
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को चिट्ठी लिखी है।
चिट्टी में राहुल ने लिखा है कि 19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
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दुष्यंत गौतम की मामले में संलिप्तता: राहुल
चिट्ठी में आगे लिखा था, ‘अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।’

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक की मांग
राहुल ने आगे लिखा, ‘दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।’
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
19 साल की अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
बाद में इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन बाद में इस मामले में एक कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। अंकिता के परिवार ने इस पहलू की जांच की मांग की है।



