
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी के बीच जुबानी जंग तेज है. अखिलेश यादव ने जयंत के पुराने ‘चवन्नी’ वाले बयान को याद करते हुए आरएलडी प्रमुख पर तीखा तंज कसा. सपा अध्यक्ष ने कहा कि हमने चवन्नी वालों को रुपया बनाया लेकिन वो हमें छोड़कर उधर चले गए. इसके जवाब में जयंत चौधरी ने इसे जाट समाज का अपमान बताया और उन्होंने भी बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर कहा कि उन्हें मेरी इतनी याद क्यों आ रही है. दोनों नेताओं के बीच जारी जुबानी जंग के बीच सोशल मीडिया पर एक चर्चा तेजी से फैल रही है कि अखिलेश यादव जल्द ही जयंत चौधरी को बड़ा झटका दे सकते हैं.
जयंत को क्या झटका दे सकते हैं अखिलेश?
सोशल मीडिया पर बातें हो रही हैं कि जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी में यूपी चुनाव से पहले बड़ी टूट हो सकती है. चर्चा है कि आरएलडी का एनडीए के घटक दल होने की वजह से पार्टी के कई नेताओं को लगता है कि उनके लिए अब पार्टी के भीतर अवसर सीमित हो चुके हैं. क्योंकि गठबंधन में आरएलडी को चुनाव लड़ने के लिए सीमित सीटें ही मिलेंगी. ऐसे में चर्चा है कि आरएलडी के कई बड़े पार्टी पदाधिकारी अलग होकर किसी और पार्टी में जा सकते हैं. संभावना जताई जा रही है कि अगर आरएलडी में टूट होती है तो वे समाजवादी पार्टी में जा सकते हैं. चर्चा है कि यह टूट सहारनपुर जिले से शुरू हो सकती है.

सहारनपुर से क्यों शुरू हो सकती है आरएलडी में टूट
दरअसल, तीन सितंबर को आरएलडी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में रैली करने आ रहे हैं. ऐसे में चर्चा है कि आरएलडी में अपने लिए स्कोप नहीं देख पा रहे नेता उससे पहले ही अपनी राहे अलग कर सकते हैं . बताया जा रहा है कि आरएलडी के कुछ नेता जयंत चौधरी की होने वाली रैली की तैयारियों से खुद की दूरी बनाए हुए हैं. वह अभी से ही पार्टी को संकेत दे रहे हैं. कहा जा रहा है कि आरएलडी के कई पार्टी पदाधिकारी दूसरे दलों से बातचीत भी शुरू कर चुके हैं. आरएलडी में अपने भविष्य को लेकर चिंतित नेताओं का कहना है कि चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. राजनीतिक संभावनाओं को देखते हुए नए विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि किसी भी आरएलडी पदाधिकारी ने इसपर आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
हाल ही में कांग्रेस के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद के दामाद और पूर्व मंत्री शायान मसूद सपा में शामिल हो गए. पिछले एक महीने के दौरान आरएलडी के एक के बाद एक बड़े पदाधिकारी पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। आरएलडी के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व एमएलसी रहे डॉ. रामाशीष राय ने कुछ दिन पहले ही जयंत चौधरी की पार्टी छोड़ी. इसके अलावा अन्य जिलों के कई बड़े पदाधिकारी भी आरएलडी से अलग हो चुके हैं. सहारनपुर में पूर्व जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम भी इस्तीफा देकर चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी में चले गए.
आरएलडी को जयंत की सहारनपुर रैली से काफी उम्मीदें
उधर, राष्ट्रीय लोकदल को पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी की सहारनपुर में होने वाली रैली से काफी उम्मीदें हैं. पार्टी के महासचिव और सांसद चंदन चौहान ने कहा कि जयंत चौधरी की रामपुर मनिहारान के गोचर महाविद्यालय में ऐतिहासिक रैली होगी. केंद्र में मंत्री बनने के बाद रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी का सहारनपुर में यह पहला कार्यक्रम होगा। उन्हें उम्मीद है कि जयंत चौधरी की इस रैली के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा और जो भी कमियां दिक्कत है उसे दूर करने में मदद होगी.



