
विधान सभा चुनाव से पहले सरकार ने बिक्री कर, व्यापार कर और वैट के आकलन में खामियों के कारण लगे अर्थदंड और ब्याज से व्यापारियों को राहत के लिए ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। व्यापारी तीन माह तक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे, लेकिन मूल धन जमा करने के बाद ही योजना का लाभ मिल सकेगा। इससे पहले भी सरकार इस तरह की योजना चुकी है।
इस योजना का लाभ 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कर कानूनों के तहत सृजित बकायों पर मिलेगा। इसके दायरे में बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956,आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, व्यापार कर अधिनियम-1995, प्रवेश कर अधिनियम-2007 और मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के तहत दर्ज बकाये शामिल होंगे।
मनोरंजन कर से भी संबंधित मामले योजना में शामिल
मनोरंजन कर से संबंधित मामलों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे पुराने कर मामलों में फंसे व्यापारियों को राहत मिलेगी और बकाया राशि के निस्तारण का अवसर मिलेगा। इससे पहले भी सरकार वर्ष 2020 जब यह योजना लाई थी, तब व्यापारियों 60 करोड़ रुपए ब्याज और अर्थदंड माफ किया गया था, उस वर्ष मूल धन के रूप में सरकार के खजाने में 125 करोड़ रुपए जमा हुए थे। वर्ष 2021 में भी ऐसी ही योजना लागू की गयी थी। पांच साल बाद कैबिनेट ने फिर से ब्याज और अर्थदंड योजना लागू की है।

मीरजापुर व मुजफ्फरनगर में टाउनशिप
प्रदेख सरकार मीरजापुर-विन्ध्याचल और मुजफ्फरनगर में नई टाउनशिप विकसित करने के लिए सरकार 164.87 करोड़ रुपये देगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत भूमि अर्जन के लिए बतौर सीड कैपिटल 115 करोड़ रुपये की पहली किस्त जल्द ही संबंधित विकास प्राधिकरण को दी जाएगी।
शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। विभागीय विशेष सचिव राजेश कुमार राय ने बताया कि 164.87 करोड़ रुपये में से 111.40 करोड़ रुपये मुजफ्फरनगर और 53.47 करोड़ रुपये मीरजापुर को मिलेंगे। फिलहाल पहली किस्त के तौर पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये और मीरजापुर विकास प्राधिकरण को 40 करोड़ रुपये जल्द दे दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित व सुव्यवस्थित विकास के साथ-साथ नगरीय जनसंख्या को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना छह अप्रैल 2023 से लागू है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष में 3500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था कर विकास प्राधिकरणों को भूमि अर्जन के खर्च का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार, सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्ष के लिए दे रही है। मुजफ्फरपुर प्राधिकरण को शेरनगर में 27.64 हेक्टेयर भूमि और मीरजापुर को नटवा व बहसी गांव की 19.82 हेक्टेयर भूमि आर्जित कर उस पर टाउनशिप विकसित करने के लिए धनराशि दी गई है।



