जोखिम क्षेत्र में चार-पांच दिनों में पूरे सर्किल को कवर करने के लिए लगाएं टीमें: योगी आदित्यनाथ


-कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर प्रभावी रोक के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

लखनऊ, (आरएनएस ) प्रदेश में कोरोना के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि जोखिम क्षेत्र (कंटेनमेंट जोन) में इतनी टीमों को लगाया जाए, जो कि चार-पांच दिन के अंदर पूरे सर्किल को कवर कर सकें। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे के बाद संदिग्ध मामलों में शीघ्रता के साथ रैपिड एंटीजन टेस्ट या आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया जाए।

उन्होंने कहा कि कोविड पाॅजिटिव मरीज की प्रभावी ढंग से काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए। एसिम्प्टोमैटिक मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें होम आइसोलेशन अथवा एल-1, एल-2, एल-3 अस्पतालों में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्विलांस और डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से हम कोविड संक्रमितों का पता लगाकर स्थिति नियंत्रण में कर सकते हैं। इससे मृत्यु दर में भी कमी आएगी। संक्रमित व्यक्ति का पता लगते ही उसे उसकी स्थिति के अनुसार होम आइसोलेशन अथवा एल-1, एल-2, एल-3 अस्पताल भेजा जा सकता है। सभी कोविड अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए ताकि मरीज शीघ्र ठीक हो सके। कोविड अस्पतालों में मरीजों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 05 माह से राज्य सरकार कोरोना से निपटने के लिए रणनीति बनाकर कार्य कर रही है। इसके अच्छे परिणाम भी मिले हैं। लेकिन, अभी कोविड-19 से निपटने के लिए हमें मजबूती से और प्रयास करने होंगे। सभी जनपदों में कोविड-19 से निपटने के लिए स्थापित किए गए इंटीग्रेटेड कमाण्ड ऐण्ड कण्ट्रोल सेण्टर को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। इस सेण्टर से होम आइसोलेटेड कोविड मरीज से दिन में दो बार उसकी स्थिति की जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी कण्ट्रोल सेण्टर के सम्बन्ध में दिन में दो बार बैठक कर स्थिति की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के पूर्व प्रदेश में सफलतापूर्वक आरोग्य मेले आयोजित किए जा रहे थे। इन आरोग्य मेलों को पुनः प्रारम्भ करने पर विचार किया जाए। आरोग्य मेले प्रत्येक रविवार को आयोजित किए जाएं, इससे अधिक से अधिक लोग आरोग्य मेलों का लाभ ले सकेंगे। आरोग्य मेलों के साथ टीकाकरण अभियान को भी जोड़ा जाना चाहिए। आरोग्य मेलों के अवसर पर कोविड-19 का एण्टीजन टेस्ट कराए जाने की व्यवस्था भी की जाए।

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