मौरम खंड सांडी 77 के बालू ठेकेदारों ने ली निर्दोष पंकज की जान ! | Soochana Sansar

मौरम खंड सांडी 77 के बालू ठेकेदारों ने ली निर्दोष पंकज की जान !

खबर : आशीष सागर दीक्षित,बाँदा।

  • इस खदान मे ताबड़तोड़ अवैध खनन से किसान परेशान, केन नदी हलकान।
  • तीन दिन पहले रास्ते को लेकर खदान संचालक और पंकज के हुआ था विवाद।
  • मृतक पंकज की पत्नी संगीता ने पैलानी थाने मे दी है लिखित तहरीर।

बांदा ज़िले के पैलानी थाना की सांडी खण्ड 77 मौरम ठेकेदारों ने दबंगई से मौरम लूट की मनमानी को रोकने वाले ग्रामीणों को उनके अंजाम तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। किसान व उनके आश्रित सहारे लहु-लूहान हो रहें है। इस क्षेत्र के किसान पंकज ने अपनी जमीन और रास्ते से बालू की निकासी को रोकने के लिये विरोध किया तो उसको अपनी जान देकर कीमत चुकानी पड़ी है। मामला बीती 29 दिसम्बर की रात करीब समय लगभग 8 बजे का है। खप्टिहाकला से ट्रैक्टर लेकर आ रहे पंकज पर साडी 77 से बालू लेकर जा रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे ट्राली पलट गयी और चालक पंकज की दबकर मौके पर ही दुखद मौत हो गयी। बस फिर क्या था ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतक पीड़ित परिवार सहित ग्रामीणों ने लाश को घटनास्थल पर रखकर आरोपी खदान संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और अंतिम संस्कार न कराने की जिद को लेकर अड़ गये है। जानकारी मुताबिक मौके घटनास्थल पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और एसओ सहित घटना स्थल का मुआयना कर आये थे लेकिन देर शाम तक पीड़ितों की मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों का आक्रोश चौथे आसमान पर दिख रहा था। सूत्र व ग्रामीणों ने बताया कि न्यू यूरेका माइंस एण्ड मिनरल्स प्राइवेट लि. हिमांशु मीणा को साडी 77 आवंटित हुआ था। यह रसमीत मल्होत्रा मध्यप्रदेश ग्रुप की प्रभावशाली खदान है। फर्म संचालक ने इस सीजन मे यह खदान अशोक यादव,40 फीसदी के हिस्सेदार कैलाश यादव और बबलू सिंह मीडिया मैनेजर को सौंप दिया है।

गत वर्ष की इमामी टीम रफादफा है। इस खंड मे अवैध खनन को लेकर कई बार ग्रामीणों के द्वारा जिला स्तर पर शिकायतें भी की गयी लेकिन समय रहते किसी भी सक्षम अधिकारी के द्वारा शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। एनजीटी मे भी यह खदान निशाने पर है। किंतु अवैध खनन चरम पर है। खेत से परिवहन विरोध पर क्षेत्र के एक विवाहित युवक पंकज को अपनी जान गंवानी पड़ गई। यहां के ग्राम प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि थाना पैलानी के उसरा डेरा मजरा खैरेई का निवासी मृतक पंकज निषाद (25) की पत्नी संगीता ने एसएचओ को दी तहरीर मे बताया है कि तीन चार दिन पहले खदान संचालक अशोक यादव, बबलू सिंह और कैलाश यादव उर्फ पहलवान से रास्ते से ट्रक निकालने को लेकर पंकज का विवाद हुआ था। मृतक पंकज ने अपनी जमीन से ट्रक निकालने से मना किया था जिस पर आरोपी जनों के द्वारा धमकी दी गयी थी देख लेंगे। बीती रात 29 दिसम्बर को रात लगभग 8 बजे जब पंकज खप्टिहाकला से टै्रक्टर लेकर चला आ रहा था तभी साडी 77 से बालू लदे ट्रक के द्वारा जोरदार टक्कर मारकर ट्राली को पलटा दिया गया, जिसमें दबकर पंकज की मौके पर मौत हो गयी है।

किसान की मौत के बाद विरोध का ग़दर

ट्रक की टक्कर से पंकज निषाद की मौत होने के बाद से ग्रामीण और पीड़ित परिजन घटना स्थल पर शव को रखकर आरोपी जनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जिद पर अड़े हुये है। इस घटना की जनकारी होने पर पैलानी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगों और लेखपाल सहित पैलानी एसएचओ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी जनों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया जाए उसके बाद मृतक पंकज के शव का पंचनामा भरा जाए। बीती देर शाम तक पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। मृतक की पत्नी पीड़ित संगीता के द्वारा पैलानी थाने में लिखित तहरीर दे दी गयी है। उधर 29 दिसंबर को ही मंडल आयुक्त ने इस खदान व अन्य मे अवैध खनन को लेकर जांच के आदेश डीएम बाँदा को दिये है। बाँदा मे ग्रेनाइट व मौरम खदानों पर अकाल मौतों का यह सिलसिला गाहेबगाहे चलता रहता है। यही सिस्टम और यही दस्तूर है।

Like us share us

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *