
लखनऊ में सरोजिनी नगर के पास नवनिर्मित एलिवेटेड रोड मंगलवार सुबह खुलते ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई, जिससे लोगों में खुशी का माहौल दिखा। हालांकि, कुछ वाहन चालकों ने टोल अधिक होने और सुविधाओं की कमी के कारण पुराने कानपुर हाईवे को प्राथमिकता दी।
मंगलवार की सुबह करीब सात बजे सरोजिनी नगर के दरोगा खेड़ा स्थित मीरानपुर पिनवट टोल प्लाजा के पास पीएनसी कर्मियों ने क्रेन लगाकर जैसे ही रास्ते के पत्थरों को हटाया वाहन चालको ने उस पर फर्राटा भरना शुरू कर दिया। देखकर ही लग रहा था कि लोग इस रास्ते के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
इधर लखनऊ से कानपुर जाने वाले तमाम वाहन एक्सप्रेस वे पर चढ़ते दिखाई दिए तो उधर कानपुर से लखनऊ की तरफ से भी बड़ी संख्या में वाहन आते नजर आए। नवनिर्मित एक्सप्रेस वे पर पहली बार वाहनों को दौड़ते देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा था। यहां टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोग भी एक्सप्रेस वे पर दौड़ते वाहनों को टकटकी लगाकर देख रहे थे।

खिले लोगों के चेहरे
वहीं, इस पर गाड़ी दौड़ाने वालों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखाई दी। इसके अलावा सरोजिनी नगर बंथरा, जुनाबगंज, कटी बगिया जिन जगहों से होकर एक्सप्रेस वे गुजरा है इसके किनारे रहने वाले लोग भी ऊपर वाहनों को दौड़ता देख खुशी का अनुभव करते दिखाई दिए। सुबह हर कस्बे और चौराहे पर एक्सप्रेस वे पर वाहनों के संचालन की ही चर्चा थी और लोग इस कार्य के लिए सरकार की प्रसंशा करते भी दिखाई दिए।
हालांकि एक्सप्रेस वे पर वाहनों के संचालन शुरू होने के बावजूद कानपुर हाईवे पर वाहनों की संख्या अधिक थी। यह देखकर लोग अंदाजा लगा रहे थे कि एक्सप्रेस वे पर टोल अधिक होने की वजह से अधिक वाहन पुराने रास्ते से आ रहे हैं।
कानपुर की ओर से कंटेनर लेकर हाईवे के रास्ते आ रहे हरिनाथ यादव ने यही बात बताई। उनका यह भी कहना था कि ऊपर अभी खाने पीने के होटल आदि भी नहीं है जिसकी वजह से वह नीचे पुराने रास्ते से ही जा रहे हैं। वहीं बुकनू का काम करने वाले उन्नाव निवासी अनुराग बाजपेई भी ऊपर अधिक टोल होने की बात कही। उनका कहना है कि नीचे से आने में ही उनका फायदा है।



