
@आशीष सागर दीक्षित।
- बाँदा मे धड़ल्ले से चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटरो मे पीसीपीएनडीटी एक्ट की अनदेखी।
- बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे जांच के दरम्यान मिली मेडिकल कालेज मे तैनात डाक्टर पीएस सागर की डिग्री।
- सरकारी नौकरी और चिकित्सा सेवा के दौरान एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर मे सर्विस कैसे दे सकतें है डाक्टर पीएस सागर ?
- मेडिकल कालेज मे दोपहर 2 बजे तक ड्यूटी रहने के बावजूद बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे अल्ट्रासाउंड रिपोर्टिंग कैसे संभव है ?
- बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक अमित बाँदा के सिविल लाइन अस्पताल रोड से,मेडिकल कालेज रोड आयुष्मान प्राइवेट नर्सिंग होम, अतर्रा बबेरू तक अपनी चिकित्सा नेटवर्किंग सेवाओं का जाल फैलाएं है।
- अमित बजरंगा अब बाँदा के पैलानी क्षेत्र की अमलोर मौरम खदान मे भी हिस्सेदार है।
बाँदा। चित्रकूट मंडल मुख्यालय बाँदा मे यूं तो डायग्नोस्टिक सेंटरो की बाढ़ है। ठीक वैसे यथा अन्य जिलों मे महामारी बनकर जनता को चिकित्सा और जांच के नाम पर लूट रही है। बाँदा मे बीते दिन सिटी मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर बालाजी औऱ बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर समेत दूसरे जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। लेकिन निजी सूत्रधार दावे से कहतें है कि जांच टीम आने की जानकारी डायग्नोस्टिक सेंटरों को पहले ही हो गई थी। जिससे जांच केन्द्र के मौके पर सूचना देकर अल्ट्रासाउंड डॉक्टरों को बुला लिया गया था। जबकि रोजमर्रा मे इन्ही डायग्नोस्टिक सेंटरों मे बिना डिग्री होल्डर युवा लड़के अल्ट्रासाउंड समेत अन्य तरह की जांच करते पाए जाते है। जांच टीम का नेतृत्व कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला के साथ सुनियोजित इत्तेफाक देखिए कि उन्हें बालाजी समेत बजरंगा डायग्नोस्टिक मे डाक्टर तैनात मिले थे। मजेदार तथ्य यह है कि बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे अपनी डिग्री लगाए डाक्टर पीएस सागर राजकीय दुर्गावती एलोपैथी मेडिकल कालेज मे तैनात है। इनकी सुबह दस बजे से 2 बजे तक डियूटी रहती है। या जब कभी समय अनुसार बदलती रहती है। किंतु सरकारी मेडिकल कालेज मे सेवा दे रहे डाक्टर पीएस सागर बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर मे अल्ट्रासाउंड साउंड सेवा कागजों मे देते है। वह भी एक समय पर ही क्या यह चमत्कार विद्या नही है ? सूबे के स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जी को डाक्टर पीएस सागर की इस बहु प्रतिभा हुनरमंदी पर संज्ञान लेना चाहिए। वैसे तो ज्यादातर सरकारी डाक्टर बाँदा मे आवास विकास ए ब्लाक या अन्यत्र निजी चिकित्सा सेंटर चला ही रहें है लेकिन डाक्टर पीएस सागर की उपलब्धि अलहदा है।

पैलानी की अमलोर मौरम खदान मे हिस्सेदार है अमित बजरंगा…

गांव से शहर की पगडंडियों पर सफलता के पायदान चढ़ते हुए बजरंगा डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक अमित बजरंगा ने फिलहाल एक नया कारोबार शुरू किया है। शहर बाँदा, बबेरू, अतर्रा आदि तक डायग्नोस्टिक व चिकित्सा व्यापार की आपार सफलता के बाद अब अमित बजरंगा ने पैलानी की अमलोर मौरम खदान मे परोक्ष हिस्सेदारी ली है। इसमें ही दिलीप सिंह लाला (जरैली कोठी) व अन्य रसूखदार पार्टनरशिप लिए है। बीते गर्मी मे 2 माह चल चुके इस मौरम पट्टे की खनन मियाद 6 माह है। अमित बजरंगा ने अपनी अकूत दौलत व प्रशासनिक मजबूती के मद्देनजर लाल मौरम कारोबार मे भी हाथ आजमाना आरंभ किया है। जाहिर है बजरंगा डायग्नोस्टिक सेन्टर मे पीसीपीएनडीटी एक्ट की बखिया उधेड़बुन के बाद अब मौरम कारोबार के मंजे खिलाड़ियों संग केन की लाल बालू के सहारे पर्यावरण उजाड़ का नया कीर्तिमान स्थापित किया जाना है। फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला ने डाक्टर पीएस सागर के एक साथ दो जगह सेवा देने के मामलें मे शासन को रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही कराने की बात मीडिया से कही है।