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ग्राम पंचायतों के डिजिटल होने से मिलेगी विवाद निपटारे में मदद


मथुरा। स्वामित्व योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजन व राजस्व संग्रह को सुचारू बनाने और संपदा अधिकारों पर  स्पष्टता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। संपत्ति संबंधी विवादों के समाधान में भी सहायता मिलेगी सहायता मिलेगी।
   ग्रामीण विकास मंत्रालय, अपर सचिव भूमि व्यवस्था विभाग भारत सरकार हुकुम सिंह मीना ने कहा है कि जनपद मथुरा सहित पूरे प्रदेश में पंचायतों को डिजिटली रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने अनेक कार्यक्रम चला रही है। पंचायत राज मंत्रालय की एक नई पहल स्वामित्व योजना के बारे में दिशा निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण लोगों को उनकी आवासीय संपत्तियों के दस्तावेज के साथ अधिकार प्रदान करना है, ताकि वे आर्थिक प्रयोजनों के लिए अपनी संपति का इस्तेमाल कर सकें।
जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम फिलहाल छह राज्यों में प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया है। इसके तहत नवीनतम सर्वेक्षण पद्धतियों और ड्रोन का इस्तेमाल कर ग्रामीण आवासन भूमि का मानचित्रण किया जा सकता है। सुचारू बनाने और संपदा अधिकारों पर स्पष्टता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे संपत्ति संबंधित विवादों के समाधान में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि अगले साल गांव के बसे हुए क्षेत्रों के वास्तविक सर्वेक्षण और मानचित्रण के लिए मंच तैयार करेंगे।
अपर सचिव भूमि व्यवस्था ने इस अवसर पर ई-ग्राम स्वराज के बारे में एक मानक संचालन प्रक्रिया-एसओपी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के पालन से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पंचायतों को दी गई धनराशि का दुरूपयोग न हो और इसके इस्तेमाल में पारदर्शिता कायम की जा सके।
श्री मीना ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजन तथा राजस्व संग्रह के जरिए पंचायती राज मंत्रालय के भुगतान पोर्टलों, प्रिया सॉफट और पीएफएमएस को एकीकृत करते हुए एक सुदृढ़ वित्तीय व्यवस्था कायम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों को डिजिटली सशक्त बनाने के लिए एक अभियान चलाने की आवश्यकता है।
यह पंचायतों की विश्वसनीयता बढ़ाने में भी मदद करेगा, जो पीआरआई को धन के अधिक से अधिक विकास के लिए प्रेरित होगा। इसके अलावा, ई-ग्राम स्वराज उच्च अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी के लिए एक मंच प्रदान करने के निर्देश दिये। यह पंचायतों की सभी योजनाओं और लेखांकन आवश्यकताओं के लिए एक एकल मंच होगा। बैठक में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सतीश कुमार त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी गोवर्धन राहुल यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
 

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