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BRICS के मंच से PM मोदी ने की मांग, यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में हो रिफॉर्म

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का व्यापक संदेश यह रहा कि ब्रिक्स को आने वाले वर्षों में केवल आर्थिक सहयोग के मंच के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की बहस को आगे बढ़ाने वाले समूह के तौर पर भी अपनी भूमिका मजबूत करनी चाहिए।

नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बदलाव की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी है। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों से अगले दो दशकों के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने और वैश्विक सुधारों के लिए ठोस प्रस्ताव सामने रखने का आह्वान किया। मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सुधार की प्रक्रिया केवल वैश्विक संस्थाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसकी शुरुआत संगठनों की अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने से भी होनी चाहिए। इसके लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की जरूरत है, जिसमें प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को अपने संबोधन का अहम हिस्सा बनाया।

उन्होंने कहा कि यूएनएससी में सुधार की प्रक्रिया को लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता। इसके लिए बातचीत को एक निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट परिणामों से जोड़ने की जरूरत है। मोदी का संदेश ऐसे समय आया है जब वैश्विक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व को लेकर विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ओर से लगातार सुधार की मांग उठती रही है। प्रधानमंत्री ने व्यापक प्रतिनिधित्व को प्रभावी वैश्विक शासन के लिए जरूरी बताया। उन्होंने वित्तीय संस्थानों के संदर्भ में भी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताई। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में वोटिंग पावर, नेतृत्व की जिम्मेदारियां और नीतिगत प्राथमिकताएं आज की आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो देश वैश्विक आर्थिक विकास को गति दे रहे हैं, उन्हें वैश्विक आर्थिक शासन को आकार देने में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक प्रतिनिधित्व केवल राजनीतिक संस्थाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से भी है। मोदी ने जवाबदेही और नियम-निर्माण को भी सुधार प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने रखा। उनका कहना था कि वैश्विक संस्थाओं को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है जिसमें निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक संतुलित और उत्तरदायी हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के ब्रिक्स सम्मेलन को समूह के लिए ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। मानव जीवन में 20 साल की उम्र को परिपक्वता और जिम्मेदारी के नए चरण की शुरुआत माना जाता है। इसी तरह ब्रिक्स भी अब अपने विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। मोदी के मुताबिक पिछले दो दशकों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। सदस्य देशों के बीच अलग-अलग परिस्थितियों और प्राथमिकताओं के बावजूद समूह ने संवाद और सहयोग की दिशा में अपनी भूमिका विकसित की है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स को किसी देश या समूह के खिलाफ खड़े होने के बजाय व्यापक सहयोग और साझेदारी के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अब जरूरत इस बात की है कि ब्रिक्स के भीतर बनी सहमति और एकता को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदला जाए। मोदी ने ब्रिक्स के सामने अगले 20 वर्षों के लिए नया और महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत संगठन की अपनी कार्यप्रणाली से होनी चाहिए। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष अलग देश के पास जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अध्यक्षता बदलने के बावजूद समूह की संस्थागत गति और पहले से शुरू की गई पहलों की निरंतरता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र’ बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत ब्रिक्स की ट्रोइका के माध्यम से विभिन्न पहलों और उनके परिणामों की लगातार निगरानी और फॉलोअप किया जा सकेगा। इससे अध्यक्षता बदलने के बाद भी महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ की स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि विकासशील देश वैश्विक संकटों का सामना करने में सबसे आगे रहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय फैसले लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका अपेक्षाकृत कम है। मोदी ने इस स्थिति को बदलने की जरूरत बताते हुए कहा कि दुनिया को ‘विशेषाधिकार के पिरामिड’ से आगे बढ़कर ‘साझेदारी के मंच’ की ओर जाना चाहिए। ऐसा मंच होना चाहिए जहां हर देश की आवाज सुनी जाए और प्रत्येक सदस्य की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य मानवता का विकास होना चाहिए। यानी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार केवल सत्ता और प्रतिनिधित्व के पुनर्वितरण का मुद्दा नहीं, बल्कि इसका लक्ष्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाली वैश्विक व्यवस्था तैयार करना भी होना चाहिए। यूएनएससी सुधार, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में प्रतिनिधित्व, जवाबदेही, नियम-निर्माण और ग्लोबल साउथ की भागीदारी जैसे मुद्दों को अगले दो दशकों के एजेंडे से जोड़ते हुए मोदी ने ब्रिक्स के लिए दीर्घकालिक दिशा का संकेत दिया। अब चुनौती इन प्रस्तावों को चर्चा से आगे ले जाकर ठोस पहल और परिणामों में बदलने की होगी।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने शी जिनपिंग से की बातचीत, चीन का समर्थन किया

नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता कर भारत की अध्यक्षता में चीन के सहयोग हेतु आभार जताया। राष्ट्रपति शी ने दोनों देशों के साझा विकास और सहयोग पर बल दिया। वहीं, समिट में सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाकर पश्चिम एशिया के तनाव …

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एक साथ दिखे PM मोदी, पुतिन और जिनपिंग; प्रधानमंत्री ने साझा की फोटो

नई दिल्ली। नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के औपचारिक आगाज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक ऐतिहासिक तस्वीर साझा की है। इस खास फ्रेम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आ रहे हैं। क्या दुनिया के तीन सबसे …

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CM योगी समेत कई नेताओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व की दी बधाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चैधरी समेत कई नेताओं ने शनिवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व पर सिखों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। गुरु ग्रंथ साहिब सिखों का पवित्र ग्रंथ है जिसे समुदाय जीवित गुरु के रूप में सम्मान …

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CM योगी “PM मोदी ने भारत को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकाला, दुनिया में नई पहचान दिलाई”

लखनऊ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी लखनऊ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र …

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मलेशिया के PM से मिले PM मोदी, द्विपक्षीय बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हुई बात

नयी दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम ने नयी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। वो 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए हैं। इस बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर वगैरह के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के …

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Hyderabad House: PM मोदी और अबू धाबी की द्विपक्षीय संबंधों पर की चर्चा

नयी दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने शनिवार को नयी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य अधिकारी …

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PM मोदी और इथियोपिया PM अबी अहमद ने हैदराबाद हाउस में की द्विपक्षीय बैठक

नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नयी दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इथियोपिया ब्रिक्स के नए सदस्य देशों में शामिल है और अबी अहमद शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नयी दिल्ली पहुंचे हैं। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत …

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BRICS के मंच से PM मोदी ने की मांग, यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में हो रिफॉर्म

नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बदलाव की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी है। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों से …

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जी-7 समूह पर जमकर बरसे पुतिन: बोले- ब्रिक्स की आर्थिक ताकत उनसे कहीं ज्यादा, कैसे समझाया जीडीपी का आंकड़ा?

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे को खुली चुनौती दी। जी-7 समूह पर तीखा प्रहार किया। पुतिन ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया गहरे संरचनात्मक और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि …

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अवैध शराब के खिलाफ योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 3152 छापों में 8418 लीटर शराब बरामद.

अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमों ने प्रदेशभर में व्यापक कार्रवाई करते हुए 3152 स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान 373 अभियोग पंजीकृत किए गए, जबकि …

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