
फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान (एआई2379) में 300 फीट के अचानक आए ड्रॉप और यात्रियों के घायल होने के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस उड़ान के पायलट-इन-कमांड (मुख्य पायलट) का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया है।
एअर इंडिया के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के बाद तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत दोनों पायलटों का अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस (डोप) टेस्ट कराया गया था। शुरुआती स्क्रीनिंग रिपोर्ट में मुख्य पायलट के सैंपल पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद अंतिम और विस्तृत पुष्टि के लिए उनके सैंपल को एक और प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया था।

गांजा के सेवन की हुई पुष्टि
सूत्रों ने पुष्टि की है कि लैब से आई दूसरी रिपोर्ट में भी पायलट के मारिजुआना (गांजा) के सेवन की पुष्टि हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि टर्बुलेंस की इस घटना के तुरंत बाद विमान में सवार यात्रियों ने भी पायलट के नशे की हालत में होने का आरोप लगाया था और उनकी स्थिति पर सवाल उठाए थे।
हालांकि, पायलट की इस कंफर्मेटरी लैब रिपोर्ट और गांजे के सेवन के खुलासे को लेकर एअर इंडिया की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पक्ष जारी नहीं किया गया है।
सख्त कानूनी कार्रवाई की लटकी तलवार
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और सुरक्षा एजेंसियां इस रिपोर्ट को बेहद गंभीरता से ले रही हैं, क्योंकि उड़ान के दौरान 13 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल हुए थे। अब इस डोप रिपोर्ट को भी आधिकारिक जांच रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे पायलट पर सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
क्या टर्बुलेंस के वक्त सीट पर मौजूद नहीं थे मुख्य पायलट?
इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू पर तेजी से चर्चा हो रही है। उड्डयन गलियारों और जांच एजेंसियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब विमान अचानक 300 फीट नीचे गिरा, तब क्या पायलट-इन-कमांड ककपिट में अपनी सीट पर मौजूद थे या नहीं?
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ब्लैक बॉक्स के ‘कॉकपिट वायस रिकार्डर’ (सीवीआर) और ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (एफडीआर) के जरिए यह सटीक समय पता लगाने में जुटी है कि घटना के वक्त मुख्य पायलट अपनी सीट पर थे, कॉकपिट से बाहर थे या फिर विमान पूरी तरह से फर्स्ट आफिसर (सह-पायलट) के नियंत्रण में था।
इससे पहले, Air India के आउटगोइंग CEO कैंपबेल विल्सन ने मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और DGCA के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। विल्सन ने बैठक के बाद कहा कि मीटिंग में जांच की स्थिति को लेकर अपडेट दिया गया।
300 फीट नीचे आ गया था विमान
बता दें, 4 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट एआई2379 (एयरक्राफ्ट ए320, वीटी-ईएक्सओ) क्रूज के दौरान अचानक करीब 300 फीट नीचे गिर गई थी। विमान में 137 यात्री थे, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा आठ क्रू सदस्य विमान में सवार थे। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। बाद में फ्लाइट स्थिर हुआ और दिल्ली में सुरक्षित लैंड कर गया।
घटना की जांच एएआईबी कर रहा
इस घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के एनेक्सचर 13 के तहत कर रहा है। वहीं घटना की जांच के लिए एयरबस और बीईए की टीम भी दिल्ली पहुंच रही है।



