
पटना से बुधवार को लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट शाम को खराब मौसम के बीच करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर हादसे का शिकार हो गई। इससे विमान की नोज क्षतिग्रस्त हो गई। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। विमान में सवार सभी 160 यात्री भले ही डर गए थे, लेकिन सुरक्षित रहे।
इंडिगो की फ्लाइट 6E925 ने बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे पटना एयरपोर्ट से लखनऊ की उड़ान भरी थी। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान हादसे का शिकार हो गया। तमाम तरह की अटकले लगाई जा रही थीं कि विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आया या फिर किसी चिड़िया से टकरा गया। चिड़िया के इतनी ऊंचाई पर उड़ने की संभावना को खारिज किया गया तो विमानन कंपनी ने जांच के बाद हादसे का कारण सामने रखा।

सच हुई बादल में बने बर्फ के गोले से टकराने आशंका
पटना से लखनऊ आ रहे विमान के नोज का हिस्सा बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया था। लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइन के इंजीनियर्स ने हादसे की जांच की और विमान की गड़बड़ी को भी ठीक किया। इसके बाद माना जा रहा था कि बादल में सर्द और गर्म मौसम के कारण बर्फ के गोले बन जाते हैं, विमान उनसे टकरा गया होगा। पायलट ने भी विमान पर बिजली गिरने और बर्ड हीटिंग की कोई रिपोर्ट एटीसी को नहीं दी थी। यह जानकारी एयरलाइन ने इंडिगो की टेक्निकल टीम की जांच के बाद दी।

पायलट ने अपने बयान में बिजली चमकने का किया जिक्र
पायलट ने गुरुवार को अपने बयान में बिजली चमकने का जिक्र किया है। जांच कर रही टीम पायलट के बयान से संतुष्ट नहीं थी। टीम का कहना है कि नोज के क्षतिग्रस्त होने के पीछे बादल में सर्द और गर्म मौसम के कारण बनने वाले बर्फ के गोले हो सकते हैं। टीम का कहना है कि विमान पर बिजली गिरने और बर्ड हिटिंग का कोई कारण नहीं दिख रहा है और ना ही एटीसी ने ऐसी कोई रिपोर्ट दी है।
लखनऊ से विमान को लखनऊ से शाम 5:05 बजे 6E6968 के रूप में अहमदाबाद के लिए रवाना होना था। तकनीकी जांच के लिए विमान को एयरपोर्ट पर रोका गया। इंजीनियरों की टीम ने विमान की जांच शुरू की। यात्रियों को अधिक देर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए एयरलाइन की ओर से दूसरे विमान की व्यवस्था की गई। सभी यात्रियों को दूसरे विमान से शाम करीब 6:22 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया।



