लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संत शिरोमणि रविदास की जयंती के अवसर पर कानपुर रोड के बाराबिरवा पर संत रविदास मठ पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने मठ परिसर में संत रविदास की प्रतिमा और सुंदरीकरण कार्यों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास की प्रेरणा से ही आज सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत रामानंद परंपरा के संतों ने समाज को जोड़ने का महान कार्य किया और सामाजिक समरसता को मजबूत किया। संत रविदास ने 600 वर्ष पूर्व ही यह संदेश दिया था कि सबको अन्न मिले और कोई भूखा न रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जब से सरकार आई है सभी को अन्न देने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का तप समाज को कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति देता है। संत रविदास ने स्वयं कहा था चलो स्नान करते हैं, और उनकी दमड़ी को गंगा ने स्वीकार किया, जो उनकी महानता का प्रतीक है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों की वाणी कभी व्यर्थ नहीं जाती। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हर गरीब का बैंक खाता खुलवाया गया है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं, जो संत रविदास के विचारों का ही साकार रूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले संत रविदास की जन्मस्थली तक लोग ठीक से जा भी नहीं पाते थे, लेकिन अब चीर गोवर्धन को विकसित किया गया है। वहां स्थापित विशाल प्रतिमा पांच किलोमीटर दूर से दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने काशी को कर्मभूमि बनाकर समाज की एकता को मजबूत किया। देश को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। सरकार सनातन परंपरा से जुड़े 1200 स्थलों का सुन्दरीकरण कर रही है। संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी महाराज की पावन जयंती है। आज से 649 वर्ष पूर्व उनका प्रकटीकरण काशी के सीर गोवर्धन में हुआ था। इतने वर्षों बाद भी उनकी दिव्य आभा से यह समाज आलोकित होकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद गरीबों के बैंक खाते खुलवाकर योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाया गया। हर घर शौचालय, आवास, गैस और बिजली जैसी मूल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं तथा लगातार 6 वर्षों से जरूरतमंदों को निःशुल्क राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की यह भावना सद्गुरु रविदास जी महाराज की प्रेरणा का ही प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि आज माघी पूर्णिमा है।