
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए संसद में उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठाया। प्रियंका गांधी ने कहा कि गृह मंत्री मानसून सत्र के आखिरी दिन संसद पहुंचे और वो भी सिर्फ वंदे मातरम गाने के लिए। विपक्षी दल लगातार संसद से पीएम मोदी और अमित शाह की अनुपस्थिति पर सवाल उठा रहे थे। आज संसद के दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गए।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘गृह मंत्री आज आए, लेकिन सिर्फ वंदे मातरम गाने। पूरा सत्र बीत गया, लेकिन न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री सदन में उपस्थित रहे। ऐसे में ये लोकतंत्र और संसद कैसे चल सकती है?’

खरगे बोले- क्या आप यहां कमरे में बैठने आते हैं?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘वे संसद में आने के लिए तैया नहीं हैं। जब खुद प्रधानमंत्री हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं, जब गृह मंत्री नहीं आ रहे और ये नहीं कह रहे कि मैं अंदर था, मैं सुन रहा था- तो क्या आप यहां कमरे में बैठने आते हैं? सदन में आइए और हमारी बात सुनिए।’
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और संसद सदस्यों का मनोबल तोड़ रही है। खरगे ने कहा, ‘ये लोग लोकतंत्र को तबाह करना चाहते हैं। संसद सदस्यों का मनोबल तोड़ना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि उनके सामने संसद कुछ नहीं है, वो ही सबकुछ हैं। लेकिन लोग इनके अहंकार को तोड़ेंगे।’
’11 साल में कुछ नहीं बदला’
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 11 वर्षों में कुछ भी नहीं बदला है। उन्होंने मौजूदा नीट मुद्दे की तुलना 2015 में हुए व्यापम विवाद से की। जयराम रमेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं आपको याद दिला दूं कि मानसून सत्र 2026 स्थगित हो गया है। लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है। ठीक 11 साल पहले 2015 में भी व्यापम घोटाले के कारण मानसून सत्र रद्द हो गया था। 11 साल बाद भी युवाओं से जुड़ा मुद्दा है। एक तरह से व्यापम घोटाले जैसा ही एक घोटाला 2013 में नीट में हुआ था।’
राजद ने भी केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला
विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। राजद सांसद संजय यादव ने तो केंद्र सरकार पर संसद का समय और जनता का पैसा बर्बाद करने का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा कि सदन में विधेयक में बिना बहस और चर्चा के पारित किए गए।



