
सिंगापुर दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक निवेश को प्रदेश की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (GIC) के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान राज्य में दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आज सिंगापुर में GIC के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री लिम चाउ कियाट और उनके डेलीगेशन के साथ एक अच्छी मीटिंग हुई। उत्तर प्रदेश में लंबे समय के इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट के लिए रास्ते तलाशे गए, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल पार्क और सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में।” उन्होंने आगे लिखा, “उत्तर प्रदेश में GIC की मौजूदा पार्टनरशिप की तारीफ हुई, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में IRB के साथ इसका जुड़ाव और राज्य में ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है।” बैठक में राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस पहल की गई।
मुख्यमंत्री ने GIC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिम चो किआट और उनकी टीम को प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, मजबूत कानून-व्यवस्था, सुशासन और तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढाँचे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक की आबादी के साथ यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।

यूपी में निवेश की व्यापक संभावनाएँ
बैठक में औद्योगिक कॉरिडोर के आसपास लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटीग्रेटेड टाउनशिप, वाणिज्यिक रियल एस्टेट और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, डिफेंस कॉरिडोर और डेटा सेंटर पार्क निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को भविष्य के अनुरूप औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है, इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
CM योगी की सिंगापुर यात्रा के पहले दिन UP को क्या हुआ हासिल?
GIC दुनिया की अग्रणी दीर्घकालिक निवेश संस्थाओं में से एक है, उसका भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, फिनटेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के क्षेत्रों में मजबूत निवेश आधार है। ऐसे में मुख्यमंत्री और GIC के बीच हुई यह बातचीत उत्तर प्रदेश में वैश्विक पूँजी निवेश को नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है। इस बातचीत के बाद सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी कामयाबी हासिल हुई। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को लखनऊ में डेटा सेंटर स्थापित करने का आमंत्रण दिया और राज्य में अनुकूल निवेश वातावरण का भरोसा दिलाया। दौरे के दौरान यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल ₹6,650 करोड़ के निवेश समझौते हुए, जिससे ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को बड़ी निवेश सौगात मिली है।
जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर एक इंटरनेशनल थीम्ड टाउनशिप विकसित करने का भी प्रस्ताव है, जिसमें लगभग ₹3,500 करोड़ का निवेश किया जाएगा और करीब 12,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा कानपुर–लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ में एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें ₹650 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7,500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 40 मेगावाट क्षमता वाले हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क की भी योजना है, जिसमें ₹2,500 करोड़ का निवेश होगा। इन समझौतों से स्पष्ट है कि निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश पर लगातार बढ़ रहा है और राज्य वैश्विक पूंजी के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनकर उभर रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी इस समय यूरोप दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री का यह सिंगापुर दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


