
@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा।
- बाँदा मे तीन युवतियों ने लगाए शहर के तीन धनाढ्य युवाओं पर लगातार 6 माह से यौन शोषण के आरोप, दर्ज हुई एफआईआर।
- इन युवतियों की तहरीर पर दो दिन बाद दर्ज की गई रिपोर्ट जबकिं राजभैया से पीड़ित दो महिलाओं की एफआईआर ( 5 दिसंबर से 17 दिसंबर तक चक्कर लगे) तेरह दिन बाद मुकदमा संख्या 0314/24 लिखी गई। व अपहरण पर 14 दिसंबर की घटना मे प्रथम सूचना रिपोर्ट 2 फरवरी को लिखी गई थी। हैरत है तब नही बोली थी उजाला वाली पत्रकारिता। या अन्य मीडिया ?
- शहर के तीन लड़के क्रमशः आशीष अग्रवाल,स्वतंत्र साहू,लोकेंद्र सिंह चंदेल आरोपी बने है जिन पर तीन युवतियों ने दुष्कर्म, शराब पिलाकर नग्न अवस्था मे डांस कराने और ब्लैकमेल करने को अश्लीलता के वीडियो बनाने सहित अन्य आरोप लगाए है।
- गत 21 फरवरी को राजाभैया गिरफ्तार हुए थे, यह मामला ग्राम बगदरी (मानिकपुर) निवासी दलित महिला अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म केस से जुड़ा था। लेकिन इसी केस मे नामजद चार अन्य अभियुक्त क्रमशः मुबीन खान, विजयबहादुर, शिवकुमार गर्ग,चिंगारी गैंग सदस्य और शिराज अहमद को अभी तक थाना अतर्रा पुलिस ने पूरी फरारी दे रखी है। इस पर चुप है बाँदा का मीडिया ???
बाँदा। यूपी के ज़िला बाँदा शहर के तीन युवकों पर तीन लड़कियों ने यौनाचार सहित कई संगीन आरोप लगाए है।
बतलाते चले कि नगर कोतवाली मे दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0275/ 2025 बीएनएस की धारा 69, 352, 351(3), 3 (2) V एससी.एसटी मुताबिक ये तीन युवतियां शहर के शांतिनगर व अलीगंज, मर्दननाका की निवासी है। पुलिस को दी गई तहरीर अनुसार तीन मे से एक लड़की दलित व दो मुस्लिम है। इन्होंने शहर के तीन युवाओं जिनमें आशीष अग्रवाल, स्वतंत्र साहू, लोकेंद्र सिंह चन्देल शामिल है इन्हें दुष्कर्म का अभियुक्त बनाया है। वहीं एक अन्य युवक नवीन है जिस पर इन तीन रईसजादों व दुष्कर्म आरोपी लड़को से नौकरी दिलाने के नाम पर सम्पर्क / परिचय कराने का आरोप लगा है। लोकल मीडिया मे बीते मंगलवार से सनसनी बनकर खबरिया बाजार गर्म किये यह दुष्कर्म कांड लगभग 6 माह से सिलसिलेवार यौन शोषण की इबारत पर टिका है। मीडिया रिपोर्ट्स लगातार अपने-अपने बैनरों पर इस प्रकरण को तूल देकर गिरफ्तारी का माहौल बना रहें है। वहीं युवाओं ने अपने फोन नम्बर बन्द कर रखें है। जबकि युवतियों ने भी मीडिया बयान देने से कन्नी काट रखी है।

गौरतलब है कि नगर कोतवाली मे दर्ज इस कथित अपराध की रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ेंगे तो नजर आएगा कि भाषाशैली नौकरी मांगने वाली युवतियों से कहीं ज्यादा किसी अन्य सन्दर्भ व्यक्ति के द्वारा लिखित जान पड़ती है। अलबत्ता एफआईआर दर्ज है तो पीड़िताओं की स्वीकार्यता ली ही गई होगी यह भी सत्य है।
एक आरोपी बोला मैं निर्दोष हूँ और दो ने फोन बंद कर लिए है…

इन तीन युवतियों से दुष्कर्म के आरोपीयों मे आशीष अग्रवाल शहर मे ऑटो पार्ट्स व्यापारी है। उन्होंने कहा कि उन्हें फंसाया गया है। यह षड़यंत्र है वे कोई नौकरी देने की फर्म का संचालन नही करते है। बकौल आशीष अग्रवाल वे पीड़िताओं से परिचित नही है। उधर अन्य दो युवक लोकेंद्र सिंह चन्देल और स्वतंत्र साहू ने केस पर कोई प्रतिक्रिया नही दी है। वहीं युवतियों ने नवीन पर आरोपियों से मुलाकात कराने और नौकरी दिलाने के लिए परिचय की बात तहरीर मे लिखी है जिस पर नवीन कहते है उन्हें कुछ नही कहना है।
युवतियों का आरोप उन्हें शराब और सिगरेट पिलाकर नृत्य कराया जाता था फिर नशे मे होता था दुष्कर्म…

इन तीन युवाओं पर लगातार विगत छः माह से यौन शोषण का आरोप लगाने वाली तीन लड़कियों ने कहा वे इंटर से सहेली है। उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया। उन्हें इमोशनल ब्लैकमेल किया गया। शराब और सिगरेट पिलाकर नशे की हालत मे उनसे दुष्कर्म किया जाता था। उनके अश्लील वीडियो इन युवाओं ने बना लिए थे, जिसको वायरल करने की धमकी दी जाती थी। हम डरे-सहमे रहे लेकिन हिम्मत बांधकर अब न्याय के लिए सामने आये है। उन्होंने इन रईसजादों पर अन्य लड़कियों से भी यौनाचार के आरोप लगाए है, किंतु वे लोकलज्जा के चलते सामने नही आ रहीं है।

बाँदा एसपी ने सीओ सिटी को जांच सौंप दी है…
बाँदा शहर के इस चर्चित यौनाचार मामले की जांच पुलिस अधीक्षक श्री अंकुर अग्रवाल जी ने सीओ सिटी को सौंप दी है। क्योंकि एक लड़की दलित है इसलिए प्रकरण की जांच सीओ स्तर से ही किये जाने का प्रावधान है। वहीं दो युवती अल्पसंख्यक समुदाय / मुस्लिम है। प्रेसवार्ता मे आला अफसर ने निष्पक्ष जांच व पेनड्राइव मे दिए साक्ष्यों को भी विवेचना का हिस्सा बनाये जाने की बात कही है।
एसपी बाँदा का मीडिया मे बयान लिंक देखें
https://youtu.be/gAM8g1-3YfY?si=Ks_Lv53CRt4zVbES
देखना लाजमी होगा कि शहर का यह सुर्खियों वाला दुष्कर्म कांड न्याय की कसौटी पर किस करवट बैठता है। लेकिन मीडिया से हर मामले मे पारदर्शी पत्रकारिता की उम्मीद जनता हमेशा करती है। विडंबना देखिए राजाभैया यादव केस मे किसी अफसर ने 21 फरवरी को गिरफ्तारी से आज तक और फरार चार अभियुक्तों पर कोई मीडिया बयान नही दिया है। अभी तक सहयोगी चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी एक माह बाद भी नही हुई है। विवेचना सीओ अतर्रा प्रवीण यादव व एसआई काशीनाथ यादव ( मुख्य आरोपी के सजातीय) कर रहें है। आगामी 1 अप्रैल को अपहरण केस की बाँदा कोर्ट मे सुनवाई है। लोअर कोर्ट से जमानत खारिज है।

बीते 24 मार्च सोमवार को मुकदमा अपराध संख्या 0314/24 थाना अतर्रा मे हाईकोर्ट पर क्रिमिनल मिस प्रिटीसन 226/255 व 3881/ 25 में सुनवाई थी जो 1 अप्रैल बढ़ गई है। वहीं हाईकोर्ट मे अनिश्चित कालीन अधिवक्ता हड़ताल ( जस्टिस यशवंत वर्मा मुद्दा ) पर 25 मार्च को मंगलवार अपहरण केस मे याचिका संख्या 2210/25 राजाभैया बेल एप्लीकेशन सुनवाई आगे बढ़ गया है।