
नयी दिल्ली । जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस की कथित ज्यादती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस घटना की जांच कर रही उच्चाधिकार प्राप्त समिति को अब तक पीड़ितों की ओर से बहुत कम शिकायतें मिली हैं। गुरुवार को सुनवाई के दौरान समिति ने शीर्ष अदालत को यह जानकारी दी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि हिंसा से जुड़ी याचिकाएं, वीडियो और अन्य शिकायतें जांच समिति को उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच आगे बढ़ सके। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि शिकायतों और पर्याप्त सबूतों के अभाव में समिति फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। अदालत ने समिति को समय-समय पर अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।सुनवाई के दौरान समिति ने बताया कि उसने 20 जुलाई की घटना से प्रभावित लोगों से शिकायतें मांगने के लिए देशभर के 149 अखबारों में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कराए थे। इसके बावजूद ऑनलाइन माध्यम और व्यक्तिगत रूप से बहुत कम शिकायतें प्राप्त हुईं। समिति ने बताया कि शिकायतों की संख्या बढ़ाने के लिए 21 अक्टूबर को दोबारा अपील जारी की गई। इसके तहत ऑनलाइन पोर्टल और कार्यालय का पता भी सार्वजनिक किया गया, ताकि पीड़ित अपनी शिकायत और घटना से जुड़े सबूत जमा करा सकें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से संबंधित याचिकाओं, वीडियो फुटेज और शिकायतों को समिति के सामने रखा जाना चाहिए। इससे जांच को आगे बढ़ाने और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की थी। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति शालिंदर कौर, सीबीआई के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व डीजीपी एलआर बिश्नोई शामिल हैं। समिति को हिंसा और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करनी है। दरअसल, 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सवाल उठे थे। यह आंदोलन 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था और छात्रों के नेतृत्व में कई शहरों तक फैल गया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की ओर से सीजेपी की अन्य मांगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जांच समिति को उपलब्ध कराए जाने वाले वीडियो और शिकायतें इस मामले में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
CM योगी: दीपावली पर उपहार के साथ हुनरमंद हाथों का भी करें सम्मान
विजय कुमार निगम लखनऊ:– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आत्मीयता, उल्लास और लोकमंगल की भावना का पर्व है। इस पावन अवसर पर अपने प्रियजनों को उपहार देते समय प्रदेश के हुनरमंद कारीगरों और शिल्पकारों को भी याद रखें। उनकी साधना से उत्तर प्रदेश की कला और शिल्प …
विपक्ष की अराजकता और झूठ का गांव-गांव, घर-घर देंगे जवाब: पंकज चौधरी
विजय कुमार निगम गोरखपुर:- उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि यह नया भारत है, यह मोदी जी का विकसित भारत है, यह विकसित संकल्प वाला भारत है। यहां किसी भी प्रकार की अराजकता और षड्यंत्रकारी राजनीति नहीं चलेगी और विपक्ष के हर झूठ और अराजकता का मुंहतोड़ जवाब …
सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार ने कहा “UGC के नए नियमों पर फिर से विचार के लिए कमेटी बनाएंगे”
नयी दिल्ली । उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले यूजीसी के नए नियमों पर केंद्र सरकार दोबारा विचार कर रही है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने बताया कि वह यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026 की समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने पर विचार कर रही …
विराट कोहली, चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में खेली पारी को वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ इनिंग
नयी दिल्ली ।, भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने गुरुवार को अपने 38वें जन्मदिन के मौके पर चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 34 गेंदों में 43 रनों की अपनी पारी को अपनी सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी के रूप में चुना है। 38 वर्षीय कोहली क्रिकेट प्रेमी देश …
चुनाव आयोग ने बताया SSR का पूरा शेड्यूल, फाइनल वोटर लिस्ट 21 जनवरी 2027 को जारी होगी
नयी दिल्ली । भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (एसएसआर) का पूरा टाइमलाइन घोषित कर दिया। इस प्रक्रिया का मकसद छूटे हुए और पहली बार वोटर बनने योग्य युवाओं को वोटर लिस्ट में जोड़ना है। आयोग के अनुसार, इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट रोल 30 नवंबर तक तैयार कर लिए जाएंगे …
जंतर-मंतर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व जज की कमेटी करेगी जांचय वीडियो और शिकायतें सौंपने के निर्देश
राहुल गांधी को बड़ी राहत, सिखों पर टिप्पणी मामले में एफआईआर की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
प्रयागराज । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सिख समुदाय से जुड़ी कथित विवादित टिप्पणी के मामले में बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चैहान की …
आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए दीप्ति, सदरलैंड और सोभाना अवॉर्ड के लिए नामित
दुबई । भारत की ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के साथ ऑस्ट्रेलिया की सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर एनाबेल सदरलैंड और बांग्लादेशी बल्लेबाज सोभना मोस्तरी को अक्टूबर 2026 के लिए आईसीसी वीमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड के लिए नामित किया गया है। भारत ने हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन …
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला, क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए सीजेपी नेता, पूछताछ में जांच अधिकारियों को पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन
नयी दिल्ली । दिल्ली में सरकारी आदेशों के कथित उल्लंघन, जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन और अनाधिकृत प्रवेश के मामलों में पूछताछ के लिए सीजेपी के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। दोनों नेताओं से 13 अक्टूबर की घटनाओं को लेकर सामान्य जांच …




