
प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी नेता अपने तरकश से राजनीतिक तीर छोड़ने में जुट गए हैं। पिछले 24 घंटे से यूपी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच सोशल मीडिया पर वार और पलटवार का जबरदस्त दौर चल रहा है। अब अखिलेश यादव ने सुभासपा प्रमुख के पंचायती राज मंत्रालय में अफसरों से ट्रांसफर के नाम पर एडवांस वसूलने का आरोप लगा दिया है।
गुरुवार सुबह अपने X हैंडल पर अखिलेश यादव ने लिखा है- ‘पंचायती-समाचार : टिकटार्थियों के बाद अधिकारी और ठेकेदार मिलके कर रहे ‘ढुंढाई पंचायत’। कल तक तो ‘अफवाही’ मंत्री जी को केवल वो भावी प्रत्याशी ही ढूढ रहे थे जिनसे इन्होंने टिकट के नाम पर एडवांस वसूल लिया था, लेकिन अब जो जान गये हैं कि ‘30 सीट’ की बात अफवाह है। न तो इन्हें एक भी सीट मिल रही है और ले-देकर मिल भी गई तो भी ये जीतनेवाले नहीं हैं।’

‘ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर एडवांस वसूला’
अखिलेश ने आगे लिखा है- ‘इनकी सच्चाई बाहर आते ही अब तो सुना है, वो एई, जेई और एएमए अधिकारी और विभागीय ठेकेदार भी इनको ढूंढने के लिए मिल-बैठकर ‘पंचायत’ कर रहे हैं, जिनसे ट्रांसफर-पोस्टिंग और कॉन्ट्रैक्ट दिलवाने के नाम पर इन्होंने एडवांस वसूल लिया है। जिस काली-कमाई के पैसे के बल पर इनके ‘बड़े बोल’ निकल रहे हैं, अब वो पैसा ही इनके खिलाफ ‘पंचायत’ बैठा रहा है।’
सपा के सांसदों के टूटने का किया था दावा
आपको बता दें कि ओमप्रकाश राजभर 2022 विधानसभा चुनाव सपा के सहयोगी के रूप में लड़े थे। चुनाव बाद राजभर और अखिलेश के बीच मतभेद होने के कारण इनका गठबंधन टूट गया था। इसके बाद राजभर ने भाजपा से गठबंधन किया और उन्हें योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री पद मिला। एक दिन पहले बुधवार को राजभर ने दावा किया था कि सपा के 25 से 26 सांसद टूटने के लिए तैयार बैठे हैं। 2027 यूपी चुनाव के बाद वह सपा छोड़ देंगे। राजभर ने यहां तक दावा किया कि सपा के बागी सांसदों का नेतृत्व बागी बलिया का एक लाल करेगा जो पार्टी में ब्राह्मणों की उपेक्षा से आहत है।



