
नयी दिल्ली । दिल्ली में मंगलवार को कम से कम दो स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद इन विद्यालय परिसरों से विद्यार्थियों को बाहर निकाला गया तथा सुरक्षा जांच की गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, उसके पास धौला कुआं के आर्मी पब्लिक स्कूल से एक फोन आया। उसने बताया कि बम की धमकी संबंधी सूचना मिलने के बाद पुलिस और अन्य आपात कार्रवाई दलों को अलर्ट किया गया तथा एहतियात के तौर पर विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर से बाहर निकाला गया।

यादव ने रेखांकित किया कि चक्रीय अर्थव्यवस्था का वास्तविक पैमाना यह नहीं होगा कि कितना कचरा पुनर्चक्रित किया गया, बल्कि यह होगा कि हमने मूल्य (संसाधनों की उपयोगिता) को कितना कम बर्बाद होने दिया। उन्होंने कहा, हमारे सामने विकल्प विकास और पर्यावरण के बीच का नहीं है। वास्तविक अवसर खुद विकास को अधिक संसाधन-कुशल, अधिक लचीला और अधिक टिकाऊ बनाने का है, और डब्ल्यूसीई वास्तव में यही करता है। यादव ने कहा कि भारत चक्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में अपनी यात्रा के अनुभवों और सीखों को साझा करने के लिए हमेशा तैयार रहा है। उन्होंने कहा कि जिसे अब नीतिगत भाषा में श्चक्रीयताश् कहा जाता है, वह कभी भारतीय जीवन में सहज सामान्य समझ का हिस्सा थी – किसी चीज को बदलने से पहले मरम्मत करना और फेंकने से पहले दोबारा इस्तेमाल करना। भारत में शायद ही कभी कुछ बर्बाद किया जाता था या फेंका जाता था। पड़ोस के मोची, दर्जी, घड़ी मैकेनिक और साइकिल मरम्मत करने वाले केवल सेवा प्रदाता नहीं थे। वे इस चक्रीय प्रणाली का एक अपरिहार्य हिस्सा थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल नियमन ही चक्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण नहीं कर सकता, बल्कि इसकी शुरुआत हमारे उपभोग के तरीके से होती है।



