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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस, मुख्यमंत्रियों ने बाल श्रम के खिलाफ लिया बड़ा संकल्प

नयी दिल्ली। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने बाल श्रम की समस्या पर चिंता जताते हुए इसे समाप्त करने और हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने समाज को जागरूक करने और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में लिखा, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार है। बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन हेतु जागरूकता और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिखा, बालश्रम समाज की एक गंभीर चुनौती है, जो बच्चों के सपनों, शिक्षा और बचपन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

यह उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर कम उम्र में ही जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा देता है। विश्व बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी मिलकर बालश्रम मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का अधिकार सुनिश्चित करने हेतु सामूहिक प्रयास करें। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, हर बच्चे के हाथ में किताब, आंखों में सपना और जीने के लिए सुरक्षित वातावरण हो, यह उसका अधिकार और हमारा दायित्व है। आइए, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल अधिकारों के संरक्षण एवं बच्चों को शिक्षित और सम्मानपूर्ण वातावरण प्रदान करने के लिए संकल्पित हों। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, जहां बचपन सुरक्षित होगा, वहीं भविष्य समृद्ध होगा। बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं। उनका स्थान विद्यालय, खेल का मैदान और संस्कारों की पाठशाला में है, न कि श्रम के बोझ तले। हर बच्चे को शिक्षा, संस्कार और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को बाल श्रम के प्रति जागरूक होकर वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों तक शिक्षा का महत्व पहुंचाना होगा। आइए, विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण तथा हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन दिलाने का संकल्प लें। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लिखा, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आइए हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का संकल्प लें, जहां किसी भी बच्चे का बचपन मजदूरी की भेंट न चढ़े। बाल श्रम न केवल एक कानूनी अपराध है बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी एक बड़ा प्रहार है। आइए, जागरूक नागरिक होने का फर्ज निभाएं, अपने आस-पास बाल श्रम का विरोध करें और हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा व खुलकर जीने का अधिकार दिलाने में अपना योगदान दें। बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लिखा, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आइए संकल्प लें कि हम अपने आसपास किसी भी बच्चे को मजदूरी करने के लिए मजबूर नहीं होने देंगे। हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन का अधिकार है। आइए, जागरूक बनें और अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम बढ़ाएं। बच्चों के हाथों में किताबें हों, औजार नहीं उनके सपनों को उड़ान मिले, मजबूरी नहीं।

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