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साहिल की एफआईआर आखिरकार दर्ज: राहुल गांधी ने शेयर किया वीडियो, बोले- जिस तरह हुई कार्रवाई, उसे भी देखना जरूरी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने साहिल लोचव के कथित पैलेट गन चोट मामले में एफआईआर दर्ज होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि साहिल की एफआईआर आखिरकार दर्ज हो गई है, लेकिन जिस तरह यह हुआ, उसे भी देखना चाहिए। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। साथ ही वीडियो भी शेयर किया है। 

वीडियो में क्या कह रहे हैं राहुल गांधी? 
वीडियो में राहुल गांधी कहते नजर आ रहे हैं, ‘एम्स और लेडी हार्डिंग अस्पताल की रिपोर्ट साफ कहती है कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे हैं। आंख में तीन छर्रे हैं, जिससे आंख की रोशनी चली गई है। दिल के पास भी तीन-चार छर्रे हैं जिन्हें नहीं निकाला जा सकता।’

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस कहती है कि उन्होंने पैलेट गन नहीं चलाई। तो सवाल सिर्फ एक है कि अगर उन्होंने नहीं चलाई तो किसी ने तो चलाई होगी। शायद किसी और ने चलाई, या अगर किसी और ने नहीं चलाई तो शायद खुद साहिल ने, लेकिन अपराध तो हुआ है क्योंकि शरीर में छर्रे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम सिर्फ यह कह रहे हैं कि एफआईआर दर्ज करो। अंदर से हमें बताया जा रहा है कि ऊपर से ऑर्डर है कि एफआईआर नहीं दर्ज हो सकती। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने में करीब आठ घंटे तक धरना दिया था। वह साहिल की शिकायत पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

साहिल लोचव ने क्या-क्या आरोप लगाए?
साहिल लोचव का आरोप है कि 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान कनॉट प्लेस इलाके में पैलेट गन से फायरिंग हुई थी। इसमें वह घायल हो गए थे। उनका कहना था कि उनकी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही थी। साहिल ने दावा किया कि एम्स में उनकी सर्जरी हुई। इसके बाद भी उनकी आंख की रोशनी प्रभावित है।

किन धाराओं  में एफआईआर दर्ज?
अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 और 125 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़ी है। धारा 125 ऐसे कृत्य से संबंधित है, जिससे किसी की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

पवन खेड़ा ने क्या कहा? 
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पैलेट फायरिंग से इनकार किया गया और बाद में सार्वजनिक दबाव के बाद कार्रवाई हुई। पुणे में एएनआई से बातचीत में खेड़ा ने कहा कि अगर कोई इस सरकार पर आत्मकथा लिखे तो उसका नाम ‘रायता’ रखा जाएगा। वहीं, साहिल लोचव ने राहुल गांधी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता के हस्तक्षेप के बिना शायद एफआईआर दर्ज नहीं होती।

संदीप दीक्षित बोले-सबकुछ शांतिपूर्ण था तो बन का इस्तेमाल क्यों?
वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित कहते हैं, ‘उनके मुताबिक, लाठीचार्ज भी नहीं हुआ था। उनके मंत्री दावा करते हैं कि कोई घायल नहीं हुआ। क्या आपका मतलब है कि आपको मजा तभी आता जब किसी की हड्डियां टूट जातीं? जब सब कुछ शांतिपूर्ण था, तो सरकार ने बल का इस्तेमाल क्यों किया?

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