
कानपुर। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को डिजिटल रूप से मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी प्रत्येक जिले में करीब पांच-पांच हजार डिजिटल योद्धाओं को तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 23 जून से शुरू हुआ विशेष डिजिटल प्रशिक्षण अभियान अब छह जुलाई तक चलेगा। अभियान के माध्यम से संगठन के कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया, डिजिटल संवाद और आनलाइन प्रचार-प्रसार के आधुनिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पदाधिकारियों को खासकर एआइ के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

भाजपा नेताओं का मानना है कि चुनावी राजनीति में डिजिटल माध्यमों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बूथ स्तर तक प्रशिक्षित डिजिटल कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार कर पार्टी अपनी पहुंच और संवाद क्षमता को और मजबूत करना चाहती है।
इसी उद्देश्य से मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के संचालन के लिए सोशल मीडिया एवं आईटी विभाग के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने जिला, मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ समितियों के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी अनिवार्य की है। सक्रिय कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफार्म के प्रभावी उपयोग, पार्टी की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों को सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने, विपक्षी पार्टियों के भ्रामक सूचनाओं का तथ्यात्मक जवाब देने तथा डिजिटल संवाद को मजबूत करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह अभियान केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम, सशक्त और संवादशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, आनलाइन अभियान संचालन और संगठनात्मक समन्वय के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा बूथ स्तर तक अपनी डिजिटल पकड़ मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि प्रत्येक बूथ पर प्रशिक्षित डिजिटल कार्यकर्ता मौजूद रहे, जो संगठन की गतिविधियों और सरकार की योजनाओं की जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंचा सके। इसी रणनीति के तहत जिले में बड़े स्तर पर डिजिटल योद्धाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के माध्यम से झूठी सूचनाओं का भी खंडन करने के लिए तैयार किया जा रहा है।



