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9 आपराधिक मुकदमों का आरोपी, मेरठ में कलेक्ट्रेट गेट पर धरने का बना मुख्य चेहरा. कौन है दिग्विजय भाटी?

 उत्तर प्रदेश में मेरठ के कमिश्नरी कार्यालय के बाहर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन कर मुख्य मार्ग जाम करने के मामले में मेरठ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। थाना सिविल लाइन में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया है कि पूरे घटनाक्रम का नेतृत्व ऐसे लोगों ने किया, जिनके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले का मुख्य चेहरा दिग्विजय सिंह भाटी है, जिसके खिलाफ पहले से नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

धरने और सड़क जाम पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक मेरठ के कमिश्नरी कार्यालय के बाहर बिना अनुमति धरना देकर मुख्य मार्ग को बाधित किया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मामले में थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को नामजद किया है।

‘ दिग्विजय भाटी समेत चार लोग मुख्य सूत्रधार’

पुलिस के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधार दिग्विजय सिंह भाटी, रवि गौतम, सुशील गौतम और हिमांशु सिद्धार्थ हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी की भूमिका की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Meerut Collectorate Protest News

दिग्विजय भाटी पर पहले से दर्ज हैं 9 मुकदमे

पुलिस के अनुसार दिग्विजय भाटी का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें बैंक मैनेजर के साथ बैंक परिसर में अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर धमकाने, टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों से अभद्रता करने, दुष्कर्म पीड़िता की मां को धमकी देने सहित कई अन्य गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि करीब दस दिन पहले ही उसे जिलाबदर किया गया था।

अन्य आरोपियों की भी जांच जारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ भी विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। जांच के दौरान कुछ आरोपियों के संबंध कुख्यात अमित मिरिंडा गैंग से जुड़े लोगों से होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इन तथ्यों का सत्यापन कर रही है और जांच जारी है।

महिलाओं और नाबालिगों को आगे करने का आरोप

एसपी देहात के अनुसार प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और नाबालिगों को आगे कर सड़क जाम कराने का प्रयास किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई प्रभावित हो सके। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी महिला, नाबालिग या उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की जा रही है, जिनकी भूमिका कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, भीड़ को उकसाने और अराजकता फैलाने में सामने आई है।

पुलिस की चेतावनी

मेरठ पुलिस ने दोहराया है कि जनपद के भीतर या बाहर से आने वाले किसी भी आपराधिक तत्व को कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विरोध-प्रदर्शन के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करें और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने वाले कृत्यों से बचें।

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