पीड़ित लड़कियों का सप्लायर था नवीन, तीन अभियुक्त फरार मामला संगीन….

प्रकरण से जुड़ी 28 मार्च की खबर लिंक नीचे खोले..

https://soochanasansar.in/one-arrested-in-the-rape-case-of-three-friends-the-case-is-linked-to-three-boys-of-banda-city/

@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा।

बाँदा शहर के खूंटी चौराहा निवासी नवीन विश्वकर्मा इस गंदे खेल का ब्रोकर ( दलाल) / बिचौलिया था। तीनों पीड़ित लड़कियों को नौकरी का प्रलोभन देकर और रुपयों का सब्जबाग दिखाकर नवीन ही दुष्कर्म के मुख्य आरोपियों आशीष अग्रवाल, स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ, लोकेंद्र सिंह चन्देल तक पहुंचाने का काम करता था।”

  • दुष्कर्म के मुख्य क्रमशः आशीष अग्रवाल (हीरो होंडा मोटर बाइक एजेंसी / ऑटो पार्ट्स व्यापारी),स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ ( भारत गुटखा / सुपाड़ी कारोबारी ) व लोकेंद्र सिंह चन्देल (जलनिगम ठेकेदार) पर नगर कोतवाली मे दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0275/ 2025 बीएनएस की धारा 69, 352, 351(3), 3(2)5 एससी.एसटी मुकदमा खबर का आधार है। वहीं नवीन विश्वकर्मा को मानव तस्करी व दलित उत्पीड़न की धारा 143 (3) बीएनएस व 3 (2)5 एससी.एसटी का आरोपी बनाया गया है।
  • बलात्कार, ब्लैकमेल, नशाखोरी के तीनों मुख्य अभियुक्तों को लड़कियां ( उक्त तीन युवतियों ) पहुंचाने वाले शहर के खूंटी चौराहा निवासी नवीन विश्वकर्मा पुत्र मदन गोपाल को गुरुवार की रात 8 बजे पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहीं बीते शुक्रवार को रिमांड मे लेकर न्यायालय पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
  • बाँदा मे इस केस के एक अभियुक्त स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ भारत गुटखा समेत तंबाकू पैकेजिंग, सुपाड़ी तस्करी का भी काम करते है। कुछ वर्ष पूर्व आयकर ने यहां छापेमारी की थी। शहर के डीएवी इंटर कालेज मार्ग पर सड़क मे रिहायशी मकान, सुपाड़ी, गुटखा फैक्ट्री और छावनी रोड पर होटल ‘भारत इम्पीरियल’ इस परिवार की अमीरी का प्रमाण है।
  • दुष्कर्म के एक अन्य अभियुक्त लोकेंद्र सिंह चन्देल मुख्यतः जकनिगम के बड़े ठेकेदार है। मेसर्स नीलम लोकेंद्र फिलिंग स्टेशन ( पेट्रोल पंप संचालक है।), ज़िले के सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं से प्रगाढ़ सामाजिक, राजनैतिक संबंध है। जिसकी तस्वीर उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर मौजूद हैं।
  • शहर के शांतिनगर निवासी दलित युवती,अलीगंज और मर्दननाका की दो मुस्लिम युवतियों का शारीरिक शोषण तीनों रसूखदार प्रौढ़ आदमियों ने किया है। यह तीनों शादीशुदा है। शहर के अन्य बिगड़ैल व्यापारियों से इनके इस नेटवर्क मे संबंध नही होंगे इससे इंकार नही किया जा सकता है।
  • खाशकर मंगलवार को विलासी होटल मे शराब, शबाब, सट्टा, बीसी और अय्याशी का दंगल खेलते है स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ जैसे दुष्कर्मी।


बाँदा। इन दिनों शहर तीन लड़कियों के शारीरिक शोषण करने वाले दो धनाढ्य व्यापारी और एक जलनिगम के ठेकेदार / पेट्रोल पम्प संचालक की खबरों से तरबतर है। यह रईसजादे अपने अय्याशी का शौक पूरा करने के वास्ते खूंटी चौराहा निवासी नवीन विश्वकर्मा से ही ‘गर्म गोश्त’ की डिमांड करते थे। लगातार पांच दिन से मीडिया की सुर्खियां और सोशल प्लेटफार्म पर चर्चा का केंद्रबिंदु बनकर उभरे इन तीन अय्याश कारोबारियों की दौलतमंदी ही इनके चारित्रिक पतनशीलता का मुख्य कारण बन गई थी।

गौरतलब है बीते गुरुवार की रात्रि 8 बजे मीडिया दबाव के चलते तीन लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर रईसजादों तक पहुंचाने वाले ब्रोकर / बिचौलिया नवीन विश्वकर्मा को बाँदा नगर पुलिस ने सीओ सिटी श्री राजीव प्रताप सिंह के नेतृत्व व कर्मठ पुलिस अधीक्षक श्री अंकुर अग्रवाल के दिशानिर्देश / अपर एसपी श्री शिवराज सिंह के ग्रीन सिग्नल पर गिरफ्तार कर लिया था।


नवीन विश्वकर्मा गया जेल लेकिन तीन फरारों पर कानून फेल-


मुकदमा अपराध संख्या 275/25 नगर कोतवाली बाँदा मे नामजद तीन कारोबारी प्रौढ़ व्यक्तियों क्रमशः आशीष अग्रवाल ( हीरो होंडा मोटर बाइक एजेंसी / ऑटो पार्ट्स विक्रेता), स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ ( गुटखा सुपाड़ी व्यापारी), और लोकेंद्र सिंह चन्देल ( जलनिगम ठेकेदार ) व मेसर्स नीलम लोकेंद्र फिलिंग स्टेशन के मालिक पर तीनों लड़कियों ने शराब पिलाकर 6 माह तक दुष्कर्म करने, नग्न डांस कराने, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और बदनामी की धमकी देने के आरोप पर गंभीर धाराओं मे केस लिखाया गया है।

वहीं सप्लायर / ब्रोकर नवीन विश्वकर्मा पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग ( मानव तस्करी ) सहित दलित उत्पीड़न की धारा मे केस दर्ज हुआ है। नवीन को शुक्रवार पुलिस ने न्यायालय मे पेशकर जेल भेज दिया है,लेकिन मुख्य रसूखदार अभियुक्तों की अभी फरारी चल रही है। उल्लेखनीय है जिसमे लोकेंद्र सिंह चन्देल राजनीतिक रूप से ताकतवर है। उनकी फेसबुक प्रोफाइल मे सत्तारूढ़ माननीय विधायक,सूबे के राज्य जलमंत्री भूतपूर्व पटेल सांसद,क्षत्रिय कद्दावर नेताओं सहित पार्टी प्रतिनिधियों, कुरसेजा धाम महंत जी के साथ तक तस्वीर उपलब्ध है। खबर लिखने से पूर्व यह साक्ष्य सूचना संसार ने जुटा लिए है। अलबत्ता इसमें किसी को अतिश्योक्ति नही होनी चाहिए कि अभियुक्तों की सामाजिक, राजनीतिक ताकत कम है। नवीन विश्वकर्मा को जल्दबाजी मे रईसी का चस्का था। वो पूर्व मे श्रीराम बीमा कम्पनी मे नौकरी करता था। गलत संगत और अधिक रुपया कमाई ने नौकरी छुड़वा दी। पुलिस जब उसको न्यायालय लेकर शुक्रवार को आई तो नीली सरकारी गाड़ी मे मीडिया ने फ़ोटो लेते वक्त उसका बेखौफ मुस्कराता चेहरा देखा। वहीं न्यायालय परिसर मे नवीन विश्वकर्मा ने मीडिया ट्रायल से बचने को चेहरे पर गमछा लगा लिया था। परिजनों के रिश्ते भी नवीन से सही नही थे।

हाल ही मे नवीन ने 40 लाख रुपया नम्बर दो से कमाया था। अधिवक्ता सूत्रधार कहते है यह केस को मैनेज करने के लिए चुकाई गई रकम थी। विडंबना किस्मत धोखा दे गई। वो अलग बात है कि चार्जशीट के बाद कोर्ट ट्रायल मे पीड़िता क्या बयान देती और बदलती है। क्योंकि लड़कियों ने मेडिकल कराने से साफ इंकार कर दिया है और डॉक्टर लिखित ले चुका है। किंतु केस मे मीडिया की बाज नजर पुलिस की मुसीबत है। नवीन का एक भाई सिंचाई विभाग मे ठेकेदार, एक भाई इचौली रेलवे स्टेशन मे मास्टर और दो भाई न्यायालय मे है। वहीं नवीन धर्मपत्नी से तलाक ले चुका है। भाई राजेश मुताबिक वह घर मे भी अलग रहता है। देखने मे गम्भीर स्वाभाव का नवीन दिमाग से शातिर और इस नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी है।


घुमक्कड़ी है आरोपी स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ-


शहर के डीएवी इंटर कालेज मार्ग पर भारत गुटखा फैक्ट्री और तंबाकू, सुपाड़ी कारोबारी स्वतंत्र साहू उर्फ मंझन सेठ हर साल वीआईपी घुमक्कड़ी के लिए बाहर जाते है। सोशल मीडिया पर उनकी रंगीनमिजाज तस्वीर और छलकते जाम की बैठकी चर्चित है। वहीं नम्बर दो की तंबाकू और सुपाड़ी तस्करी का भी काम है। बीते कुछ वर्ष पूर्व आयकर की टीम छापेमारी कर चुकी है। 7 से 8 गुटखा मशीनों पर जीएसटी व टैक्स के काले खेल से हर साल करोड़ों का टार्न ओवर है।

वहीं होली और दीपावली मे बाँदा के पत्रकारों तक इनका उपहारी लिफाफा व मिठाई का डिब्बा मशहूर नेंगचार है। मंझन सेठ कश्मीर की वादियों मे कभी हाथों से बर्फ के गोले उड़ाते तो कभी बीच पर बियर के जाम झलकाते शहरी व्यापारी टोली मे देखें जाते है। कहते है ये ‘रंगीनमिजाजी समाज मे जीने नही देती, इस दौर मे रहना है तो खुद को संभालो यारो, अपने शौक बर्बाद न कर दे, इसलिए चरित्र को बचा लो यारो।’ वहीं लोकेंद्र सिंह चन्देल का एक फार्म हाउस भी शहर से बाहर है, जहां संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा बनी रहती है। फिलहाल मुख्य आरोपियों आशीष अग्रवाल, स्वतंत्र साहू, लोकेंद्र की अभी फरारी चल रही है और मीडिया खबरों से तर्र है।

लड़कियों का मीडिया से कन्नी काटना भी सवाल-


इस पूरे प्रकरण मे मीडिया एडवीकेसी / पैरोकारी की भूमिका पर नजर आती है। वहीं पीड़िताओं ने मीडिया से कन्नी काट रखी है। वे कोई भी बयान कैमरे पर देती नजर नही आती है। सूत्रानुसार जानकारी मिलती है कि एफआईआर लिखवाने से खबरों तक तीनों से प्रतिस्पर्धा रखने वाले भी परोक्ष बैटिंग कर रहें है। बावजूद इसके जिस्म का डर्टी खेल और लड़कियों की आबरू को तार-तार करता दोयम चरित्र बाँदा शहर के इन तीन दौलतमंद प्रौढ़ युवाओं से अन्य दौलतराम तक सवाल खड़े कर रहा है। देखना यह होगा कि पुलिस इस मसले पर अन्तः किस पायदान पर चार्जशीट लेकर जाती है। आगे अपडेट को पढ़ते रहिए “सूचना संसार”…

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