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अब मात्र 1 प्रतिशत देना होगा मंडी शुल्क; मुख्यमंत्री योगी

किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषकों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने एवं मंडियों में कार्य कर रहे

व्यापारियों के प्रोत्साहन के लिए मंडी शुल्क की दर को दो प्रतिशत से घटाकर मात्र एक प्रतिशत किए जाने का आदेश दिया है।

किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने

मंडियों में विकास कार्यों को गति प्रदान के लिए विकास शुल्क की दर (0.5 प्रतिशत) यथावत रहेगी।

इसलिए अब मंडी परिसर के अंदर व्यापार करने पर वर्तमान में लागू 2.5 प्रतिशत के स्थान पर कुल 1.5 प्रतिशत कर ही देय होगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने और वहां कार्यरत व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए मंडी शुल्क की दर को दो प्रतिशत से घटाकर मात्र एक प्रतिशत किए जाने का आदेश दिया है।

किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने

मंडियों में विकास कार्य के लिए विकास शुल्क की दर आधा प्रतिशत यथावत रहेगी। इस फैसले से मंडी परिसर में व्यापार करने पर 2.5 प्रतिशत के स्थान पर कुल 1.5 प्रतिशत शुल्क ही देय होगा।

किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने


केंद्र सरकार द्वारा मंडी शुल्क समाप्त करने के बाद प्रदेश में मंडी परिसर के भीतर दो प्रतिशत मंडी शुल्क व आधा प्रतिशत विकास शुल्क लगाया गया था।

किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने

हालांकि शुल्क में कमी किए जाने से मंडियों की वार्षिक आय भी प्रभावित होगी। मंडी शुल्क समाप्त होने से पूर्व वर्ष 2019-20 में मंडी परिषद की सालाना आय लगभग दो हजार करोड़ रुपये थी।

किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने

मंडी परिसरों से बाहर शुल्क समाप्त करने के बाद आय घटकर करीब 1200 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है।

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