
श्रीनगर । दक्षिण कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुक्रवार से विधिवत शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं के जत्थे बालटाल और नुनवान (पहलगाम) आधार शिविरों से पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। अधिकारियों के अनुसार, रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद यात्रा निर्धारित समय पर दोनों मार्गों से शुरू हुई। श्रद्धालु 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले।

यात्रा में पुरुष, महिलाएं और साधु-संत बड़ी संख्या में शामिल हुए। सुबह होते ही दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले स्थित नुनवान आधार शिविर और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग स्थित बालटाल आधार शिविर से श्रद्धालुओं को रवाना किया गया।
संबंधित जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को आगे बढ़ाया। इस दौरान श्बम-बम भोलेश् के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इससे पहले गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4,809 से अधिक श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। दोपहर में यह जत्था कश्मीर घाटी पहुंचा, जहां प्रशासन और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। श्रद्धालु अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित पवित्र हिम शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा अन्य अर्धसैनिक बलों के हजारों जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर हवाई निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। 57 दिनों तक चलने वाली यह वार्षिक अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी।



