International Yoga Day 2019: रोजाना सिर्फ 30 मिनट के योग से पाएं फिट बॉडी

योग व्यक्ति को अपने कार्यों में दक्ष बनाता है। हमें उत्साहित और ऊर्जावान बनाता है। शांति, खुशी और मुस्कुराहट के भाव पैदा करता है। हमारे अंदर खुशी के भाव तभी स्थायी रह सकेंगे, जब हम अंदर से खुश हों। योग का मकसद ही है कि दैनिक जीवन में हमारी खुशी और मुस्कुराहट बनी रहे। जानते हैं ऐसे कुछ आसनों के बारे में।

सूर्य नमस्कार

बैलेंस के साथ ही इसक हर एक आसन डाइजेशन के लिए बहुत ही अच्छा है। हाथों, कंधों, बैक, गर्दन और पैरों की मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाता है। स्पाइन की फ्लैक्सिबिलिटी के साथ ही हिप बोन्स को भी ओपन करता है। स्ट्रेस और डिप्रेशन के मरीजों के लिए भी सूर्य नमस्कार बहुत ही बेहतरीन आसन है। रोजाना इसे करने से आपकी बॉडी फ्लैक्सिबल होने के साथ ही रोगों से मुक्त हो जाती है।

पद्मासन

पद्मासन थकान को काफी हद तक दूर करने में सहायक होता है। इस आसन से शरीर की सभी नाडि़यां सुचारु रूप से कार्य करती हैं साथ ही शरीर स्वस्थ रहता है। नियमित पद्मासन करने से चेहरे की आभा बढ़ती है और मन भी शांत होता है।

ताड़ासन

गहरी लंबी सांस लेने से फेफड़ों में ऑक्सीज़न का संचार अच्छे से होता है। लंबाई बढ़ाने के लिए ये बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज़ है। महिलाओं से मासिक धर्म की अनियमितता और अपच की प्रॉब्लम को दूर करता है ये आसन।

च्रकासन

लिवर, पैनक्रियाज, किड़नी, हाथ, कंधे, कलाई और पैरों को स्ट्रॉन्ग बनाता है च्रकासन। अस्थमा, ऑस्टियोपोरोसिस और इनफर्टिलिटी के लिए भी बहुत ही फायदेमंद है ये आसन। थॉयराइड और पिट्यूटरी ग्लैंड्स की अनियमितता को सुधारता है। डिप्रेशन दूर करने के साथ आपको रखता है एनर्जेटिक।

धनुरासन

धनुरासन बैक और पेट दोनों को साथ-साथ बनाता है स्ट्रॉन्ग। पेट से जुड़ी किसी भी तरह की प्रॉब्लम को सुधारने में ये आसन है कारगर। अगर आप मोटापे से परेशान हैं तो इस आसन को अपने दिनचर्या में करें शामिल। डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद है ये आसन।

भुजंगासन

फ्लैक्सिबिलिटी को बढ़ाना है या चाहिए डिप्रेशन से छुटकारा, भुजंगासन इन दोनों का है बेहतर इलाज। जिनका हाजमा ठीक नहीं रहता है या फिर जिन्हें कब्ज व गैस की समस्या रहती है, उन्हें इस आसन को अवश्य करना चाहिए। सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, ब्रॉनकाइटिस, स्लिप डिस्क और दमा से पीडि़त लोगों के लिए यह आसन बहुत उपयोगी है। इससे फेफड़े भी स्वस्थ रहते हैं।

शशांकासन

अक्सर महिलाओं को किचन में काम करते हुए या घर के अन्य कार्र्यो को अंजाम देते समय कमर झुकानी पड़ती है या फिर उनके पोस्चर्स सही नहीं होते हैं। इससे अक्सर उनको कमर दर्द की शिकायत रहती है। यह आसन कमर दर्द में काफी राहत प्रदान करता है साथ ही रक्तसंचार सही रहता है। इस आसन से मन भी शांत होता है।

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