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PM मोदी का अमरनाथ यात्रियों के नाम भावुक संदेश, यात्रा से पहले दिलाए 5 बड़े संकल्प

नयी दिल्ली । अमरनाथ यात्रा की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा को भारत की सनातन आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक एकता और सेवा भाव का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। बारिश के बीच बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से श्रद्धालुओं के जत्थे बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। पहले जत्थे में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं। बालटाल मार्ग से जाने वाले श्रद्धालु उसी दिन शाम तक दर्शन करेंगे, जबकि पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालु अगले दिन दोपहर बाद पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। यह वार्षिक यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में आयोजित होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा में शामिल होना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा की प्रथम पूजा के साथ ही बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का शाश्वत अध्याय है, जहां विभिन्न राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े श्रद्धालु महादेव के दर्शन के संकल्प के साथ एकत्रित होते हैं। प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की यात्रा प्रबंधन में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मियों तथा सेवा कार्य में लगे सभी लोगों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा भारत की विविधता में एकता और निःस्वार्थ सेवा की भावना का जीवंत उदाहरण है। यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु भंडारों और लंगरों के माध्यम से सेवा का कार्य करते हैं।

प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने का आग्रह किया। पहला संकल्प यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे मार्ग को स्वच्छ बनाए रखने में अपना योगदान दें।

दूसरा संकल्प प्रशासन के सभी निर्देशों, यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। बारिश, फिसलन और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। तीसरा संकल्प वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत यात्रा पर होने वाले खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, जिससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को मजबूती मिले। चैथा संकल्प अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस रक्षाबंधन पर अपने भाई या बहन को एक पौधा उपहार में दें और एक पेड़ मां के नाम अभियान को आगे बढ़ाएं। पांचवां संकल्प राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा अमरनाथ की यह पावन यात्रा सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा परंपरा का भव्य उत्सव बनेगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना करते हुए बाबा बर्फानी से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

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