
प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर को दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर का उत्तर प्रदेश से व्यावसायिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक जीवन के स्तर पर गहरा संबंध रहा है।
नाना पाटेकर यूपी में आयोजित कई बड़े कार्यक्रमों में शिरकत करते रहे हैं। हाल ही में लखनऊ में यूपी पुलिस के आधिकारिक थीम सॉन्ग (‘खाकी का सितारा’) के विमोचन समारोह में वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की जमकर सराहना की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा था कि इतने बड़े और विविधताओं से भरे प्रदेश में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं है।
यूपी में दिखा परिवर्तन- नाना पाटेकर
उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पिछले कई दशकों में उन्होंने उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है।

प्रदेश में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार दिखाई देता है और सरकार की कार्यशैली में निर्णय लेने की स्पष्टता नजर आती है। पुलिस जितनी आधुनिक होगी, नागरिक उतना सुरक्षित होगा और नागरिक जितना जागरूक होगा, अपराधियों के लिए काम करना उतना ही कठिन हो जाएगा।
नाना पाटेकर ने की थी यूपी पुलिस की सराहना
उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई फिल्म की भी सराहना की और कहा था कि यदि कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सकती है या किसी बुजुर्ग को ठगी से बचाया जा सकता है, तो इससे बड़ा सामाजिक योगदान और कुछ नहीं हो सकता।
नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा था कि पुलिसकर्मियों के पास फिल्मों की तरह रीटेक का अवसर नहीं होता। उन्हें कठिन परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेने पड़ते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
75 की उम्र में नाना पाटेकर ने ली अंतिम सांस
एएनआई के मुताबिक, नाना पाटेकर अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोवा के मणिपाल अस्पताल के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने कहा कि लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा। नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल गई है।
सेना की इस टीम का हिस्सा रहे नाना पाटेकर
अगस्त 1999 में नाना पाटेकर ने सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ मिलकर एलओसी का मोर्चा संभाला। वह काफी समय तक वहां रहे और उन्होंने मिलिट्री हॉस्पिटल में भी काम किया था।

एक्टर ने बताया था कि जब श्रीनगर पहुंचे थे तो उनका वजन 76 किलो था और आर्मी के साथ वक्त बिताकर, वहां के नियम कानून और अनुशासन को फॉलो करते हुए बाद में उनका वजन घटकर 56 किलो हो गया था।
इन फिल्मों के लिए 3 बार मिला नेशनल अवॉर्ड
एक्टर को इन तीन फिल्मों के लिए अलग-अलग सालों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
- परिंदा- 1990 (बेस्ट सपोर्टिंग रोल)
- क्रांतिवीर- 1995 (बेस्ट एक्टर)
- अग्नि साक्षी- 1997 (बेस्ट सपोर्टिंग रोल)



