
केंद्र सरकार ने GenZ का दिल जीतने के लिए नया प्लान तैयार किया है। मोदी सरकार एक ऐसे देशव्यापी प्रोग्राम की तैयारी कर रही है, जिससे सरकार और युवाओं के बीच सीधा कनेक्ट किया जा सके।
मोदी सरकार के GenZ प्लान के तहत सभी केंद्रीय मंत्रियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत केंद्रीय मंत्री हर दिन एक यूनिवर्सिटी का दौरा करेंगे ताकि वे सीधे छात्रों से बातचीत कर सकें और उनकी चिंताओं को समझ सकें।

केंद्र सरकार का GenZ प्लान
समाचार एजेंसी पीटीआई को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ (एक दिन, एक यूनिवर्सिटी) नाम की इस प्रस्तावित पहल का मकसद युवाओं के साथ सरकार के जुड़ाव को मजबूत करना है।
यूनिवर्सिटी में केंद्रीय मंत्रियों के दौरों के दौरान, छात्रों के साथ बातचीत की जाएगी। इसके साथ ही देश को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर उनकी राय ली जाएगी और छात्रों व युवाओं के लिए बनी सरकारी योजनाओं के बारे में भी चर्चा की जाएगी।
सरकार की तरफ से इस ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ योजना की शुरुआत ऐसे समय में की गई है, जब दिल्ली और देश के बाकी राज्यों में NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन हुए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस स्टूडेंट प्रोटेस्ट के समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रियों से GenZ से कनेक्ट होने के बारे में कहा था। पीएम मोदी ने खुद भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जेन-जी से जुड़ने के लिए रील शेयर की थीं। प्रधानमंत्री की इन रील्स को युवाओं का काफी सपोर्ट भी मिला था।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामलों व खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को यूनिवर्सिटी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ इस प्रोग्राम के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी इस पहल पर चर्चा की गई थी।



