
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के परिसर के मंदिरों से चढ़ावा और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के चोरी के प्रकरण में गिरफ्तार आठ लोगों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अविनाश शुक्ला से पहले पूछताछ कर चुकी अयोध्या पुलिस ने बुधवार को तीन अन्य को रिमांड पर लिया है।

विवेचना अधिकारी सीओ आशुतोष तिवारी बुधवार को जिला कारागार पहुंचे और राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के आरोपी करुणेश पाण्डेय, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपितों को जेल निकाल कर अपनी अभिरक्षा में लिया। कोर्ट ने तीनों को 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत की है।अविनाश शुक्ला को बीते दिनों 24 घंटे की रिमांड पर लेकर पुलिस ने चढ़ावा चोरी से खरीदी गई कार और नकद धनराशि बरामद की थी और रुपये का बंटवारा करने वाला स्थान देखा था। इस दौरान आरोपित के बयान में पुलिस को कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे है, जिनके आधार पर आज इन तीनों से बड़ी बरामदगी के संकेत हैं। पुलिस गुरुवार रात दस बजे तक इनसे पूछताछ करेगी।
सुरागों को सुलझाने के लिए पुलिस ने मांगा रिमांड
सूत्रों के अनुसार, आरोपित अविनाश शुक्ल से कस्टडी के दौरान हुई पूछताछ में मिले तथ्यों की कड़ियां अन्य आरोपितों से जुड़ती हैं। ऐसे में तीनों से आमने-सामने पूछताछ और उनके बयानों का मिलान विवेचना को नई दिशा दे सकता है। पूछताछ से चोरी की रकम, उसके बंटवारे और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है। इनके बयानों से अगर कोई नए तथ्य उजागर होते हैं, तो पुलिस मामले में और लोगों की भी गिरफ्तारी कर सकती है।
पुलिस के अनुसार तीनों की रिमांड अविनाश शुक्ल से मिली जानकारी को सत्यापित करने और मामले की अनसुलझी कड़ियों को सुलझाने के लिए आवश्यक है। मामले के विवेचक क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी की ओर से सोमवार को इसके लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। उन्होंने आरोपित अनुकल्प मिश्र, उसके बहनोई लवकुश मिश्र और करुणेश पांडेय की रिमांड मांगी थी। न्यायालय ने आरोपितों के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह को तीनों से संपर्क कर उनका पक्ष रखने का अवसर दिया।



