
प्रदेश में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियां तेजी से बढ़ रही हैं। फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के पास चेतावनी बिंदु से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जहां ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नावों व पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं।
बलिया में गंगा खतरे के निशान से 1.445 मीटर ऊपर 59.06 मीटर पर बह रही है। गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 62.120 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से दो सेमी ऊपर है। बांदा में केन और यमुना के उफान से पांच प्रमुख रपटों पर संपर्क टूट गया है।

यहां के गिरवां में नाले और बिसंडा में नहर के तेज बहाव में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई। सीतापुर में लगातार बारिश के बीच दीवार गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई। बलिया में पेड़ गिरने से बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उन्नाव में बाढ़ से 200 बीघा फसल जलमग्न है।
सिंगरौली में भारी बारिश से सीधी–सिंगरौली को जोड़ने वाले एनएच-39 का हिस्सा बरगवां-देवसर मार्ग पर कट गया है। पुलिस ने इस पर आवाजाही रोक दी है और इस कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा
वाराणसी में गंगा का जलस्तर पांच सेमी प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है और रविवार शाम छह बजे तक 69.44 मीटर पहुंच गया था। यह चेतावनी बिंदु से महज 82 सेमी नीचे है। अगले 16 घंटों में गंगा के चेतावनी बिंदु को पार करने की आशंका है।
बढ़ते जलस्तर से घाटों पर सैकड़ों छोटे-बड़े मंदिर और देवी विग्रह डूब गए हैं। दशाश्वमेध स्थित जल पुलिस चौकी में बाढ़ का पानी घुस गया है, जबकि गंगा सेवा निधि के घाट स्थित भवन की एक मंजिल पानी की चपेट में आ गई है।
गंगा सड़कों की ओर बढ़ने लगी है, जिसे देखते हुए सुरक्षा कारणों से नाव संचालन बंद कर दिया गया है। प्रयागराज में गंगा का जलस्तर 81.96 मीटर और यमुना का 81.84 मीटर पहुंच गया है। दोनों नदियों का खतरे का निशान 84.73 मीटर और चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर पर है।
तराई क्षेत्रों के जिलों में जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी
अवध और तराई क्षेत्र के जिलों में जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। अंबेडकरनगर में सरयू का जलस्तर 24 घंटे में 13 सेमी बढ़कर 92.54 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान (92.73 मीटर) से केवल 19 सेमी नीचे है।
सीतापुर में घाघरा नदी 119 मीटर के खतरे के निशान से महज 0.09 मीटर नीचे बह रही है। बाराबंकी में सरयू नदी 105.850 मीटर दर्ज की गई, जो खतरे के निशान से 22 सेमी नीचे है, लेकिन तटीय इलाकों में तेजी से मिट्टी का कटान हो रहा है। बहराइच में यह नदी लाल निशान से 22 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
बांधों से छूटा लाखों क्यूसेक पानी, मंडराया बाढ़ का संकट
उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही भारी बारिश का असर सीधा यूपी पर पड़ रहा है। हथिनीकुंड, माताटीला, कानपुर, हरिद्वार और नरौरा बैराजों से लगातार लाखों क्यूसेक पानी गंगा और यमुना में डिस्चार्ज किया जा रहा है।
इसके अलावा टोंस और बेलन नदियां भी उफान पर हैं, जिससे संगम नगरी समेत निचले इलाकों में आने वाले 24 से 48 घंटों में जलस्तर और बढ़ने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने सभी संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ा दी है।



