
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक भवन में राज्य की स्टार्टअप नीति-2026 की पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया। उन्होंने 107 स्टार्टअप को 3.42 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने सात स्टार्टअप संचालित करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद से उद्योगों और स्टार्टअप की हालत में बड़ा सुधार हुआ और सब धरातल पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में अब युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।
हमारी पॉलिसी से उद्योग को प्रोत्साहन काफी मिला है। पहले सड़क ठीक नहीं थी और 2017 से पहले 105 स्टार्टअप थे। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 24,243 स्टार्टअप पंजीकृत हैं। यह तो दिख ही रहा है कि 2017 से पहले स्टार्टअप की हालत काफी खराब थी।

सरकार स्टार्टअप संचालकों के साथ खड़ी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि देश के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में आबादी के हिसाब से उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत करनी होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के हित में उठने वाले हर कदम में सरकार स्टार्टअप संचालकों के साथ खड़ी है। यूपी में भूमि की कमी नहीं है। यहां हर क्षेत्र में संभावनाएं हैं। बस आपको अवसर व उन्हें पहचनाने की जरूरत है। उन्होंने 107 स्टार्टअप को 3.42 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी वितरित की।
यूपी स्टार्टअप मिशन के साथ जुड़कर आगे बढ़ें
लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम स्टार्टअप फंड, इनक्यूबेटर्स व यूपी के युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए एकत्र हुए हैं। यह तभी संभव है जब हम मिलकर यूपी स्टार्टअप मिशन के साथ जुड़कर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत के अंदर मात्र 500 स्टार्टअप थे, जो अब बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गए हैं। यही स्थिति भारत की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य यूपी को लेकर भी थी। वर्ष 2017 से पहले राज्य में केवल 120 स्टार्टअप थे,जिनकी संख्या अब बढ़कर 24 हजार से ज्यादा हो गई है।
स्टेकहोल्डरों को यूपी स्टार्टअप मिशन के साथ जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेकहोल्डरों को यूपी स्टार्टअप मिशन के साथ जोड़ा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप के जरिए राज्य की छवि बदली है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के अंदर अव्यवस्था का वातावरण था। लंबे समय से एक सांसद के रूप में काम करते हुए मैने भी महसूस किया है कि दूसरे राज्यों के लोग यूपी के लोगों के प्रति सही धारणा नहीं रखते थे। पर्व व त्योहार से पहले उपद्रव होते थे। स्कूल, कालेज व बाजार महीनों बंद रहते थे।
जितनी बड़ी आबादी उतने ज्यादा अवसर
यूपी में हर वर्ष 500 से अधिक दंगे होते थे। नौ वर्ष पहले यूपी में रोजगार, शिक्षा, नवाचार के बारे में चर्चा करना सपना था। पहले न नीति थी और न ही सरकार की कोई इच्छाशक्ति थी। इसके चलते अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश पीछे चला गया था। हमारी जितनी बड़ी आबादी है उतने ज्यादा अवसर हैं। आज दुनिया में सबसे ज्यादा युवा कार्यबल यूपी के पास उपलब्ध है।
आधे स्टार्टअप्स का संचालन महिलाओं के हाथ
उन्होंने कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि आज यूपी में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप्स में करीब आधे स्टार्टअप्स का संचालन महिलाएं कर रही हैं। सरकार स्टार्टअप के साथ खड़ी है। हम लगातार स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमनें स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2019 में सिडबी के साथ मिलकर वयवस्था कर दी थी। हमनें नई स्टार्ट अप नीति बनाई और उसमें सुधार किया। ज्यादा प्रोत्साहन की व्यवस्था की। उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा कि पढ़ाई को पाठ्यक्रम तक सीमित न किया जाए, बल्कि उसे नवाचार के साथ जोड़ा जाए।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नौ वर्षों में राज्य की अर्थ व्यवस्था को तीन गुणा किया है। बड़े उद्योगों को 12 हजार से बढ़ाकर 36 हजार से ज्यादा किया गया है। आज यूपी की अर्थव्यवस्था अन्य राज्यों की तुलना में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।
आईआईटी कानपुर का मेडिटेक सेंटर बनाने का प्रस्ताव
उन्होंने कहा कि आइआइटी कानपुर ने मेडिटेक सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया है। आइआइटी बीएचयू ने यूपी एग्रीज के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। जरूरत पड़ने पर प्लग एंड प्ले माडल पर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश कफ्र्यू से ऊबर चुका है। निवेशकों व आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्टअप के ईको सिस्टम को आगे बढ़ाने में हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप मिशन वेबसाइट का शुभारंभ भी किया।
30 हजार का प्रोत्साहन को बढ़ाकर 40 हजार रुपये
इससे पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि स्टार्टअप नीति में 30 हजार के प्रोत्साहन को बढ़ाकर 40 हजार रुपये किया गया है। स्टार्टअप गेम चेंजर साबित हो सकता है। आइटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य में अपराध का स्टार्टअप था। मुख्यमंत्री योगी ने वर्ष 2017 के बाद अपराध को सप्ताह करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का स्टार्टअप शुरू किया। कार्यक्रम में नए इनक्यूबेटर्स को संचालित करने के लिए लेटर आफ कंफर्ट (एलओसी) भी जारी की गई।



