
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी के 10-15 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल को परिसर के अंदर फाइलिंग काउंटर तक जाने की इजजात दे दी। वहीं राहुल गांधी INDI ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का नेतृत्व किया। उनके साथ प्रियंका गांंधी और अन्य नेता शामिल रहे।
राहुल गांधी और INDI गठबंधन नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

विपक्ष निकाल रहा SC तक मार्च
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पहले से तय अपना सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू किया। बड़ी संख्या में विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहे हैं। राहुल गांधी के साथ प्रियंका और राजद नेता तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और अन्य सहित INDI ब्लॉक के नेताओं ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस मार्च में नेताओं के अलावा कई वकील भी शामिल हुए। मार्च करते हुए राहुल गांधी और विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के बाद राहुल गांधी और सभी विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट से वापस लौट गए।
राहुल गांधी और INDI गठबंधन नेताओं की ओर से दायर याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कांग्रेस सांसद ने चलो दिल्ली विरोध मार्च का आह्वान किया था, जो चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक आयोजित किया गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों के साथ बैठक के लिए CJI की सहमति न मिलने के बावजूद अपना विरोध जारी रखा।
मार्च से पहले, राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी बुलाई थी। वहीं एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, लोकतंत्र के लिए मार्च। न्याय के लिए मार्च। चलो दिल्ली।

सीजेआई ने मिलने से किया था इनकार
विपक्ष के नेताओं से सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया था। सीजेआई सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि हर भारतीय नागरिक को अदालत जाने का अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं।
वहीं INDI ब्लॉक की बैठक की मांग का जवाब देते हुए, CJI ने कहा कि उन्हें रविवार को एक पत्र मिला था और उन्होंने उसका जवाब रात को ही दे दिया था, उसमें उन्होंने बताया था कि वे प्रतनिधिमंडल से क्यों नहीं मिल पाएंगे।
सभी के लिए खुले सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे
NHRC के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा, मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था, और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था जिनकी वजह से मैं मिल नहीं पाऊंगा।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी नागरिक या निर्वाचित प्रतिनिधि अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और कानूनी राहत मांग सकता है।
उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत जाने का अधिकार है, और हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।



