
रसड़ा (बलिया) से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए लखनऊ स्थित आवास पर रखा गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री और कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए बलिया ले जाया जा रहा है, जहां महावीर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
उनका दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक कद्दावर और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे। उनके अचानक निधन से बहुजन समाज पार्टी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी (कैंसर) से अस्वस्थ चल रहे थे और दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

विधायक के रूप में कार्यकाल
वर्ष 2012, 2017 और 2022 से लगातार (तीसरी बार विधायक)। वे उत्तर प्रदेश की वर्तमान विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक थे।
उनके असामयिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है, विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी के एकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर आयकर (IT) विभाग की रेड पड़ी थी। बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह काफी समय से बीमार थे। उनके घर हुई छापेमारी को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री ने नाराजगी जाहिर की थी। यूपी के सियासत में आयकर विभाग की इस छापेमारी की खूब चर्चा हुई थी।
रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की गिनती मायावती के सबसे करीबी नेताओं में थी। वजह बसपा के वह यूपी में एकलौते विधायक थे । 2022 के विधानसभा चुनाव में बलिया की रसड़ा सीट से चुनाव जीते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी गिनती यूपी के सबसे अमीर विधायकों में होती है, करोड़पति विधायकों की सूची में वह 6वें नंबर पर थे।
उमाशंकर सिंह यूपी में हुए 2012, 2017, 2022 का चुनाव जीते थे । उमाशंकर सिंह पहली बार बसपा के टिकट पर 2012 में रसड़ा से विधायक बने। इसके बाद 2017 में भी बसपा ने टिकट दिया और जीत दर्ज की। फिर 2022 के चुनाव में भी वह बसपा से एकलौते विधायक चुने गए हैं। उनकी पत्नी छात्र शक्ति नाम की कंपनी चलाती हैं। जो कंस्ट्रक्शन का काम करती है।
2017 में उमाशंकर सिंह की कुल संपत्ति 40 करोड़ 19 लाख 86 हजार 172 रुपये थी, वहीं, 2012 में 20 करोड़ 75 लाख 63 हजार 588 रुपये हो थी। पांच साल में उमाशंकर की संपत्ति में खूब इजाफा हुआ है। उमाशंकर सिंह की ओर से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के अनुसार, 2020-21 में उनकी कुल संपत्ति 36 लाख 69 हजार रुपये थी। 2019-20 में 37 लाख 53 हजार 880 रुपये थी। 2018-19 में 37 लाख 69 हजार 386 रपये थी। 2017-18 में 1 करोड़ 43 लाख 42 हजार 31 रुपये थी। 2016-17 में 2 करोड़ 11 लाख 45 हजार 774 रुपये थी।
दिनेश प्रताप सिंह से क्या रिश्ता
उमाशंकर सिंह के एजुकेशन की बात करें तो वह 12वीं पास हैं। उमाशंकर सिंह के एकलौते बेटे प्रिंस यूकेश सिंह छात्र शक्ति कंपनी से जुड़े हैं। सोशल मीडिया पर वह खुद को इस कंपनी का सीईओ बताते हैं। वर्ष 2024 में योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी बेटी कनिका सिंह की शादी उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश से की थी। ऐसे में दिनेश प्रताप सिंह और उमाशंकर सिंह समधी हैं।



