
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में संबोधन के दौरान अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाने को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। राज्यपाल ने अपने संबोधन में पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रावासों की बदहाली और बाहर से खाने मंगाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बाहर से टिफिन में ड्रग्स और दारू भी आती है।
राज्यपाल ने यह भी कहा था कि खाने की सैंपल की लखनऊ ले जाकर जांच कराएंगे, क्योंकि कहीं सैंपल बदल न जाए, गुजरात में भी कई बार सैंपल बदल जाता था। सपा प्रमुख ने शुक्रवार को राज्यपाल के भाषण का 2.22 मिनट का वीडियो पोस्ट कर एक्स पर लिखा, ‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात माडल’ की घपलेबाजी की बात भी सामने आ गई।
सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी। आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है। वहीं अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जेन जी से संवाद पर भी प्रश्न खड़े किए है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, जेन जी और जनता के आक्रोश से बचने के लिए अब संगी-साथी ‘बात की ढाल’ बना रहे हैं। एक जेन जी पर तोहमत लगा रहा है, तो दूसरा अपने को बचाने के लिए उनकी तारीफों के पुल बांध रहा है। ये संगी-साथी समझ गये हैं कि पढ़ी-लिखी नई पीढ़ी को वो अपनी सत्ता प्राप्ति की सीढ़ी नहीं बना सकते हैं।
जब शताब्दी वर्ष में दो शीर्षस्थ लोगों के विचार एक-दूसरे के विपरीत हैं तो समझ लीजिए सब डर के मारे अपने-अपने को बचाने में लग गये हैं। स्वार्थ के संगी-साथियों के संग की मियाद पूरी हुई।
शताब्दी वर्ष, समाप्ति वर्ष में बदल गया है। सदैव के लिए संगी-साथियों के भूमिगत होने का समय आ गया है। इस 15 अगस्त से भाजपाई नकारात्मक राजनीति से आजादी का नया आंदोलन शुरू होगा।



