
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त 11 युवाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर युवाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। कुछ युवाओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने संघर्ष, सफलता और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं।
बरेली की राजरानी ने सुनाई संघर्ष से सफलता की कहानी
राजरानी ने बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है और उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। आज अपनी कमाई से वह मां का इलाज कराने के साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिसके बाद उन्हें हरियाणा में नौकरी मिली। वर्तमान समय में 27 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। उन्होंने युवतियों से यूपी की सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।
कृष्ण कुमार साहू ने जताया सीएम का आभार
उन्नाव के कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त किया और आज वह एनसीएल (कोल इंडिया का उपक्रम) में लगभग एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर कार्यरत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उनके क्षेत्र से आईटीआई की दूरी लगभग 35 किलोमीटर थी, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र खुलने से ग्रामीण युवाओं को काफी सुविधा मिली है।

स्वरोजगार की मिसाल बनीं भावना दुबे
चंदौली की भावना दुबे ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लिया। उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईटीआई के माध्यम से अनेक बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वर्तमान में उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से 70 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक आय हो रही है।
हेल्थकेयर स्टार्टअप से रोजगार दे रहे ज्ञान प्रकाश
ज्ञान प्रकाश वर्मा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से प्रेरणा लेकर हेल्थकेयर स्टार्टअप की शुरुआत लखनऊ से की। महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनकी कंपनी ने एआई तकनीक आधारित समाधान विकसित किए हैं। उनके स्टार्टअप ने कई युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
शुभ्रा मिश्रा बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल
फर्रुखाबाद की शुभ्रा मिश्रा ने बताया कि आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने एडवांस लेवल का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया और अब अपना काम कर रही हैं। योगी सरकार की योजनाओं से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग पांच लाख रुपये है तथा वह अपने संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को करीब 70 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन भी देती हैं।
मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए युवा
मुख्यमंत्री ने जिन 11 युवाओं को सम्मानित किया, उनमें शीतल कुमारी, नेहा, फरदीन खान, मोहम्मद बिलाल, राजरानी, वर्तिका गुप्ता, अर्जुन पाल, संगीता वर्मा, शिवांग वर्मा, राजीव विश्वकर्मा और विनीता शामिल रहे। अयोध्या की शीतल कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है। उन्होंने कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया था। आज मेदांता में कार्यरत हैं और उन्हें 23 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है।
सरकार की योजनाओं ने आत्मनिर्भर बनने का असवर दिया
गौतमबुद्ध नगर की संगीता वर्मा ने बताया कि उन्होंने नोएडा से आईटीआई का प्रशिक्षण लिया और आज अपना स्वयं का व्यवसाय संचालित कर रही हैं। सरकार की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। लखनऊ की वर्तिका गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अलीगंज स्थित आईटीओटी रिसर्च सेंटर से कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में प्रशिक्षण लिया और ऑल इंडिया रैंक भी हासिल की। शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार के सहयोग से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री से मिलने का सपना पूरा हुआ
हमीरपुर जिले की नेहा ने बताया कि वर्तमान समय में उन्हें 22,800 रुपये प्रतिमाह मिल रहा है। सामान्य परिवार से आने वाली नेहा ने कहा कि आज वह अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर पा रही हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री जी से मिलने का मौका मिलेगा। लेकिन मेरा सपना आज पूरा हो गया है। मुझे बहुत खुशी हो रही है।



