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यूपी में खरीफ फसलों के लिए खाद का पर्याप्त स्टॉक, 5.02 लाख MT यूरिया और 4.04 लाख LMT फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध.

योगी सरकार ने खरीफ-2026 अभियान के दौरान किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और वितरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग में खरीफ-2026 में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा बैठक में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कम अथवा शून्य स्टॉक वाली समितियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के अनुसार 12 अगस्त तक प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.02 लाख मीट्रिक टन और फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता 4.04 लाख एलएमटी दर्ज की गई। खरीफ 2026 में अब तक 10.83 लाख एलएमटी उर्वरक का क्रमिक वितरण किया जा चुका है। पिछले खरीफ सत्र की तुलना में यूरिया के क्रमिक वितरण में 2.73 लाख एलएमटी तथा फास्फेटिक उर्वरक में 1.70 लाख एलएमटी स्टाक में उपलब्ध है।

बैठक में क्या दिए निर्देश

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी समितियों एवं वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। शून्य एवं अल्प स्टॉक वाली समितियों की विशेष समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार तत्काल आपूर्ति किया जाए। प्रत्येक जनपद में एडीएम अथवा सीडीओ स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी समिति से संबद्ध करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
मुख्य सचिव ने सीडीओ को प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा अनधिकृत टैगिंग से संबंधित शिकायत किसी भी स्थिति में प्राप्त नहीं होनी चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को खाद के लिए परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी वैकल्पिक समितियों से जोड़ने की व्यवस्था भी करने को कहा गया है। जनपदों में उर्वरक के परिवहन के लिए पर्याप्त ट्रकों की उपलब्धता भी कराई गई है।

किसानों की सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय

योगी सरकार की किसान-केंद्रित व्यवस्था के तहत खाद की उपलब्धता पर जिला स्तर तक निगरानी बनाए रखने के साथ ही किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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