
संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष का हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा में आज कोई काम नहीं हुआ और लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में आते ही सदस्यों से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सम्मान में खड़े होने की अपील की। इसके बाद लोकसभा में वंदे मातरम का गायन हुआ और इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्ष का विरोध प्रदर्शन रहा जारी
लोकसभा स्थगित होने के बाद भी विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। सपा सांसदों ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर सराकर को घेरा। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने तय किया है कि वे कनाट प्लेस के हनुमान मंदिर जाएंगे। अब भगवान हनुमान ही भगवान राम के चंदे की सुरक्षा कर सकेंगे।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि ‘सरकार सदन चलवाने में असफल रही। सदन तभी चलता है, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष बातचीत करें और सदन चलाने का रास्ता ढूंढें। लेकिन सरकार ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरे सत्र में सदन में उपस्थित नहीं हुए। इससे क्या संकेत मिलता है? इससे पता चलता है कि उनके लिए सदन का कोई महत्व नहीं है और इसलिए उन्होंने लगातार सदन की अवहेलना की।

राज्यसभा में आज क्या हुआ?
- राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। हालांकि विपक्ष के हंगामे के बीच भी सरकार ने सदन में खान और खनिज संशोधन विधेयक पारित करा लिया।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि कल वे हल्द्वानी गए, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। वहां आज भाजपा के नेताओं ने शुद्धिकरण हवन किया। खरगे ने कहा कि यह लोकतंत्र और देश के लिए ठीक नहीं है। खरगे ने चेताया कि इससे देश बंटेगा। इस मुद्दे पर आज राज्यसभा में खूब हंगामा हुआ।
- हालांकि भाजपा नेता जेपी नड्डा ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी।
संसद के मानसून सत्र में कितना काम हुआ?
मानसून सत्र जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और अमित शाह के सदन नहीं आने के मुद्दे पर खासा हंगामेदार रहा। मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में कुल 37 घंटे, 49 मिनट ही काम हुआ। इस दौरान 12 विधेयकों पर चर्चा और पारित किया गया। आखिरी दिन भी खान और खनिज संशोधन विधेयक को राज्यसभा से पारित कराया गया।
लोकसभा में भी मानसून सत्र के दौरान 11 विधेयक पेश या पारित कराए गए। इनमें सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक 2026, सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, केरल का नाम बदलने वाला विधेयक भी शामिल है।



