पैलानी के ग्राम सांडी किसानों ने मंडल आयुक्त को दिया अवैध खनन के सबूत और एनजीटी का ऑर्डर….. | Soochana Sansar

पैलानी के ग्राम सांडी किसानों ने मंडल आयुक्त को दिया अवैध खनन के सबूत और एनजीटी का ऑर्डर…..

खबर : आशीष सागर दीक्षित, संवाददाता सूचना संसार हिन्दी दैनिक

  • मंडल आयुक्त ने दिए जिलाधिकारी को जांच के आदेश। पांच दिन मे ग्राउंड पर जाकर आख्या देने के निर्देश।

बाँदा सोमवार को जिले के ग्राम सांडी से मुख्यालय आये किसानों ने गांव मे अवैध खनन के रामराज्य पर करुण कथा मंडल आयुक्त को सुनाई है। ज्ञापन देने वाले किसानों ने पत्र के साथ गत 3 दिसंबर 2025 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश भी संलग्न किया है। वहीं उपस्थित किसानों ने ग्राम पंचायत सांडी के साथ ही जिले की अन्य खदानों पर सीधा सवाल एनजीटी के आदेश को दिखाते हुए किया कि क्या आदेश फ़ाइल गार्ड की शोभा होतें है ? क्या झूठ से भरे हलफनामे एनजीटी मे दाखिल किए जाएंगे ? गौरतलब है कि किसानों ने लिखा कि उनके व अन्य द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण मे ओ.ए. याचिका संख्या 614/2025 दाखिल करके ग्राम सांडी के खंड 77 मे विगत दो साल से लगातार जारी लाल मौरम के अवैध खनन की रोकथाम को निवेदन किया गया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी की इस मूल याचिका मे भारत सरकार के महालेखा नियंत्रक एवं परीक्षक (सीएजी-कैग) की ऑडिट रिपोर्ट वाल्यूम नम्बर 9 वर्ष 2024 को भी दर्शाया गया है।

उल्लेखनीय है कि इस सीएजी / कैग की रिपोर्ट मे बुंदेलखंड समेत उत्तरप्रदेश के 11 ज़िलों मे अवैध खनन, फर्जी परिवहन के द्वारा खनिज निकासी करना एवं खनिज न्यास फाउंडेशन के दिशानिर्देश अनुसार किसी भी लीज क्षेत्र मे निर्धारित प्रति एकड़ 200 छायादार पौधों के रोपण करने की अवहेलना के तथ्यात्मक बिंदु समाहित है। किसानों ने कहा कि हम ग्राम सांडी के किसानों व व्हिसिल ब्लोअर की याचिका पर एनजीटी ने जिलाधिकारी के नेतृत्व मे संयुक्त जांच कमेटी बीते 3 दिसंबर के आदेश पर बनाई है। जिसकी आख्या आगामी 25 फरवरी 2026 को 6 सप्ताह मे माननीय पर्यावरण न्यायालय/एनजीटी को प्रस्तुत करना है। किंतु ज़िला खनिज अधिकारी राज रंजन व खनिज इंस्पेक्टर / खान निरीक्षक की बदौलत ग्राम सांडी खण्ड 77 सहित हाल ही मे प्रारंभ खपटिंहा कला 56/2 ताबड़तोड़ अवैध खनन नदी की जलधारा से किया जा रहा है। सांडी के खंड 77 के संचालक न्यू यूरेका माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के आनर हिमांशु मीणा है। वे लिखतें है कि यह फर्म मध्यप्रदेश के बाहुबली खनन ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा निवासी पिपरिया ज़िला होशंगाबाद ग्रुप के सौजन्य से संचालित हो रही है। ज़िसमें पूर्व सपा एमएलसी के बेटे कैलाश यादव उर्फ पहलवान, मानू सिंह व अन्य हिस्सेदारी लिए है।

ज्ञापन अनुसार किसान कहतें है कि ज़िले के अति क्रिटिकल जोन तिंदवारी विधानसभा के पैलानी तहसील के सांडी खण्ड 77 मे वर्ष 2024 से केन नदी को मृत करने की सुनियोजित साज़िश मल्होत्रा ग्रुप अपनी फर्म से करा रहें हैं। उक्त प्रार्थना पत्र मे लिखा गया कि दुःखद परिदृश्य है कि बाँदा ज़िले मे इस सत्र की फिलहाल 15 मौरम खदानों मे मौरम माफियाओं का सफेदपोश कद्दावर नेताओं से गठजोड़ है। जिसमें पूर्व कांग्रेस के तिंदवारी विधायक व वर्तमान बीजेपी नेता दलजीत सिंह भी शामिल हैं। नरैनी-गिरवां के कोलावल-रायपुर सहित आसपास इनका भी मल्होत्रा ग्रुप से नेटवर्क स्थापित है। मंडल आयुक्त को दिए दो पेज के ज्ञापन मे एनजीटी का आर्डर भी लगाया गया है। जिस पर स्पष्ट है कि बाँदा के ही थाना मटौंध के ग्राम मरौली मे खण्ड 5 संचालक संजीव गुप्ता ने वहां के प्रधान प्रतिनिधि मनोज यादव मुताबिक गांव को लाल मौरम के बेतहाशा अवैध खनन से 20 साल पीछे धकेल दिया है। मरौली की सड़कें बर्बाद कर दी गई है। नदी की जलधारा का स्वरूप बदलकर गांव की भगौलिक तस्वीर व बायलॉजिकल स्थिति मे आमूल-चूल पर्यावरणीय प्रभाव पड़े है। वहीं पैलानी क्षेत्र के ग्राम अमलोर खदान संचालक कद्दावर सपा नेता हसन सिद्दकी आदि है। ग्राम सांडी के खंड 77 और मरौली खनिज विभाग ने तीन से चार बार राजस्व चोरी, अवैध खनन का जुर्माना किया गया लेकिन लोक अदालतों की रहमदिली से माफियाओं की सेहत पर असर नही पड़ता है। एक कम्पनी ब्लैकलिस्ट होने से दूसरी फर्म बन जाती है। किंतु ज़िला खनिज अधिकारी आज तक अवैध खनन के काले खेल को रोक नही सकें है। ग्राम सांडी मे किसानों की निजी भूमि से लाल मौरम निकासी की जाती है जिससे तालाबों की शक्ल नदी मे बन चुकी है। उधर गांव की बुजुर्ग विधवा महिला किसान व शिकायत कर्ता ने बताया कि गांव के किसान रामसेवक ने निजी भूमि पर अवैध खनन की शिकायत आईजीआरएस संदर्भ संख्या 40017025025420 व किसान बुजुर्ग महिला मूंगिया पत्नी स्वर्गीय चुनुबाद निवासी कारिंदा डेरा, ग्राम सांडी ने भी लिखित तौर पर संदर्भ संख्या 40017025025421 से जिलाधिकारी व एसडीएम पैलानी ने आज दिवस तक न्यायोचित कार्यवाही नही की है। साथ ही बीते 28 दिसंबर को खनिज निरीक्षक ग्राम सांडी पहुंचे थे। इनके ही सामने अवैध खनन के भारी गड्ढे जेसीबी से भरकर खेल किया गया। जिसके जीपीएस कैमरे से फोटोग्राफी की गई है। शिकायत नेतृत्व कर्ता ऊषा निषाद ने आरोप लगाया कि उनके और प्रभावित किसानों के साथ खण्ड 77 के मौरम ठेकेदार की ज्यादती क्रूरतापूर्ण तरीके से चल रही है। अवैध खनन की शिकायत करने पर खंड 77 के मौरम खण्ड संचालक के गुर्गों और संघठित माफिया द्वारा को फर्जी मुकदमेबाजी मे फंसाने का षड्यंत्र किया गया था। साथ ही आंदोलन व शिकायत कर्ता किसानों को जान से मारने की धमकियां दी जाती है।

ज्ञापन देने वालों ने मंडल आयुक्त से की जांच की मांग, कमिश्नर साहब ने डीएम को लिखा पत्र

चित्रकूट धाम के मंडल आयुक्त ने बताया कि बीते 28 दिसंबर को शाम साढ़े 4 बजे खनिज निरीक्षक सांडी खण्ड 77 पहुंचे थे। उन्होंने अपने सामने अवैध खनन के भारी गड्ढों को जेसीबी से भरवाने का काम कराया। प्रभावित किसान ने कहा कि उसकी निजी भूमि पर मनमर्जी से फसलें उजाड़ने के बाद खनन किया गया। मौरम निकालकर मिट्टी से गड्ढे भर दिये जाते है। गांव ऐसे डरे-सहमें कई किसान है,जिसके वीडियो फोटोग्राफी प्रभावित किसानों ने जीपीएस कैमरे से खेतों पर जाकर की है। किसानों का सीधा कहना है कि सांडी खण्ड 77 मे एनजीटी के आदेश बावजूद पर्यावरण विनाशकारी गतिविधियों की अंधेरगर्दी है। वहीं 29 दिसंबर को मुख्यालय आकर मंडल आयुक्त अजीत कुमार जी से ज्ञापन देकर ग्राम सांडी के किसानों ने उनसे अपने निर्देशन मे एनजीटी के आदेश 3 दिसंबर 2025 की याचिका संख्या 614/2025 को संज्ञान लेकर बाँदा मे अनियंत्रित अवैध खनन की एसआईटी / एसटीएफ से जांच करवाने की मांग की गई है। इस पर मंडल आयुक्त ने भरोसा देते हुए जिलाधिकारी बाँदा को पांच दिन मे जांच रिपोर्ट देने का पत्र लिखा है। आयुक्त ने मीडिया को बयान देते हुए निष्पक्ष कार्यवाही का आश्वासन दिया है। काबिलेगौर है कि वैध खनन पट्टे की आड़ मे लाल मौरम के अवैध काले कारोबार मे बाँदा के अंदर मीडिया,मनी, माफियाओं के सीधे कनेक्शन है देखने को मिल रहें है। अब देखना यह महत्वपूर्ण होगा कि इस ज्ञापन की जांच व आगामी 25 फरवरी के एनजीटी सुनवाई पर क्या माकूल कदम अवैध खनन के लिए उठाये जाते है।

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