
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान समारोह में बड़ी सौगात दी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार व सहायिकाओं का मानदेय चार हजार से बढ़ाकर छह हजार करने का ऐलान किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए चार प्रमुख योजनाओं के साथ काम कर रही है। इनमें मानदेय में वृद्धि, पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा, साड़ी की संख्या बढ़ाना और स्मार्टफोन उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और स्मार्ट बनाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार बनने के बाद इसे बढ़ाकर आठ हजार रुपये और अब 12 हजार रुपये किया गया। सहायिकाओं का मानदेय भी बढ़ाकर छह हजार रुपये किया गया है।

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब तक 1.28 लाख स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। स्मार्टफोन से कार्यकर्ताओं के काम को आसान बनाने में मदद मिली है। पहले दो साड़ियां मिलती थीं, अब एक और साड़ी दी जाएगी। इसके लिए 500 रुपये की राशि भी जोड़ी गई है। इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम में अंबेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बस्ती और गोंडा से करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बुलाया गया था।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन होगा
– मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन होना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल किया जाएगा या अलग से बजट की व्यवस्था कर भवनों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का बचपन व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। यदि बचपन सुरक्षित और स्वस्थ रहेगा तो यही स्वस्थ बचपन समर्थ और स्वस्थ भारत की संकल्पना को पूरा करेगा। स्वस्थ और समर्थ भारत प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने का आधार बनेगा। इसी संकल्पना का आधार आंगनबाड़ी केंद्र होंगे।



