढ़ते संक्रमण के कारण उन्हें फिर से बंद करना पड़ा। बच्चों का कोरोना संक्रमित होना समाज और देश के लिए ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि अब तक उनके लिए वैक्सीन भी नहीं आई है। आइए जानते हैं कि बच्चे दूसरी लहर के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में क्यों आ रहे हैं और कैसे उन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है..</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://w.ndtvimg.com/sites/3/2021/04/05204208/Second_Wave_Of_COVID-19_Affecting_Children_More_istock_660x330.jpg" alt="COVID-19 Affecting Children More Than In First Wave, Says A Pediatrician |  News"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वयस्कों से अलग हैं बीमारी के लक्षण</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">कोरोना वायरस दो लोगों में एक ही प्रकार के लक्षण नहीं छोड़ता। यह बात बच्चों पर भी लागू होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों में कोरोना संक्रमण के लक्षण वयस्कों से अलग होते हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण के कई लक्षण दूसरे संक्रमण की तरह हैं, इसलिए अभिभावकों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों में संक्रमण के लक्षण बहुत हल्के रूप में दिखाई देते हैं, लेकिन वे लंबे समय तक पीड़ित रह सकते हैं। इसलिए, जरूरी है कि बच्चों को हल्का बुखार हो तब भी डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अन्य लक्षणों में पेट में संक्रमण, शरीर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना आदि शामिल हैं। ऐसे लक्षण नवजात में भी दिखाई दे सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या उम्र से पड़ता है अंतर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड संक्रमण के लिए अब उम्र की सीमा नहीं रह गई है। एक से 16 साल तक के किसी भी उम्र के बच्चे या किशोर को कोरोना संक्रमण हो सकता है। ऐसे भी मामले सामने आए हैं कि नवजात भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। जन्म के समय ही बच्चे में मां से कोरोना वायरस पहुंच चुका था। अब अगर अंतर की गुंजायश रह गई है तो वह है बीमारी की गंभीरता की। जिन बच्चों की इम्युनिटी कमजोर है और गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें कोरोना संक्रमण के बाद अधिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बच्चों से फैल सकता है कोरोना</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">कई अध्ययन इस बात का इशारा करते हैं कि बच्चों से कोरोना संक्रमण का प्रसार हो सकता है। चूंकि ज्यादातर बच्चों में कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण दिखाई देते, इसलिए उन्हें वायरस का साइलेंट स्प्रेडर यानी अज्ञात प्रसारक माना जा सकता है। इस समय जबकि कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, कई विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चे वायरस के सुपर स्प्रेडर हो सकते हैं और वे वयस्कों को भी संक्रमित कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अभी मासूम और किशोरों के लिए नहीं आई है वैक्सीन, रहना होगा ज्यादा सतर्क</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत इसलिए भी है, क्योंकि उनके लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं आई है। दूसरी तरफ, कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड में कई बदलाव हो चुके हैं और नए वैरिएंट एंटीबॉडी और प्रतिरक्षा प्रणाली को झांसा देने में सक्षम हो गए हैं। वायरस से जुड़े स्पाइक प्रोटीन भी आक्रामक हो गए हैं। इसलिए कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ज्यादा तेजी से फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस में जितना ज्यादा म्युटेशन होगा और जितने अधिक नए वैरिएंट आएंगे बच्चों के लिए खतरा उतना बढ़ता जाएगा। उदाहरण के लिए भारत के डबल म्यूटेंट वैरिएंट से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों व किशोरों के संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मास्क पहनने की आदत डालें</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चे जब भी घर से बाहर निकलें तो उन्हें मास्क पहनने के लिए कहें। बार-बार हाथ धोने अथवा सैनिटाइज करने की आदत डालें। फिलहाल पार्क आदि सार्वजनिक जगहों पर भेजने से परहेज करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या है एमआइएस-सी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यह कोविड-19 से जुड़ी दुर्लभ जटिलता है, जिसे मल्टीसिस्टम इंफ्लैमेटरी सिंड्रॉम कहा जाता है। बच्चे जब कोरोना से उबर जाते हैं तब उनमें यह जटिलता पैदा हो सकती है। इसके आम लक्षणों में सांस अटकना, दुविधा व शरीर में दर्द आदि शामिल हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>संक्रमण की पुष्टि पर क्या करें</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आपको अपने बच्चे में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो उसे तत्काल आइसोलेशन में भेजें और जांच करवाएं। ज्यादातर बच्चों में कोरोना संक्रमण का असर कम होता है और वे घर पर भी जल्द ठीक हो जाते हैं। अभिभावकों के लिए बच्चों को अकेले छोड़ना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चे के कमरे में जाने से पहले दो फेसमास्क व ग्लव्स का इस्तेमाल करें। बातचीत के दौरान कम से कम दो मीटर की दूरी बनाए रखें।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इन वैरिएंट से खतरा ज्यादा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">शुरुआती दौर में पाया गया था कि वयस्कों के मुकाबले बच्चों को कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है। उन्हें सहरुग्णता का भी खतरा कम होता है। लेकिन, कोरोना की दूसरी लहर ने इस अवधारण को ध्वस्त कर दिया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि बी.1.1.7 (ब्रिटेन) व बी.1.617 (भारत) वैरिएंट बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है। इन वैरिएंट का देश में अब व्यापक प्रसार हो चुका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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