
वाराणसी। दालमंडी में एक दिन पूर्व हुई आगजनी की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम उठाने का निर्णय लिया है। नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित किए गए मकानों को गिराने के बाद अब एक साथ बड़ी कार्रवाई की योजना बनाई गई है। मंगलवार को उन 21 मकानों पर जेसीबी से कार्रवाई की जा रही है, जिन्हें नगर निगम ने जर्जर माना था। इसके साथ ही अन्य मकानों को मिलाकर कुल 34 मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है।

दालमंडी में मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और सभी पत्रकारों को चौक थाने के पास रुकने का निर्देश दिया गया है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है, जो सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक समझी जा रही है। संकरी गली होने के कारण यह निर्णय लिया गया है कि सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। इस कार्रवाई की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही है, और एक साथ 34 भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान सुरक्षा कारणों से भारी पुलिस बल को भी क्षेत्र में तैनात किया गया है। जहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है, वहां पर बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा को सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। दालमंडी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अवैध निर्माण और जर्जर भवनों की समस्या बढ़ती जा रही थी, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया था।

इस कार्रवाई के तहत, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं ताकि सभी जर्जर भवनों को समय पर गिराया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी राहत मिलेगी।
पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे ध्वस्तीकरण के दौरान संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें। दालमंडी में चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और इसे सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए सभी संबंधित विभाग एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, दालमंडी क्षेत्र में एक नई शुरुआत की उम्मीद की जा रही है, जो स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करेगी।



