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CM योगी के निर्देश पर सौहार्द बिगाड़ने वाली Ghooskhor Pandat वेब सीरीज पर एफआईआर

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की गई है। लखनऊ में हजरतगंज कोतवाली में ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

ओटीटी प्लेटफार्म पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ अपने रिलीज से पहले विवादों में घिरती जा रही है। इसके आपत्तिजनक कंटेंट पर पुलिस ने हजरतगंज थाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को कार्रवाईकी है। फिल्म के निदेशक नीरज पांडेय व उनकी टीम पर मुकदमा खुद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि फिल्म में जाति विशेष (ब्राह्मण) के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर अपमानित किया गया है। समाज में शांति और सद्भाव बिगाड़ने, वैमनस्यता फैलाने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया है। मुकदमा विभिन्न समूहों के बीच नफरत बढ़ाने (बीएनएस 196), धार्मिक आस्था को अपमानित करने (बीएनएस 299), शांतिभंग (352) और आइटी एक्ट की धारा 66 में दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि नेटफ्लिक्स पर फिल्म का ट्रेलर प्रसारित हुआ था। निदेशक ने समाज में वैमनस्यता फैलाने के लिए ऐसा किया है। कई संगठन प्रदर्शन की तैयारी में हैं, इसलिए इसे देखते हुए निदेशक और उनकी टीम पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर जातिगत भावनाएं आहत करने के साथ ही वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण के आरोप पर कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है।

आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट

लखनऊ के थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण

फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम ने समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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