
हैदराबाद । हैदराबाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 13 जून को हैदराबाद के समीप डुंडीगल में वायुसेना अकादमी (एएफए) में होने वाली 217वें कोर्स की संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) का निरीक्षण करेंगे। यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की विभिन्न शाखाओं के फ्लाइट कैडेट के कमीशन पूर्व प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक है। आज जारी की गई एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार, समारोह के दौरान परेड के निरीक्षण अधिकारी के तौर पर सिंह उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षुओं को प्रेसिडेंट्स कमीशन प्रदान करेंगे।

इस समारोह में वायुसेना के फ्लाइट कैडेट तथा नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरी करने पर विंग्स और ब्रेवेट्स भी प्रदान किए जाएंगे। सीजीपी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी साबित होगा। इसमें पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की महिला कैडेट के पहले बैच को कमीशन मिलेगा। ये कैडेट 30 मई, 2025 को उत्तीर्ण हुई थीं तथा शाखा विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए एएफए आयी थीं। सिंह, उड़ान, नौवहन शाखा और स्थल ड्यूटी शाखा में संपूर्ण मेधा सूची में सबसे ऊपर रहने वाले फ्लाइट कैडेट को राष्ट्रपति पट्टिका प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम में सीजीपी की शुरुआत के मौके पर आकाश गंगा और एयर वॉरियर ड्रिल टीम का प्रदर्शन होगा। इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह की अगुवाई में फ्लाई-पास्ट भी होंगे। इस फ्लाई-पास्ट में चार तरह के प्रशिक्षु विमान-पिलाटस पीसी-7 एमके द्वितीय, हॉक, किरण और चेतक-अपना करतब दिखाएंगे। सुखोई-30 एमकेआई, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के हवाई करतब इस समारोह का मुख्य आकर्षण होंगे।



