
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश रेशम उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बुधवार को खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने रेशम निदेशालय, गोमतीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विस्तार एवं पीसीएसएफ के अध्यक्ष कक्ष का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों से रेशम किसानों के जीवन में समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया दौर शुरू हुआ है।

मंत्री सचान ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार शहतूती, टसर एवं एरी सेक्टर की सभी फसलों के ककून पर एमएसपी लागू की गई है।
इसका सीधा लाभ किसानों को मिला है। वर्ष 2026-27 की शहतूती सेक्टर की ग्रीष्म फसल में 410324 कि.ग्रा. कोया का उत्पादन हुआ, जिसे किसानों ने 970.96 लाख रुपए में बेचा। यह पिछले वर्ष 2025-26 की तुलना में 273.44 लाख रुपए अधिक है। यानी रेशम किसानों की आय में 39 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि का उत्सव मनाते हुए मंत्री राकेश सचान एवं अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीणा ने ग्रीष्म फसल, 2026 में सर्वाधिक लाभ अर्जित करने वाले 08 प्रगतिशील कीटपालकों को प्रशस्ति पत्र व शॉल देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में गोरखपुर से सत्य प्रकाश सिंह एवं ब्रम्हदेव, गोण्डा से रेनू एवं ठकुराईन वर्मा, लखीमपुर से रामचन्द्र एवं कृष्ण कुमार तथा बहराइच से साहब दयाल एवं मालती शामिल रहे।
समीक्षा बैठक में मंत्री सचान ने कहा कि योगी सरकार का संकल्प है कि हर योजना का लाभ पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र किसान तक पहुंचे।
उन्होंने निर्देश दिए कि लाभार्थी चयन जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की देखरेख में हो और प्रत्येक लाभार्थी का नाम, मोबाइल नंबर व दी गई सहायता का पूरा ब्यौरा तैयार कर भौतिक सत्यापन कराया जाए। इससे योजनाओं में शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
मंत्री सचान ने कहा कि रेशम क्षेत्र को तकनीक से जोड़कर और गुणवत्तापूर्ण सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी रेशम उत्पादक राज्य बनाया जाएगा। इसके लिए नए और योग्य आपूर्तिकर्ताओं को अवसर देकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाएगा। रेशम फार्मों की भूमि का अभिलेखीकरण, नर्सरी विकास, पौधारोपण और किसान समितियों को सक्रिय करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, एमएसपी की सुरक्षा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी सुविधाओं से रेशम उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि होगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।



