15 महीने बाद झारखंड से पकड़ा गया पटना से 5 करोड़ की ज्वेलरी लूटने का वाला

पटना. शहर के दीघा-आशियाना राेड स्थित पंचवटी रत्नालय में हुई भीषण डकैती (Panchwati jewelers loot) में शामिल एक फरार लुटेरे अजय यादव काे पुलिस ने झारखंड (Jharkhand) से गिरफ्तार कर लिया है. राजीवनगर थाना की पुलिस ने अजय काे चतरा के इटखाेरी स्थित घर से धर दबाेचा. अजय इटखाेरी का ही रहने वाला है. पिछले साल 21 जून काे डकैती की वारदात करने के बाद अजय भागकर दिल्ली चला गया था

जिसके बाद से पुलिस उसके पीछे लगी थी. इसी बीच थानेदार निशांत कुमार काे जानकारी मिली कि अजय घर आया हुआ है.

रविवार को हुई छापेमारी

दाे दिन पहले थानेदार उसको पकड़ने सुरक्षाकर्मियाें के साथ इटखाेरी पहुंच गए और रविवार की रात छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. वहां से उसे पटना लाया गया और पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है. पंचवटी रत्नालय से 13 लाख नकद और 5 कराेड़ के गहने की लूट हुई थी. इस घटना के दाैरान डकैताें ने दुकान मालिक रत्नेश शर्मा और गार्ड दीपू श्रीवास्तव काे पिस्टल के बट से वार कर घायल कर दिया था. यह उस वक्त की बिहार में किसी जेवर दुकान में सबसे बड़ी डकैती थी. रवि पेशेंट समेत 6 काे पुलिस भेज चुकी है जेल 
इस भीषण डकैती में पुलिस सरगना रवि पेशेंट उर्फ रवि गुप्ता उर्फ नेताजी के अलावा सिपू कुमार, विकास कुमार व धर्मेंद्र कुमार समेत छह काे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. अजय सातवां आरोपी है. अभी दाे और आरोपी इस केस में फरार चल रहे हैं. रवि काे ताे पुलिस ने 1 जुलाई 2019 काे झारखंड से दबाेचा और बेउर जेल भेज दिया था. पिछले साल 18 दिसंबर काे जब रवि पटना सिविल काेर्ट में पेशी काे आया था ताे वह पुलिस काे चकमा देकर काेर्ट से फरार हाे गया था. रवि के साथ पटना विवि के इतिहास की प्राेफेसर पापिया घाेष हत्याकांड का सजायाफ्ता आशीष कुमार राय भी फरार हुआ था.

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